काैमी इंसाफ मोर्चा का पंजाब बंद: मोहाली में हाईवे जाम, रेल सेवा पर असर नहीं

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कौमी इंसाफ मोर्चा सजा पूरी कर चुके बंदी सिखों की रिहाई, जेल में बंद जगतार सिंह हवारा को कम से कम 10 दिन की पैरोल की मांग कर रहा है। साथ ही मोर्चा चंडीगढ़ में 15 अगस्त की कार्रवाई के दौरान हिरासत में लिए गए लोगों की बिना शर्त रिहाई की भी मांग कर रहा है। बंद को कई संगठनों ने अपना समर्थन दिया है। जानें…

 

 

अमृतसर में भी दिखा पंजाब बंद का व्यापक असर

बंदी सिंहों की रिहाई और जगतार सिंह हवारा को पैरोल देने की मांग को लेकर कौमी इंसाफ मोर्चा की ओर से पंजाब बंद के आह्वान का अमृतसर में भी व्यापक असर देखने को मिला। शहर के विभिन्न इलाकों में सिख संगठनों के कार्यकर्ताओं ने मार्च निकालकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों के हाथों में बैनर और झंडे थे। इस दौरान वाहनों और ट्रैक्टर-ट्रॉलियों का काफिला भी नजर आया। लाउडस्पीकर से लोगों से बंद को सफल बनाने की अपील की गई।

बंद के चलते कई स्थानों पर बाजार, दुकानें और कारोबारी प्रतिष्ठान बंद रहे। प्रदर्शनकारियों ने ‘बंदी सिंह रिहा करो’ समेत कई नारे लगाए। सिख नेता भाई मुहकम सिंह ने केंद्र सरकार से सिखों की मांगों पर ध्यान देने की अपील की। उन्होंने कहा कि बंदी सिंहों की रिहाई के लिए पहले भाई गुरबख्श सिंह और सूरसिंह खालसा ने लंबी भूख हड़ताल की थी। अब कौमी इंसाफ मोर्चा लंबे समय से उनकी रिहाई की मांग कर रहा है।

भाई मुहकम सिंह ने आरोप लगाया कि सरकारों की ओर से किए गए वादे पूरे नहीं हुए और बंदी सिंहों को रिहाई के साथ पैरोल भी नहीं दी जा रही। उन्होंने कहा कि अलग-अलग समुदायों के लोगों ने कारोबार बंद रखकर एकजुटता का संदेश दिया है।

दूसरी ओर भाई रणजीत सिंह ने दावा किया कि पंजाब बंद को लोगों का समर्थन मिला और कई जगह दुकानें, कारखाने, पेट्रोल पंप व कुछ बैंक भी बंद रहे। उन्होंने कहा कि कुछ स्थानों पर यातायात भी प्रभावित हुआ और सड़कें जाम की गईं। उनके अनुसार पंजाब बंद का आह्वान दोपहर दो बजे तक किया गया था। उन्होंने कहा कि बंदी सिंहों की रिहाई का संघर्ष जारी रहेगा और भाई जगतार सिंह हवारा को पैरोल मिलने की भी उम्मीद है।

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लालड़ू में बंद का मिला जुला असर

पंजाब बंद के आह्वान का लालड़ू , हंडेसरा सहित आस पास इलाके में असर देखने को मिला। अकाली दल वारिस पंजाब ने इस बंद का समर्थन किया। अंबाला चंडीगढ़ हाईवे पर स्थित लालड़ू क्षेत्र में आवाजाही सुचारू थी जबकि अंबाला नारायणगढ़ मार्ग पर स्थित हंडेसरा में अकाली दल वारिस पंजाब के वरिष्ठ नेता और शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) सदस्य निरमैल सिंह जौला के नेतृत्व में जाम लगाया गया। सुबह से ही लालड़ू मंडी व हंडेसरा बाजार की दुकानें, प्राइवेट स्कूल पूरी तरह बंद थे। जबकि कैमिस्ट, डाक्टर, दूध डेयरी की दुकानें और सरकारी संस्थान खुले थे। निरमैल सिंह जौला ने कहा कि बंदी सिंह अपनी सजा पूरी करने के बावजूद जेलों में बंद हैं और नारकीय जीवन जीने को मजबूर हैं। उन्होंने कहा कि बंदी सिंहों की रिहाई के मामले में विभिन्न सरकारों का रवैया एक जैसा रहा है।

जालंधर में बंद का व्यापक असर

जालंधर में बंद का असर दिखा है। सिख संगठन गुरु नानक मिशन चौक सहित विभिन्न इलाकों में धरना लगाकर बैठ गये हैं। बाजार और मुख्य मार्ग भी पूरी तरह से बंद हैं। प्रमुख बाजारों और चौराहों पर पुलिस फोर्स तैनात की गई है।

मुक्तसर में बंद को भरपूर समर्थन

बंदी सिंहों की रिहाई के लिए कौमी इंसाफ मोर्चा के पंजाब बंद के आह्वान पर मुक्तसर पूरी तरह बंद रहा। हालांकि, आवश्यक वस्तुओं की दुकानों सहित मेडिकल स्टोर खुले रहे। बस स्टैंड से किसी भी रूट पर बसें रवाना नहीं हुईं। इस दौरान स्कूल, कॉलेज, बाजार, व्यावसायिक संस्थान और हाईवे पर यातायात बंद रहा, जबकि एम्बुलेंस, अस्पताल और फायर ब्रिगेड जैसी आपातकालीन सेवाएं जारी रहीं।

