इंडोनेशिया में भूकंप के झटकों की तीव्रता 7.7 मापी गई है। 15 अगस्त के दिन करीब सुबह करीब सवा चार बजे (पीटीआई के मुताबिक भारतीय समयानुसार) धरती कांपने की खबर आई। भूकंप के बाद स्थानीय राहत-बचाव और मौसम संबंधी एजेंसियों की तरफ से सुनामी का अलर्ट भी जारी किया गया है। फिलहाल जानमाल के नुकसान की खबर नहीं है। जिन इलाकों में भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं, वहां आपदा राहत बल और रेस्क्यू ऑपरेशन के लिए सुरक्षाबलों को भेजा गया है।
- पूर्वी नुसा तेंगारा, पश्चिमी नुसा तेंगारा, दक्षिणी सुलावेसी और दक्षिणपूर्वी सुलावेसी प्रांतों के कुछ हिस्सों के लिए सुनामी की चेतावनी जारी।
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- प्रारंभिक रिपोर्टों के मुताबिक घरों और सार्वजनिक सुविधाओं को नुकसान।
- मौमेरे में पेल्नी बंदरगाह टर्मिनल का प्रतीक्षा कक्ष ढह गया।
- क्षतिग्रस्त इमारतों की संख्या या हताहतों की संख्या की जानकारी नहीं।
- दिसंबर 1992 में, 7 तीव्रता के भूकंप के बाद सुनामी आई थी। फ्लोरेस में लगभग 2,500 लोगों की जान गई थी।
सुनामी की चेतावनी जारी
इंडोनेशिया की मौसम विज्ञान, जलवायु विज्ञान और भूभौतिकी एजेंसी ने सुनामी की चेतावनी जारी की है। एजेंसी ने सस्थानीय लोगों से समुद्र तटों और नदी किनारों से दूर रहने का आग्रह किया। अधिकारियों ने प्रभावित तटीय इलाकों के निवासियों को ऊंचे स्थानों पर जाने की सलाह दी। समुद्री लहरों की बारीकी से निगरानी की जा रही है।रिंग ऑफ फायर पर है इंडोनेशिया
दरअसल, इंडोनेशिया 17,000 से अधिक द्वीपों का एक विशाल द्वीपसमूह है। यह “रिंग ऑफ फायर” पर स्थित होने के कारण भूकंप और ज्वालामुखी जैसी आपदाओं का खतरा अधिक होता है। सुनामी को लेकर भी इंडोनेशिया संवेदनशील है। रिंग ऑफ फायर प्रशांत बेसिन में ज्वालामुखियों और फॉल्ट लाइनों का एक चाप है। इस क्षेत्र में टेक्टोनिक प्लेटों का टकराव होता रहता है। इसी वजह से यहां अक्सर शक्तिशाली भूकंप आते रहते हैं।






