दो वक्त की रोटी के लिए घर से निकला पवन को किसी की लापरवाही ने वापस आने का मौका नहीं दिया। डंपर से गिरने वाली रेत को बचाने की कोशिश में उसकी सांसें फिसल गईं। रेत के भारी ढेर के नीचे दबा पवन हर सांस के साथ मौत से लड़ता रहा लेकिन आखिर में उसकी जिंदगी की डोर टूट गई।
काश किसी ने देख लिया होता
30 साल के नौजवान की रेत में दबने से हुई मौत ने हर किसी को स्तब्ध कर दिया। हर किसी के जुबान पर बस यही बात है कि डंपर को लोड करते समय अगर उसमें झांक लिया होता या डंपर का चालक भी तलाश करता तो शायद पवन की जान बच सकती थी।
मजदूरों की निकलीं चीखें
चौफुला-कठघरिया मार्ग पर मजदूर रोजाना की तरह काम में लगे थे। डंपर से रेता अनलोड हुआ तो वे उसे हटाने में लग गए। कुछ फावड़े चले ही थे कि रेत से पवन का हाथ दिखा। इससे मजदूरों की चीखें निकल गईं और वे वहां से दूर भाग खड़े हुए।