शहर के बाजारों में सन्नाटा पसरा रहा। बस स्टैंड भी यात्रियों से खाली नजर आया और बंद के दौरान वहां केवल इक्का-दुक्का यात्री ही दिखे। सड़क यातायात बंद रहने के दौरान रेल यातायात सुचारू रूप से चलता रहा।

शहर में पुलिस प्रशासन द्वारा सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके।

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मोहाली बस अड्डे पर थमा बसों का पहिया

बंद की कॉल का मोहाली में व्यापक असर देखने को मिला। बंद के चलते मोहाली बस अड्डे पर सरकारी और निजी बसों का संचालन पूरी तरह ठप रहा। इससे यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा और बस अड्डे पर सन्नाटा पसरा रहा।

बंद के मद्देनजर मोहाली पुलिस की ओर से सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। डीएसपी हरसिमरन सिंह बाल ने बताया कि सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए मोहाली के अलग-अलग स्थानों पर करीब 1500 पुलिस कर्मचारियों को तैनात किया गया है। पुलिस की टीमें लगातार स्थिति पर नजर रख रही हैं, ताकि किसी भी अप्रिय घटना से निपटा जा सके।
डीएसपी ने कहा कि शरारती तत्वों पर भी पुलिस की विशेष नजर है और कानून व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने लोगों से शांति बनाए रखने और किसी भी अफवाह पर विश्वास न करने की अपील की है। वहीं फेज 7-8 की मेन लाइट पॉइंट पर मोर्चा के सदस्यों ने जाम लगाकर सड़क को बंद कर दिया।

कोटकपूरा में पंजाब बंद का मिला-जुला असर

कोटकपूरा में कौमी इंसाफ मोर्चे की ओर से दिए गए पंजाब बंद के आह्वान का मिला-जुला असर देखने को मिल रहा है। हालांकि शहर के ज्यादातर बाजारों में दुकानें बंद हैं, लेकिन सड़कों पर वाहनों की आवाजाही जारी है। ट्रांसपोर्ट सेवाएं बंद रहने के कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

इस दौरान बत्तियां वाला चौक में सिख संगठनों की ओर से बंदी सिंहों की रिहाई की मांग को लेकर नारेबाजी की गई। इस मौके पर बातचीत करते हुए अकाली दल वारिस पंजाब के सीनियर नेता रछपाल सिंह सोसन ने कहा कि कौमी इंसाफ मोर्चे की प्रमुख मांगों में जत्थेदार भाई जगतार सिंह हवारा को तुरंत पांच दिन की पैरोल देना शामिल है। उन्होंने कहा कि पहले 10 दिन की पैरोल की मांग की जा रही थी, लेकिन बातचीत के बाद पांच दिन की पैरोल पर सहमति बनी है। उन्होंने कहा कि इसके अलावा सजा पूरी कर चुके बंदी सिंहों को रिहा करने, सांसद अमृतपाल सिंह खालसा समेत अन्य सिख नेताओं पर दर्ज झूठे मामलों को रद्द कर उन्हें रिहा करने की भी मांग की जा रही है।

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पंजाब बंद का चंडीगढ़ में नहीं दिखा कोई खास असर

पंजाब बंद को लेकर जीरकपुर और मोहाली के हिस्से में लोगों ने दुकान बंद की हुई है और पब्लिक ट्रांसपोर्ट भी कहीं ना कहीं बंद के कारण अव्यवस्थित रहा, लेकिन इसका चंडीगढ़ पर कोई असर नहीं दिखा। चंडीगढ़ पुलिस की ओर से जीरकपुर से चंडीगढ़ के एंट्री पॉइंट पर नाकाबंदी की गई है।

बंद की कॉल पर लुधियाना में सतर्कता

बंद के आह्वान का लुधियाना में मिला-जुला असर देखने को मिल रहा है। बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कई निजी स्कूलों ने छुट्टी घोषित कर दी, जबकि कुछ स्कूल और कॉलेज सामान्य रूप से खुले हैं। सरकारी स्कूलों में भी विद्यार्थियों की उपस्थिति रोजाना के मुकाबले काफी कम रही। कई अभिभावकों ने एहतियातन बच्चों को स्कूल भेजने से परहेज किया।

बंद के दौरान किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए पुलिस ने शहर के संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। घंटाघर, चौड़ा बाजार और प्रमुख चौक-चौराहों पर पुलिस बल तैनात किया गया है। पुलिस की टीमें लगातार स्थिति पर नजर रख रही हैं। दूसरी ओर, शहर के प्रमुख मार्गों पर फिलहाल जनजीवन सामान्य नजर आ रहा है। प्रशासन और पुलिस की ओर से पहले ही सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं। प्रमुख स्थानों पर तैनात पुलिसकर्मी हालात पर नजर रख रहे हैं।

फिलहाल शहर में बाजारों और सार्वजनिक स्थलों पर बंद का असर पूरी तरह दिखाई नहीं दे रहा है। प्रशासन की ओर से लोगों से शांति बनाए रखने और किसी भी तरह की अफवाह पर ध्यान न देने की अपील की गई है। प्रमुख बाजारों में अभी ज्यादातर दुकानें बंद हैं, जबकि आसपास के इलाकों में  कई जगह दुकानें खुली भी हैं या आधे शटर खुले हैं। साथ ही अब दुकानें खुलने का वक्त हो रहा है, ऐसे में कारोबारी महौल का आकलन करने में जुटे हैं।


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