उत्तराखंड: हत्या व आगजनी के दोषी को किया बरी, HC ने कहा- मजबूत संदेह दोषसिद्धि का आधार नहीं

नैनीताल हाईकोर्ट ने हत्या, आगजनी और साक्ष्य मिटाने के मामले में निचली अदालत से मिली उम्रकैद की सजा को चुनौती देने वाली अपील पर सुनवाई के बाद निचली अदालत के फैसले को रद्द करते हुए अपीलकर्ताओं को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया है।

न्यायमूर्ति मनोज कुमार तिवारी एवं न्यायमूर्ति पंकज पुरोहित की खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। मामले के अनुसार सत्र न्यायालय रूद्रप्रयाग ने वर्ष 2018 में अपीलकर्ता मुकेश थपलियाल को हत्या के अपराध में उसे आजीवन कारावास सहित अन्य धाराओं में सजा सुनाई थी। अभियोजन के अनुसार 27 अगस्त 2016 को विमला देवी की घर में आग लगने से मौत हो गई थी। जांच के दौरान अभियोजन ने अपीलकर्ता पर हत्या और घर में आग लगाने का आरोप लगाया था। इस मामले में 11 गवाह पेश किए गए थे। अपीलकर्ता की ओर से कहा गया कि यह पूरा मामला परिस्थितिजन्य साक्ष्य पर आधारित था और किसी भी अभियोजन गवाह ने आरोपी को घटना के समय मौके पर घर में आग लगाते या विमला देवी की हत्या करते नहीं देखा था। अदालत ने माना कि अभियोजन परिस्थितिजन्य साक्ष्यों की ऐसी पूरी कड़ी स्थापित नहीं कर सका, जिससे आरोपी के अलावा किसी अन्य संभावना को पूरी तरह बाहर किया जा सके।

 

कोर्ट ने यह भी कहा कि अभियोजन का मामला मुख्यतः सुनी-सुनाई बातों पर आधारित था। अदालत ने सात वर्ष पुराने कथित विवाद को हत्या का पर्याप्त आधार मानने पर भी सवाल उठाया। अदालत ने बरामदगी को भी आरोपी के खिलाफ निर्णायक साक्ष्य नहीं माना।

और पढ़े  अच्छी खबर: हरिद्वार को तीन रेल सेवाओं की सौगात, एक का हुआ विस्तार, 2 के संचालन काे मंजूरी

 

हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि संदेह, चाहे कितना भी मजबूत क्यों न हो दोषसिद्धि का आधार नहीं हो सकता। कोर्ट ने अपील को स्वीकार करते हुए 24 फरवरी 2018 के सत्र न्यायालय के फैसले को निरस्त कर दिया और अपीलकर्ता मुकेश थपलियाल को आरोपों से बरी कर दिया।

  • Related Posts

    तीन लोगों को हत्या: जिस घर में चल रही थी दिवाली की तैयारी, वहां बह रहा आंसुओं का सैलाब

    रायपुर के विष्णुलोक कॉलोनी में जिस घर में दिवाली की तैयारियां चल रही थीं, वहां अब मातम पसरा है। जिस घर को त्योहार से पहले सजाने-संवारने में कपूर दंपती जुटा…

    भांजे ने दो मामा के साथ की ठगी: निवेश के नाम पर लगाया 1.65 करोड़ का चूना, पॉवर ऑफ अटॉर्नी भी बेची

    भांजे ने अपने दो मामा से निवेश के नाम पर 1.65 करोड़ रुपये ठग लिए। जब पीड़ितों ने अपना हिसाब मांगा तो टाल मटोल करने लगा। इस बीच पता यह…