मानसून सत्र के चार दिन ही शेष हैं। ऐसे में आज संसद के दोनों सदनों की कार्यवाही पर सबकी नजर है। नीट मुद्दे पर विपक्ष के विरोध के बीच महिला आरक्षण, परिसीमन और एफसीआरए जैसे प्रस्तावों पर सरकार की रणनीति अभी स्पष्ट नहीं है। विपक्ष के हंगामे के बीच दोनों सदनों की कार्यवाही 2 बजे तक स्थगित कर दी गई है।
केरल का नाम बदलकर ‘केरलम’ करने के लिए लोकसभा में बिल पेश
केंद्र सरकार ने सोमवार को लोकसभा में ‘केरल (नाम परिवर्तन) विधेयक, 2026’ पेश किया। इस विधेयक में केरल का आधिकारिक नाम बदलकर ‘केरलम’ करने का प्रस्ताव है। केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने विपक्ष के हंगामे के बीच यह बिल पेश किया। केरल विधानसभा ने करीब दो साल पहले राज्य का नाम बदलने के पक्ष में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित किया था। राज्य सरकार ने यह प्रस्ताव जून 2024 में केंद्र सरकार को भेजा था।
इसके बाद राष्ट्रपति ने नाम बदलने से जुड़े विधेयक को राज्य विधानसभा के पास उसकी राय जानने के लिए भेजा। विधानसभा ने इस पर विचार करने के बाद सर्वसम्मति से नाम बदलने के प्रस्ताव का समर्थन किया। बिल में कहा गया है कि संविधान के अनुच्छेद 3 के तहत राज्य का नाम बदला जाएगा। इसके लिए संविधान की पहली अनुसूची में संशोधन किया जाएगा। इसमें ‘Kerala’ की जगह ‘Keralam’ नाम दर्ज किया जाएगा। सरकार के मुताबिक, नाम बदलने के लिए संविधान में जरूरी संशोधन और उससे जुड़े अन्य कानूनी बदलाव भी इस विधेयक के जरिए किए जाएंगे।
भाजपा सांसद जगदंबिका पाल ने राहुल गांधी पर निशाना साधा
भाजपा सांसद जगदंबिका पाल ने कहा कि अगर (लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष) राहुल गांधी को छात्रों और युवाओं की इतनी चिंता है, तो झारखंड लोक सेवा आयोग की परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी को लेकर रांची में छात्र 17 दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे हैं, लेकिन उन्होंने इसमें दखल नहीं दिया।
जगदंबिका पाल ने कहा, आज झारखंड के अलग-अलग हिस्सों से युवा इस मुद्दे को लेकर विधानसभा की ओर मार्च कर रहे हैं और प्रदर्शन कर रहे हैं। लोगों ने हमें देश की समस्याओं पर चर्चा करने और काम करने के लिए चुना है। इसके बावजूद राहुल गांधी रांची में चल रहे प्रदर्शन पर चुप हैं और अमित शाह और मोदी जी के खिलाफ लेख लिख रहे हैं।
उन्होंने कहा, पूरा देश देख रहा है कि मानसून सत्र किस तरह बर्बाद हो रहा है। चाहे यह राहुल गांधी हों, अखिलेश यादव हों या विपक्ष, पूरा देश इसे देख रहा है।
गृह मंत्री शाह के बयान तक संसद में गतिरोध जारी रहेगा: प्रियंका गांधी
कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा ने सोमवार को कहा कि संसद में विपक्ष और सरकार के बीच गतिरोध तब तक जारी रहेगा, जब तक केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह छात्रों पर पुलिस की कथित ज्यादती को लेकर बयान नहीं देते।
मानसून सत्र के अब सिर्फ चार दिन बाकी हैं। ऐसे में संसद में जारी गतिरोध के बीच महिला आरक्षण, परिसीमन और विदेशी अंशदान (विनियमन) अधिनियम (एफसीआरए) से जुड़े अहम विधेयकों के भविष्य को लेकर स्थिति साफ नहीं है।
इनमें से किसी भी विधेयक को सोमवार के लिए लोकसभा की कार्यसूची में शामिल नहीं किया गया था। प्रियंका गांधी ने संसद भवन परिसर में पत्रकारों से कहा, मुझे लगता है कि केंद्रीय गृह मंत्री के बयान देने तक संसद में गतिरोध जारी रहेगा।
राज्यसभा की कार्यवाही दोपहर दो बजे तक स्थगित
विपक्ष के हंगामे के बीच राज्यसभा की कार्यवाही दोपहर दो बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई है।
लोकसभा की कार्यवाही दोपहर दो बजे तक स्थगित
विपक्ष के हंगामे के बीच सोमवार को लोकसभा की कार्यवाही दोपहर दो बजे तक स्थगित कर दी गई। विपक्ष प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस की कार्रवाई और राम मंदिर के चढ़ावे की कथित चोरी के मुद्दे पर सरकार से जवाब मांग रहा है।
मानसून सत्र के दौरान लोकसभा की कार्यवाही में लगातार रुकावटें देखने को मिली हैं। अब तक सदन में आठ में से छह विधेयक बिना चर्चा के पारित हो चुके हैं। सोमवार 16वां दिन था, जब सदन सुबह 11 बजे से दोपहर 12 बजे तक होने वाला प्रश्नकाल पूरा नहीं कर सका।
सोमवार को चार विधेयक पेश किए गए। इनमें न्यायाधिकरण सुधार विधेयक, 2026, खान और खनिज (विकास और विनियमन) संशोधन विधेयक, 2026, केरल (नाम परिवर्तन) विधेयक, 2026 और राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम (संशोधन) विधेयक, 2026 शामिल हैं।
लोकसभा में न्यायाधिकरण सुधार विधेयक, 2026 पेश
केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने सोमवार को न्यायाधिकरण सुधार विधेयक, 2026 लोकसभा में पेश किया। इसके अलावा, खान और खनिज (विकास और विनियमन) संशोधन विधेयक, 2026 भी सदन में पेश किया गया।






