संसद के मानसून सत्र के अंतिम चरण में सरकार और विपक्ष आमने-सामने हैं। सत्र समाप्त होने में अब केवल नौ कार्यदिवस बचे हैं। ऐसे में केंद्र सरकार सोमवार को चार अहम विधेयकों को संसद में आगे बढ़ाने की तैयारी में है। दूसरी ओर कांग्रेस समेत विपक्षी दल राम मंदिर दान विवाद और दिल्ली में छात्र प्रदर्शन के दौरान पुलिस कार्रवाई के मुद्दे पर सरकार को घेरने की रणनीति पर अड़े हुए हैं। लगातार हंगामे के बीच संसद की कार्यवाही प्रभावित हो रही है, लेकिन सरकार का कहना है कि 13 अगस्त को सत्र समाप्त होने से पहले सभी प्रमुख विधायी काम पूरे किए जाएंगे।
सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) को मजबूती देने, विशेषकर बकाया भुगतान में देरी रोकने के लिए कानून में संशोधन का प्रस्ताव रखा जाएगा।
3. भारतीय सांख्यिकी संस्थान (आईएसआई) विधेयक
कोलकाता स्थित भारतीय सांख्यिकी संस्थान को अधिक मजबूत वैधानिक ढांचा देने के लिए नया कानून लाया जा रहा है।
4. बैंकर बही साक्ष्य संशोधन विधेयक
डिजिटल बैंकिंग के बढ़ते इस्तेमाल को देखते हुए बैंकिंग रिकॉर्ड और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों से जुड़े पुराने कानूनों को आधुनिक बनाने का प्रस्ताव है।
संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने विपक्ष पर सदन की कार्यवाही बाधित करने का आरोप लगाया। उनका कहना है कि विपक्ष चर्चा में हिस्सा लेने के बजाय लगातार हंगामा कर रहा है। उन्होंने विपक्ष से सहयोग की अपील करते हुए कहा कि यदि हर विधेयक पर इसी तरह व्यवधान होगा तो संसद का कामकाज प्रभावित होगा।
किन मुद्दों पर सरकार को घेर रहा विपक्ष?
विपक्ष ने सोमवार सुबह फ्लोर लीडर्स की बैठक बुलाकर आगे की रणनीति बनाई है। उसके निशाने पर दो प्रमुख मुद्दे हैं।
राम मंदिर दान विवाद
कांग्रेस का आरोप है कि राम मंदिर से जुड़े दान में कथित गड़बड़ी के मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। जून में दान पेटी से धन चोरी के आरोप सामने आने के बाद पुलिस ने आठ लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की थी। बाद में सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर उत्तर प्रदेश सरकार ने तीन सदस्यीय विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया।
20 जुलाई को संसद की ओर मार्च कर रहे छात्रों पर पुलिस कार्रवाई को लेकर विपक्ष गृह मंत्री अमित शाह से सदन में बयान देने की मांग कर रहा है।
एफसीआरए संशोधन विधेयक भी जल्द
सरकार आगे चलकर विदेशी अंशदान विनियमन (एफसीआरए) संशोधन विधेयक भी ला सकती है। प्रस्तावित संशोधन के तहत एफसीआरए पंजीकरण का नवीनीकरण नहीं कराने वाले संगठनों की संपत्तियों पर प्रशासन को नियंत्रण का अधिकार देने का प्रावधान किया गया है। तृणमूल कांग्रेस ने इस विधेयक को संसदीय समिति के पास भेजने की मांग की है।
पहले भी हंगामे के बीच पास हुए थे विधेयक
पिछले सप्ताह भी सरकार ने विपक्ष के विरोध के बीच दो महत्वपूर्ण विधेयक पारित कराए थे। इनमें ‘वंदे मातरम’ को राष्ट्रगान के समान कानूनी संरक्षण देने वाला विधेयक और जन्म-मृत्यु पंजीकरण संशोधन विधेयक शामिल हैं।





