दिल्ली में हुई भाजपा कोर कमेटी की बैठक में संगठन और सरकार दो माह का एक्शन प्लान लेकर लौटे हैं। सभी विधायक अपने क्षेत्र में रहते हुए मानसून की विषम परिस्थितियों में लोगों की जरूरत का ख्याल रखते हुए दुख-दर्द के सहभागी बनेंगे। अपने स्थानीय चुनावी वादों को धरातल पर उतारने के लिए सीधे सीएम कार्यालय से संपर्क में रहेंगे ताकि सरकार तत्काल लोगों की आवश्यकताओं व समस्याओं का समाधान कर सके।
इस दौरान विधायक, संगठन के पदाधिकारियों, दायित्वधारियों की सक्रियता और गतिविधियों की बाहरी तौर पर संघ भी निगरानी करेगा। बैठक में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के पदाधिकारियों का भी इस बात पर जोर था कि विधायक अपने क्षेत्र में और अधिक सक्रिय रहें और जनसहभागिता बढ़ाएं।
जातिगत नहीं वर्गों पर होगा फोकस
आगामी विधानसभा चुनाव के मद्देनजर लोगों से जुड़ने का भाजपा का फोकस जातिगत नहीं विभिन्न वर्गों पर होगा। महिलाओं को कैसे साथ जोड़ा जाए। सितंबर माह से अग्निवीर का पहला बैच रिटायर होकर वापस आना शुरू हो जाएगा। सरकार देखेगी कि इन्हें कैसे अग्निवीर सेल के माध्यम से रोजगार से जोड़ा जाए। पूर्व सैनिकों की बड़ी संख्या को देखते हुए भाजपा नए सिरे से उनके लिए रणनीति बना रही है। अन्य वर्गों पर भी फोकस के साथ संगठन विभिन्न कार्यक्रम करेगा।
आगामी विधानसभा चुनाव के मद्देनजर लोगों से जुड़ने का भाजपा का फोकस जातिगत नहीं विभिन्न वर्गों पर होगा। महिलाओं को कैसे साथ जोड़ा जाए। सितंबर माह से अग्निवीर का पहला बैच रिटायर होकर वापस आना शुरू हो जाएगा। सरकार देखेगी कि इन्हें कैसे अग्निवीर सेल के माध्यम से रोजगार से जोड़ा जाए। पूर्व सैनिकों की बड़ी संख्या को देखते हुए भाजपा नए सिरे से उनके लिए रणनीति बना रही है। अन्य वर्गों पर भी फोकस के साथ संगठन विभिन्न कार्यक्रम करेगा।
विपक्ष की 23 सीटों के मतदाताओं को भी साधने पर जोर
2022 के विधानसभा चुनाव में भाजपा जिन 23 सीटों पर नहीं जीत पाई थी, उनके मतदाताओं को भी साधने पर जोर दिया गया है। कोर कमेटी की बैठक में इन सभी सीटों के लिए रणनीति बनाने पर मंथन हुआ। तय हुआ कि संगठन इन सभी जगहों पर अगले छह माह तक पूरी सक्रियता से काम करेगा। सरकार की योजनाओं का लाभ पहुंचाने से लेकर वरिष्ठ नेता यहां प्रवास करेंगे। इस दौरान इन सीटों के लिए संगठन सक्रियता, धरातल पर पकड़ के आधार पर मजबूत चेहरों की भी तलाश करेगा।
2022 के विधानसभा चुनाव में भाजपा जिन 23 सीटों पर नहीं जीत पाई थी, उनके मतदाताओं को भी साधने पर जोर दिया गया है। कोर कमेटी की बैठक में इन सभी सीटों के लिए रणनीति बनाने पर मंथन हुआ। तय हुआ कि संगठन इन सभी जगहों पर अगले छह माह तक पूरी सक्रियता से काम करेगा। सरकार की योजनाओं का लाभ पहुंचाने से लेकर वरिष्ठ नेता यहां प्रवास करेंगे। इस दौरान इन सीटों के लिए संगठन सक्रियता, धरातल पर पकड़ के आधार पर मजबूत चेहरों की भी तलाश करेगा।








