कैबिनेट ने 5 फैसलों को दी मंजूरी, चार रेल और एक हाईवे प्रोजेक्ट पर लगी मुहर,जानिए कैबिनेट के अहम फैसले

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने देश के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए रेल और सड़क परियोजनाओं के लिए 13,000 करोड़ रुपये से अधिक की नई मंजूरियां दी हैं। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कैबिनेट की बैठक के बाद इन फैसलों की जानकारी देते हुए बताया कि यह निवेश देश के महत्वपूर्ण हिस्सों में कनेक्टिविटी को बेहतर बनाएगा और आर्थिक विकास को गति देगा।

क्या हैं ये प्रमुख रेल परियोजनाएं?
सरकार ने देश के पूर्वी और दक्षिणी हिस्सों में रेल नेटवर्क को सुदृढ़ करने पर विशेष ध्यान दिया है। विभिन्न रेलवे लाइनों के दोहरीकरण और चौगुनीकरण से माल ढुलाई और यात्री ट्रेनों की गति में तेजी आएगी, जिससे यात्रा का समय कम होगा और क्षमता बढ़ेगी।
    • खड़गपुर – भद्रक (रणिताल) चौथी लाइन: यह परियोजना 3,352 करोड़ रुपये की लागत से पूरी की जाएगी।
    • भद्रक – हरिदासपुर चौथी लाइन: इस लाइन के विस्तार पर 1,583 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
    • गुम्मडिपूंडी – गुडूर तीसरी और चौथी लाइन: दक्षिण भारत में कनेक्टिविटी को बढ़ावा देने के लिए इस परियोजना पर 2,229 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा।

    • कटक – पारादीप तीसरी और चौथी लाइन: यह महत्वपूर्ण परियोजना 2,286 करोड़ रुपये की लागत से पूरी होगी, जो ओडिशा के औद्योगिक और बंदरगाह क्षेत्रों के लिए महत्वपूर्ण है।

सड़क मार्ग पर भी बड़ा निवेश
रेलवे के साथ-साथ, सरकार ने सड़क अवसंरचना को भी प्राथमिकता दी है। बिहार में मुजफ्फरपुर से सीतामढ़ी होते हुए सोनबरसा तक चार-लेन राजमार्ग के निर्माण को मंजूरी दी गई है। इस परियोजना पर 3,591 करोड़ रुपये खर्च होंगे, जिससे इस क्षेत्र में सड़क संपर्क में उल्लेखनीय सुधार होगा और व्यापार व पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।

कुल निवेश और इसका महत्व
इन सभी रेल और सड़क परियोजनाओं को मिलाकर कुल निवेश 13,041 करोड़ रुपये से अधिक है। इस बड़े पैमाने पर किया गया निवेश न केवल देश के विभिन्न हिस्सों को बेहतर ढंग से जोड़ेगा, बल्कि रोजगार के अवसर भी पैदा करेगा और औद्योगिक विकास को गति देगा। यह कदम ‘गति शक्ति’ जैसे राष्ट्रीय अवसंरचना मास्टर प्लान के अनुरूप है, जिसका उद्देश्य लॉजिस्टिक्स लागत को कम करना और देश की प्रतिस्पर्धात्मकता को बढ़ाना है।

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आगे क्या?
यह निर्णय देश के आर्थिक विकास के लिए एक मजबूत आधार तैयार करेगा। इन परियोजनाओं के समय पर पूरा होने से माल और यात्रियों की आवाजाही सुगम होगी, जिससे अर्थव्यवस्था के विभिन्न क्षेत्रों को लाभ मिलेगा। सरकार का लक्ष्य अवसंरचना के माध्यम से देश को एक विकसित राष्ट्र बनाने की दिशा में अग्रसर रहना है।

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