कुमाऊं के सबसे बड़े कारोबारी शहर की रफ्तार जाम के पहियों में फंस गई है। सुबह की शुरुआत हो या शाम का वक्त, शहर की मुख्य सड़कों से लेकर अंदरूनी मार्गों तक वाहनों की लंबी कतारें लगना अब आम बात हो गई है। बढ़ते वाहनों का दबाव, अतिक्रमण, बेतरतीब पार्किंग और सार्वजनिक परिवहन की अव्यवस्था ने शहर की चाल सुस्त कर दी है।
शहर में जाम वाले प्रमुख स्थान
नैनीताल रोड: रानीबाग से सिंधी चौराहा तक 11 किलोमीटर लंबे मार्ग पर मुख्य रूप से रानीबाग तिराहा, गुलाबघाटी, नरीमन चौराहा, कॉल टैक्स तिराहा, हाईडिल गेट, तिकोनियां, एसडीएम कोर्ट के सामने, कालाढूंगी चौराहा, सिंधी चौराहा में जाम लगता है।
बरेली रोड: वाहनों के दबाव के हिसाब से बरेली रोड दिन-रात व्यस्त रहती है। यहां आंबेडकर पार्क, मंगल पड़ाव, शनि बाजार रोड, नवीन मंडी गेट, गांधी स्कूल के समीप अक्सर वाहनों के पहिये थम जाते हैं।
रामपुर रोड: रामपुर रोड की शुरुआत में अग्रसेन चौक और सिंधी चौराहा जाम की मुख्य जगह है। रामपुर रोड चुंगी, सुशीला तिवारी अस्पताल के सामने, टीपी नगर चौराहा, देवलचौड़ में सुबह शाम जाम लगना आम बात है।
कालाढूंगी रोड: कालाढूंगी रोड शहर की सबसे अधिक व्यस्त रहने वाली सड़क है। यहां स्टेडियम तिराहा, जेल रोड तिराहा, नवाबी रोड तिराहा, मुखानी, पीलीकोटी तिराहा, कुसुमखेड़ा चौराहा ऐसे स्थान हैं जहां रुक-रुक कर जाम लगते रहता है।
बस अड्डे के आसपास का क्षेत्र: नैनीताल रोड पर स्थित बस अड्डे के अंदर जगह की कमी के कारण सरकारी व प्राइवेट बसें, ऑटो, ई-रिक्शा और टैक्सी मुख्य सड़क पर ही खड़ी रहती हैं, जिससे आए दिन जाम की स्थिति बनी रहती है।
जाम लगने के मुख्य कारण
वाहनों की संख्या में बेतहाशा वृद्धि :- शहर से प्रतिदिन गुजरने वाले वाहनों की संख्या लगातार बढ़ रही है। पर्यटन सीजन में यह सामान्य दिनों की तुलना में कई गुना बढ़ जाती है। सड़कों की चौड़ाई इन वाहनों की बढ़ती संख्या के मुकाबले सीमित होने के कारण भी जाम लगता है।
अतिक्रमण और फुटपाथों पर कब्जा :- सड़कों के किनारे फड़, खोखे, ठेले और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों द्वारा फुटपाथों पर कब्जा कर लिया गया है। इससे पैदल चलने वालों के लिए जगह नहीं बचती। राहगीरों के सड़क पर चलने के कारण भी जाम की स्थिति बनती है।
अव्यवस्थित पार्किंग :- शहर की अधिकांश सड़कों के किनारे नो पार्किंग जोन घोषित हैं। इसके बावजूद सड़कों के किनारे और सार्वजनिक स्थानों पर नो पार्किंग जोन में खड़े होने वाले वाहन जाम का बड़ा कारण बनते हैं।
सार्वजनिक परिवहन की अव्यवस्था :- बस अड्डे के आसपास बसों, ऑटो और ई-रिक्शा के खड़े होने का अव्यवस्थित तरीका यातायात के प्रवाह को बाधित करता है। कुछ स्थानों पर सड़क संकरी होने के कारण भी जाम लगता है।
यातायात पुलिस की अनुपस्थिति :- शहर के कुछ चौराहों को छोड़ दें तो अन्य स्थानों पर यातायात पुलिस नजर नहीं आती है। ट्रैफिक पुलिस के न होने के कारण सड़कों पर वाहन चालकों की मनमानी रहती है।
ऐसे हो सकता है समाधान
सेवानिवृत्त पुलिस क्षेत्राधिकारी प्रमोद शाह का मानना है कि स्कूली बसों की आवाजाही नैनीताल रोड और नवाबी रोड जैसे परंपरागत मार्ग से हटाकर बाईपास से होकर कराई जाए। ई-रिक्शा और ऑटो के लिए निर्धारित पार्किंग जोन बनाए जाए। जहां संभव हो, सड़कों का चौड़ीकरण हो। शहर में आधुनिक ट्रैफिक सिग्नल और निगरानी प्रणाली स्थापित की जाए। इसके अलावा आम लोगों को यातायात नियमों का पालन करने व सार्वजनिक परिवहन को प्राथमिकता देने के लिए जागरूक किया जाए।
शहर की यातायात व्यवस्था को देखते हुए अलग-अलग स्थानों पर वहां की जरूरत के मुताबिक यातायात पुलिस की तैनाती की जाती है। सड़कों पर जाम न लगे और यात्रियों को किसी तरह की दिक्कतें न हों इसके लिए पुलिस हरसंभव प्रयास कर रही है। जरूरत पड़ने पर नियम विरुद्ध वाहनों का संचालन करने वालों का चालान भी किया जा रहा है। -मनोज कत्याल एसपी सिटी हल्द्वानी।






