चमोली Tunnel Landslide: अचानक आया मलबा और पानी का सैलाब, सुरंग में काम कर रहे मजदूर फंसे

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त्तराखंड के चमोली में देर शाम निर्माणाधीन सुरंग में हुए हादसे के बाद हड़कंप मच गया। विष्णुगाड–पीपलकोटी जल विद्युत परियोजना की निर्माणाधीन टनल में अचानक मात्रा में मलबा और पानी आ गया। मलबा और पानी इतनी तेजी से आया कि करीब 28 मजदूर अंदर ही फंस गए। जिसमें से 18 मजदूर निकाल लिए गए हैं। इनमें से चार की मौत हो चुकी है। 13 जिला अस्पताल में भर्ती हैं। जबकि एक को हायर सेंटर रेफर किया गया है। अभी भी 10 मजदूरों की तलाश जारी है।

 

हादसे में घायल छत्तीसगढ़ निवासी सुनील दीवान ने जिला अस्पताल में बताया कि वह टनल में सरिया बांधने का काम कर रहे थे। उस समय करीब 16-17 लोग टनल में मौजूद थे। अचानक करीब 150 मीटर दूर भारी भूस्खलन हुआ और मलबा, पानी व पत्थर तेज गति से टनल के अंदर घुस आया।

Chamoli Tunnel Landslide Sudden surge of debris and water  workers inside the tunnel Stuck see photos

धक्के से कई लोग दूर जा गिरे जबकि कुछ लोग मलबे में दब गए। ओडिशा निवासी जगेश्वर ने बताया कि वह टनल से निकलने वाले पानी को पंप के जरिये बाहर भेजता है। शाम करीब 6 बजे अचानक तेज आवाज सुनाई दी, जो बेहद भयावह थी। इसी दौरान टनल की बिजली भी गुल हो गई। हादसे के समय वह घटनास्थल से करीब डेढ़ किलोमीटर दूर था।

मुख्यमंत्री धामी ने जनपद चमोली के पीपलकोटी स्थित टीएचडीसी टनल के भीतर मलबा और पानी आने की घटना पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए राहत एवं बचाव कार्यों को युद्धस्तर पर संचालित करने के निर्देश दिए हैं।

 

कहा कि वे स्वयं वरिष्ठ अधिकारियों से निरंतर संपर्क में हैं तथा स्थिति की पल-पल की जानकारी प्राप्त कर रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता टनल में फंसे प्रत्येक व्यक्ति को सुरक्षित बाहर निकालना है और इस दिशा में सभी आवश्यक संसाधन लगाए गए हैं।

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