बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान 20 से 25 अगस्त के बीच भारत की अपनी पहली आधिकारिक यात्रा पर आ सकते हैं। ‘द डेली स्टार’ रिपोर्ट्स के मुताबिक, राजनयिक सूत्रों ने बताया कि प्रस्तावित यात्रा पर दोनों पक्ष गंभीरता से विचार कर रहे हैं। दोनों देश द्विपक्षीय बैठक के इच्छुक हैं, लेकिन अब तक कार्यक्रमों और समय-सारणी को लेकर सहमति नहीं बन पा रही थी। यात्रा की सटीक तारीख को लेकर बातचीत जारी है।
सूत्र ने बताया कि अंतिम तारीखों का फैसला तब होने की उम्मीद है, जब भारत के उच्चायुक्त दिनेश त्रिवेदी ढाका में अपना काम दोबारा शुरू करेंगे। फिलहाल विदेश मंत्रालय की ओर से इस संभावित यात्रा को लेकर कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है, जब बांग्लादेश में भारत के उच्चायुक्त दिनेश त्रिवेदी ने 11 अगस्त को नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ आमने-सामने बैठक की थी। इससे एक दिन पहले उच्चायुक्त ने ढाका में प्रधानमंत्री तारिक रहमान से भी मुलाकात की थी।
फरवरी में पद संभालने के बाद पहला भारत दौरा
अगर यात्रा की पुष्टि होती है, तो फरवरी में प्रधानमंत्री पद संभालने के बाद तारिक रहमान की यह भारत की पहली आधिकारिक यात्रा होगी। दोनों देशों के बीच हाल के राजनयिक तनाव को देखते हुए इस दौरे को खासा महत्वपूर्ण माना जा रहा है। यह तनाव पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के भारत में रहने और वहां से दिए जा रहे सार्वजनिक बयानों के बाद और बढ़ा है। हसीना 2024 में छात्रों के नेतृत्व वाले विद्रोह के बाद बांग्लादेश से सत्ता से हटाए जाने के बाद से भारत में रह रही हैं।
हसीना के प्रत्यर्पण का मुद्दा भी अहम
सोमवार को भारत के उच्चायुक्त दिनेश त्रिवेदी और प्रधानमंत्री तारिक रहमान के बीच हुई बैठक में बांग्लादेश ने उम्मीद जताई कि भारत पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के प्रत्यर्पण की प्रक्रिया में तेजी लाएगा। बांग्लादेश में भारत के उच्चायुक्त नियुक्त किए गए त्रिवेदी ने बांग्लादेश सचिवालय के कैबिनेट डिवीजन स्थित प्रधानमंत्री कार्यालय में तारिक रहमान से शिष्टाचार भेंट की। बांग्लादेश के प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से जारी एक बयान में कहा गया,’बांग्लादेश ने उम्मीद जताई है कि भारत शेख हसीना के प्रत्यर्पण की प्रक्रिया में तेजी लाएगा।’
हसीना की वर्चुअल प्रेस कॉन्फ्रेंस पर भी विवाद
यह राजनयिक बातचीत ऐसे समय हो रही है, जब 5 अगस्त को नई दिल्ली में बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने एक वर्चुअल प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी। इस कार्यक्रम का आयोजन ‘फॉरेन कॉरेस्पोंडेंट्स क्लब ऑफ साउथ एशिया’ ने 2024 में छात्रों के नेतृत्व वाले विद्रोह के बाद उनके सत्ता से हटने की दूसरी बरसी के मौके पर किया था। इस कार्यक्रम को लेकर ढाका ने कड़ी आपत्ति जताई थी।
भारत ने हसीना के इस कार्यक्रम से खुद को अलग करते हुए कहा था कि राष्ट्रीय राजधानी में आयोजित इस कार्यक्रम में सरकार की कोई भूमिका नहीं है। मीडिया ब्रीफिंग को संबोधित करते हुए विदेश मंत्रालय (MEA) के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने स्पष्ट किया कि जिस बातचीत का उल्लेख किया जा रहा है, उसका आयोजन एक “निजी मीडिया संस्था” कर रही थी। उन्होंने कहा कि नई दिल्ली कार्यक्रम में व्यक्त किए जाने वाले किसी भी विचार का समर्थन नहीं करती। जायसवाल ने कहा, ‘आप जिस बातचीत का जिक्र कर रहे हैं, उसे एक निजी मीडिया संस्था आयोजित कर रही है। इसमें सरकार की कोई भूमिका नहीं है। न ही सरकार उस मंच पर व्यक्त किए जाने वाले किसी विचार का समर्थन करती है।’






