झारखंड में JPSC और JSSC की भर्ती परीक्षाओं में कथित धांधली और अनियमितताओं को लेकर लंबे समय से चल रहे छात्रों के आंदोलन के बीच हेमंत सोरेन सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने झारखंड CGL समेत 22 से अधिक भर्ती परीक्षाओं को रद्द, छह परीक्षाओं को अगले आदेश तक स्थगित करने और पहले आयोजित 17 परीक्षाओं की CID जांच कराने का निर्णय लिया है। परीक्षा संचालन एजेंसी TDPL की भूमिका को लेकर उठे सवालों के बीच सरकार ने परीक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए कई अहम कदमों की भी घोषणा की है। इस फैसले से हजारों अभ्यर्थियों की भर्ती प्रक्रिया प्रभावित होगी।
रद्द की गई परीक्षाओं में कई महत्वपूर्ण पदों की भर्तियां शामिल हैं। इनमें विश्वविद्यालयों में गैर-शैक्षणिक पदों की भर्ती, सहायक निदेशक एवं वरिष्ठ वैज्ञानिक अधिकारी, ड्रग इंस्पेक्टर, इंजीनियरिंग कॉलेजों में सहायक प्रोफेसर, सरकारी पॉलीटेक्निक में लेक्चरर, मेडिकल कॉलेजों में सहायक प्रोफेसर, सिविल जज जूनियर डिवीजन, सहायक वन संरक्षक और वन क्षेत्र पदाधिकारी की परीक्षाएं शामिल हैं। इसके अलावा संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा-2025, बैकलॉग-2025, बैकलॉग-2023, खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी, बाल विकास परियोजना पदाधिकारी, संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा-2023 और छठी सीमित उप समाहर्ता भर्ती परीक्षा भी रद्द की गई है। झारखंड पात्रता परीक्षा-2024 और 1932 पदों वाली संयुक्त स्नातक स्तरीय यानी CGL परीक्षा भी रद्द की गई परीक्षाओं की सूची में शामिल है।
सरकार ने कुछ परीक्षाओं को पूरी तरह रद्द करने के बजाय अगले आदेश तक स्थगित करने का फैसला लिया है। इनमें खाद्य विश्लेषक, उप निदेशक अभियोजन, प्रोजेक्ट मैनेजर, फैक्ट्री निरीक्षक, बॉयलर निरीक्षक और निदेशक पद की भर्ती परीक्षाएं शामिल हैं। इन परीक्षाओं को लेकर आगे सरकार की ओर से क्या फैसला लिया जाएगा, यह आने वाले समय में स्पष्ट होगा।
17 परीक्षाओं की CID करेगी जांच
सरकार ने पहले आयोजित 17 परीक्षाओं की जांच CID से कराने का निर्णय लिया है। यह फैसला परीक्षा में कथित गड़बड़ी और अनियमितताओं को लेकर छात्रों की ओर से लगातार उठाई जा रही मांगों के बीच लिया गया है। छात्र लंबे समय से परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता और कथित धांधली की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे थे। अब सरकार के इस फैसले के बाद जांच एजेंसी परीक्षा से जुड़े रिकॉर्ड, प्रक्रिया और सामने आए आरोपों की जांच करेगी।
TDPL की ओर से आयोजित परीक्षाएं और परिणाम भी रद्द
JPSC-JSSC विवाद में परीक्षा संचालन एजेंसी TDPL की भूमिका भी लगातार सवालों के घेरे में रही है। सरकार ने सोमवार को हुई कैबिनेट बैठक के बाद TDPL के माध्यम से आयोजित सभी परीक्षाओं और उसके द्वारा प्रकाशित सभी परिणामों को रद्द करने की घोषणा की थी। इसके बाद देर रात जारी अधिसूचनाओं में इस फैसले को औपचारिक रूप दिया गया। छात्रों के 23 दिनों तक चले आंदोलन के बीच सरकार का यह फैसला आंदोलनकारियों की प्रमुख मांगों में से एक पर बड़ी कार्रवाई के तौर पर देखा जा रहा है।
परीक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए बनेगी समिति
सरकार ने सिर्फ परीक्षाओं को रद्द करने और जांच कराने का फैसला ही नहीं लिया है, बल्कि भविष्य में भर्ती परीक्षाओं को पारदर्शी बनाने के लिए भी कई कदम उठाए हैं। अधिसूचना के अनुसार JPSC-JSSC में आंतरिक सतर्कता प्रकोष्ठ का गठन किया जाएगा। इसके अलावा परीक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए एक समिति का गठन किया गया है। वरिष्ठ IAS अधिकारी अमिताभ कौशल की अध्यक्षता वाली यह समिति JPSC-JSSC की परीक्षा व्यवस्था में सुधार को लेकर अपनी रिपोर्ट दो महीने के भीतर सरकार को सौंपेगी।
अनियमितताओं से जुड़े मामलों के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट का प्रस्ताव
सरकार ने JPSC-JSSC में कथित अनियमितताओं से जुड़े मामलों की जल्द सुनवाई के लिए हाईकोर्ट से त्वरित न्यायालय यानी फास्ट ट्रैक कोर्ट गठित करने का अनुरोध करने का भी फैसला लिया है। सरकार का कहना है कि इससे परीक्षा से जुड़े विवादों और अनियमितताओं के मामलों का तेजी से निपटारा हो सकेगा। साथ ही परीक्षा प्रणाली में जवाबदेही और पारदर्शिता बढ़ाने पर भी जोर दिया जा रहा है।
23 दिन के आंदोलन के बाद सरकार का बड़ा फैसला
JPSC-JSSC परीक्षाओं में कथित धांधली को लेकर छात्र करीब 23 दिनों से आंदोलन कर रहे थे। आंदोलन के दौरान CGL परीक्षा रद्द करने, TDPL से जुड़ी परीक्षाओं पर कार्रवाई, पुरानी परीक्षाओं की जांच और भर्ती प्रक्रिया में सुधार समेत कई मांगें उठाई गईं। अब सरकार की ओर से CGL समेत कई परीक्षाओं को रद्द करने, कुछ को स्थगित करने और 17 परीक्षाओं की CID जांच का फैसला लिया गया है। हालांकि, इस फैसले के बाद उन अभ्यर्थियों की चिंता भी बढ़ गई है, जो पहले ही इन परीक्षाओं के जरिए चयनित हो चुके हैं या भर्ती प्रक्रिया के अलग-अलग चरणों में हैं। फिलहाल सरकार ने पारदर्शी और सुधारित परीक्षा व्यवस्था के जरिए आगे की भर्ती प्रक्रिया को बेहतर बनाने का दावा किया है। वहीं, अभ्यर्थियों की नजर अब नई परीक्षाओं के कार्यक्रम, CID जांच और सरकार की अगली कार्रवाई पर टिकी है।







