स्वास्थ्य विभाग में सरकारी नौकरी लगवाने का झांसा देकर नर्सिंग अधिकारी से 32 लाख रुपये की धोखाधड़ी करने वाले आरोपी चारू चंद्र जोशी को नेहरू कॉलोनी पुलिस ने पिथौरागढ़ नेपाल सीमा से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के मुताबिक आरोपी नेपाल भागने की फिराक में था और लगातार अपने ठिकाने बदल रहा था। पुलिस ने उसे एंचोली क्षेत्र से गिरफ्तार करने के बाद ट्रांजिट रिमांड पर देहरादून लाया।
स्वास्थ्य विभाग में संविदा कर्मी रह चुका है आरोपी
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी वर्ष 2016 में स्वास्थ्य विभाग में संविदा पर फार्मासिस्ट के पद पर कार्यरत था। वर्ष 2022 में नैनीताल में धोखाधड़ी और दुष्कर्म के मामलों में जेल जाने के बाद उसे स्वास्थ्य विभाग की नौकरी से हटा दिया गया था। इसके बाद उसने अपनी पूर्व नौकरी और विभागीय पहचान का फायदा उठाकर नौकरी की तलाश कर रहे युवाओं को ठगना शुरू कर दिया।
अधिकारियों से करीबी संबंध होने का दावा कर करता था ठगी
पूछताछ में चारू चंद्र जोशी ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग में संविदा पर फार्मासिस्ट के रूप में काम करने के कारण उसे विभागीय कामकाज और अधिकारियों की जानकारी थी। इसी पहचान का इस्तेमाल कर वह खुद को स्वास्थ्य विभाग में नियुक्त बताता और अधिकारियों से करीबी संबंध होने का झांसा देता था। नौकरी की तलाश कर रहे युवाओं को सरकारी नौकरी लगवाने का भरोसा देकर उनसे मोटी रकम वसूलता था। वर्तमान मामले में महिला से मिली रकम का अधिकांश हिस्सा उसने अपने खिलाफ दर्ज पुराने मामलों के सेटलमेंट में संबंधित लोगों को देने की बात कही है। पुलिस इन दावों का दस्तावेजी और अन्य साक्ष्यों से सत्यापन कर रही है। जांच में अब तक आरोपी के किसी परीक्षा एजेंसी या चयन प्रक्रिया से जुड़े व्यक्ति के संपर्क में होने का कोई साक्ष्य नहीं मिला है। पुलिस के अनुसार, प्रथम दृष्टया मामला व्यक्तिगत स्तर पर नौकरी का झांसा देकर की गई धोखाधड़ी का सामने आया है।






