हरिद्वार से कांवड़ यात्रा की ऐसी कई तस्वीरें सामने आईं, जिन्होंने लोगों को भावुक कर दिया। कहीं एक फौजी अपनी मां को कंधे पर बैठाकर ले जाता दिखा, तो कहीं एक पैर के सहारे कांवड़ लेकर निकले श्रद्धालु ने सभी को प्रेरित किया। आस्था के साथ इंसानियत और हिम्मत की मिसाल भी देखने को मिली। मां की सेवा को अपना धर्म मानने वाले बेटे से लेकर शारीरिक चुनौती के बावजूद कांवड़ यात्रा पूरी करने निकले श्रद्धालु तक, इन कहानियों ने हर किसी का दिल जीत लिया।
मां को कंधे पर बैठाकर निकला फौजी
टोल प्लाजा बहादराबाद के पास मंगलवार को एक भावुक कर देने वाला दृश्य देखने को मिला। हरिद्वार में गंगा स्नान कराने के बाद एक फौजी अपने 62 वर्षीय वृद्ध मां को कंधे पर बैठाकर अपने गंतव्य की ओर रवाना हुआ। साथ चल रहे कांवड़ियों ने बताया गया कि जवान अपने माता-पिता को हरिद्वार में गंगा स्नान कराने लाया था। हरियाणा निवासी फौजी रणवीर सिंह ने बताया कि मैं अपने माता-पिता को कांवड़ मेले में मां गंगा के दर्शन और स्नान कराने लेकर आया था। गंगा स्नान के बाद मेरी 62 वर्षीय मां के पैरों में दर्द होने लगा और उन्हें चलने में काफी परेशानी हो रही थी। मां को तकलीफ में देखकर मैंने उन्हें अपने कंधों पर बैठा लिया। माता-पिता की सेवा करना मेरा कर्तव्य है और उनके लिए इतना करना मेरे लिए सौभाग्य की बात है। मां-बाप का आशीर्वाद ही जीवन की सबसे बड़ी पूंजी है। उपस्थित लोगों ने कहा कि आज के दौर में यह दृश्य समाज के लिए प्रेरणादायक है और माता-पिता की सेवा का सच्चा संदेश देता है।
एक पैर के सहारे कांवड़ लेकर राजीव दिल्ली रवाना
एक दिन में 34.15 लाख शिवभक्त गंगाजल लेकर रवाना
धर्मनगरी में कांवड़ मेले के दौरान आस्था का सैलाब लगातार बढ़ता जा रहा है। मंगलवार को बड़ी संख्या में शिवभक्तों ने हरकी पैड़ी और गंगा के विभिन्न घाटों से पवित्र गंगाजल उठाकर अपने-अपने गंतव्य की ओर प्रस्थान किया। पुलिस प्रशासन के अनुसार शाम छह बजे तक 34 लाख 15 हजार शिवभक्त गंगाजल लेकर हरिद्वार से रवाना हो चुके थे। कांवड़ यात्रा के दौरान हर तरफ हर-हर महादेव और बम-बम भोले के जयघोष सुनाई दे रहे हैं।

हरिद्वार से अपने-अपने गंतव्य की ओर बढ़ रहे कांवड़ यात्री
हर-हर महादेव के जयघोष से गूंज रहा धर्मनगरी का माहौल







