भारतीय सेना के 14वें पूर्व थल सेनाध्यक्ष जनरल विश्वनाथ शर्मा (वीएन शर्मा) का शुक्रवार को 96 वर्ष की आयु में दिल्ली में निधन हो गया। कांगड़ा जिले की पालमपुर तहसील के डाढ़ गांव से संबंध रखने वाले जनरल शर्मा भारतीय सेना के उन चुनिंदा सैन्य अधिकारियों में शामिल थे, जिन्होंने युद्धक्षेत्र से लेकर सेना के सर्वोच्च पद तक का गौरवशाली सफर तय किया।
मेजर के रूप में जनरल वीएन शर्मा ने 1965 के भारत-पाकिस्तान युद्ध में लाहौर सेक्टर में मोर्चा संभाला। इसके अलावा श्रीलंका में भारतीय शांति सेना (IPKF) के अभियान में भी उन्होंने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वर्ष 1987 के भारत-चीन सैन्य गतिरोध के दौरान उनके नेतृत्व और रणनीतिक क्षमता की व्यापक सराहना हुई।
जनरल वीएन शर्मा एक गौरवशाली सैन्य परिवार से थे। वे भारत के प्रथम परमवीर चक्र विजेता मेजर सोमनाथ शर्मा के छोटे भाई थे। उन्होंने अपना पूरा सैन्य जीवन राष्ट्र की सुरक्षा, सैनिकों के कल्याण और भारतीय सेना की प्रतिष्ठा को मजबूत करने के लिए समर्पित किया। उनके निधन पर सैन्य अधिकारियों, पूर्व सैनिकों और विभिन्न संगठनों ने गहरा शोक व्यक्त करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने जताया शोक
राज्यपाल कविंद्र गुप्ता और मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने जनरल वीएन शर्मा के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया। राज्यपाल ने कहा कि हिमाचल प्रदेश ने अपने महान सैन्य नायकों में से एक को खो दिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जनरल शर्मा ने उत्कृष्ट नेतृत्व, कर्तव्यनिष्ठा और राष्ट्रसेवा से भारतीय सेना की गौरवशाली परंपराओं को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया।








