जम्मू के छह जिले बादल फटने से तबाह,एक की मौत, 84 लोगों का रेस्क्यू

जम्मू-कश्मीर में मानसून सीजन तबाही ला रहा है। सोमवार को प्रदेश के छह जिलों में बादल फटे। कुपवाड़ा के लोलाब में बाढ़ में बहने से महिला की मौत हो गई। शोपियां में बारिश ने भारी तबाही मचाई। बाढ़ में फंसे 80 लोगों को बचाया गया है। डल झील में नाव में फंसे चार युवकों को भी सुरक्षित निकाल लिया गया है। मौसम विभाग ने मंगलवार और बुधवार को भी भारी बारिश, बादल फटने, बाढ़ और भूस्खलन की आशंका जताई है।

 

रविवार देर रात से सोमवार को दिन भर में किश्तवाड़, अनंतनाग जिले के पहलगाम, बांदीपोरा, कुपवाड़ा, शोपियां और गांदरबल में बादल फटे हैं। इन इलाकों में बाढ़ ने जनजीवन को व्यापक स्तर पर प्रभावित किया है। पानी और मलबा घरों और दुकानों में भर गया है। कई संपर्क सड़कें बह गई हैं। नदी-नाले उफान पर हैं। कब सैलाब घरों को तबाह कर दे, ये सोचकर लोग आशंकित हैं।

कश्मीर में सबसे अधिक तबाही शोपियां जिले में हुई है। ऊपरी इलाकों में बादल फटने से जवोरा, बुदहरहामा और किजरसिंदा इलाकों में बाढ़ आ गई। एसडीआरएफ के जवानों ने स्कूली बच्चों व शिक्षकों समेत लगभग 80 लोगों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचाया। शोपियां के बद्रहामा गांव में सैलाब आ गया। अचानक बाढ़ से लोग जहां थे वहीं फंस गए। ग्रामीणों ने खुद स्थिति को संभाला।

पहलगाम के बटकूट में भारी बारिश और बादल फटने से नुनवान बेस कैंप की पीछे की कंक्रीट की दीवार गिर गई। कैंप में पानी घुस गया और टेंट को नुकसान पहुंचा। घटना में कोई घायल नहीं हुआ है। पहलगाम के लंगनाई ब्रिज के पास बादल फटने से सड़क को नुकसान पहुंचा है। गांदरबल के बाकुरा इलाके में शाम को आंधी चली जिससे एक घर की छत उड़ गई। बांदीपोरा के आरिन दर्दपोरा में भी बादल फटने से बाढ़ जैसे हालात रहे।

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किश्तवाड़ के दच्छन में कृषि भूमि हुई बर्बाद
किश्तवाड़ के दच्छन के कयाड़ में बादल फटने से सोर्नू क्षेत्र में बाढ़ आ गई। इससे काफी क्षेत्र की कृषि भूमि बह गई। तहसीलदार ने प्रभावित क्षेत्र का निरीक्षण कर नुकसान का जायजा लिया है।

राजोरी, पुंछ, रामबन और रियासी में भी बारिश
राजोरी के कोटरंका इलाके के शाहपुर गांव में भारी बारिश के कारण हुए भूस्खलन से एक अस्थायी मकान को भारी नुकसान पहुंचा। मकान में मौजूद लोग बाल-बाल बच गए। प्रशासन ने मौजूदा परिस्थितियों और नदियों तथा नालों में जलस्तर अचानक बढ़ने की संभावना को देखते हुए लोगों सतर्क रहने का आग्रह किया गया है। रामबन, रियासी और पुंछ जिलों में भी भारी बारिश हुई है।

भूस्खलन और बाढ़ आने की आशंका
श्रीनगर मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक डॉ. मुख्तार अहमद ने बताया कि जम्मू-कश्मीर में मंगलवार और बुधवार को भारी बारिश हो सकती है। बादल फटने के साथ भूस्खलन और बाढ़ आने की भी आशंका है।

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