उत्तराखंड के चमोली जिले में देर शाम बड़ा हादसा हो गया। अलकनंदा नदी पर निर्माणाधीन विष्णुगाड-पीपलकोटी जल विद्युत परियोजना की टीआरटी (टेल रेस टनल) में बृहस्पतिवार शाम सरिया वेल्डिंग के दौरान भारी भूस्खलन होने से कई मजदूर घायल हो गए। जानकारी के अनुसार, टनल में 22 मजदूर फंसे थे। जिसमें से 19 मजदूर निकाल लिए गए हैं। इनमें से सात की मौत हो चुकी है। 11 जिला अस्पताल में भर्ती हैं। एक पीपलकोटी विवेकानंद धर्मार्थ अस्पताल में भर्ती है और एक को रेफर किया गया है। अभी भी तीन मजदूरों की तलाश जारी है। वहीं, आज मुख्यमंत्री धामी पीपलकोटी हादसा स्थल का दौरा करेंगे।
क्या है टीआरटी
टीआरटी यानी टेल रेस टनल जल विद्युत परियोजना की महत्वपूर्ण भूमिगत सुरंग होती है। टरबाइन से बिजली उत्पादन के बाद इस्तेमाल किए गए पानी को पावरहाउस से बाहर निकालकर मुख्य नदी में प्रवाहित करने का काम इसी सुरंग से किया जाता है। पीपलकोटी परियोजना में टीआरटी की लंबाई करीब ढाई किलोमीटर है।
पिछले साल इसी परियोजना में हुआ था लोको ट्रेन हादसा, 60 लोग हुए थे घायल
टीएचडीसी की इसी निर्माणाधीन जल विद्युत परियोजना में पिछले साल 31 दिसंबर की देर रात सुरंग के अंदर दो लोको ट्रेनें आपस में टकरा गईं। हादसे में करीब 60 अधिकारी, कर्मचारी और मजदूर घायल हुए थे। हादसे के समय सुरंग में 100 से अधिक लोग काम कर रहे थे। घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया। दुर्घटना के बाद सुरंग में लंबे समय तक निर्माण कार्य रोक दिया गया था।
सीएम ने राहत और बचाव कार्य युद्धस्तर पर चलाने के दिए निर्देश
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने चमोली के पीपलकोटी स्थित टीएचडीसी टनल के भीतर मलबा व पानी आने की घटना पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए राहत एवं बचाव कार्यों को युद्धस्तर पर संचालित करने के निर्देश दिए हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि घटना की गंभीरता को देखते हुए राष्ट्रीय आपदा मोचन बल व राज्य आपदा प्रतिवादन बल की टीमों को तत्काल घटनास्थल पर भेज दिया गया है। जिला प्रशासन सहित सभी संबंधित विभागों एवं एजेंसियों को समन्वय के साथ त्वरित राहत एवं बचाव अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं। मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि वे स्वयं वरिष्ठ अधिकारियों से निरंतर संपर्क में हैं, स्थिति की पल-पल की जानकारी प्राप्त कर रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता टनल में फंसे प्रत्येक व्यक्ति को सुरक्षित बाहर निकालना है और इस दिशा में सभी आवश्यक संसाधन लगाए गए हैं।
अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि राहत एवं बचाव कार्यों में किसी प्रकार की शिथिलता न बरती जाए व प्रभावित लोगों और उनके परिजनों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जाए। घटना की गंभीरता को देखते हुए सेना, आईटीबीपी, एनडीआरएफ एवं एसडीआरएफ की टीमें घटनास्थल के लिए रवाना हो चुकी हैं।








