10वीं कक्षा की छात्रा को गाजियाबाद के मसूरी थाने के पास से अगवा कर दो आरोपियों ने चलती कार में उसके साथ दुष्कर्म किया। किशोरी को कार में लेकर आरोपी करीब सात घंटे तक शहर की सड़कों पर घूमते रहे। देर रात उसे बदहवास हालत में एनएच-9 के किनारे फेंककर फरार हो गए। पीड़िता अगले दिन घर पहुंची।
उठ रहे सवाल
- रात में कार के शीशे पर सन शेड लगा देखकर भी पुलिस को अंदेशा क्यों नहीं हुआ।
- जब कार दो बार थाने के सामने से गुजरी तो वह पुलिस की नजर से कैसे बची?
- हाईवे और सर्विस रोड पर गश्त के दावों के बावजूद किसी ने कार को क्यों नहीं रोका?
- मेडिकल स्टोर और फार्म हाउस तक पहुंचने के दौरान किसी को शक क्यों नहीं हुआ?
- शिकायत मिलने के बाद एफआईआर दर्ज करने और मेडिकल कराने में चार दिन की देरी क्यों हुई?
- फार्म हाउस और वहां मौजूद गार्ड की भूमिका की अब तक गहराई से जांच क्यों नहीं हुई?






