लोक निर्माण विभाग नरेंद्र नगर ने मरम्मत कार्य के लिए रामझूला पुल को आवाजाही के लिए पूर्ण रूप से बंद कर दिया है। विभाग का कहना है कि दिसंबर माह के अंत तक पुल को आवाजाही के लिए खोल दिया जाएगा।
रामझूला पुल पर दोपहिया वाहनों का संचालन मुख्य रूप से 17 अगस्त 2023 को भारी बारिश और गंगा में आए उफान के कारण सहायक तार टूटने व दरारें आने के बाद पूरी तरह बंद कर दिया गया था, हालांकि इससे पहले जुलाई 2019 में भी कांवड़ यात्रा के दौरान कुछ समय के लिए दो पहिया वाहनों की आवाजाही पर रोक लगाई गई थी। गंगा के बढ़ते जलस्तर से सपोर्टिंग वायर और फाउंडेशन को नुकसान पूर्व जुलाई 2019 में भी सुरक्षा कारणों से एक दिन के लिए दोपहिया वाहन रोके गए थे।लक्ष्मणझूला बंद होने के बाद बढ़ गया था दबाव
टिहरी और पौड़ी जनपद सीमा को जोड़ने वाले करीब 92 साल पुराना लक्ष्मणझूला पुल को सुरक्षा की दृष्टि से 13 जुलाई 2019 को आवाजाही के लिए बंद कर दिया गया था। लक्ष्मणझूला बंद होने से स्थानीय लोगों और पर्यटकों को करीब दो से चार किमी पहले रामझूला और जानकीसेतु से आवाजाही करनी पड़ रही है। लक्ष्मणझूला बंद होने से रामझूला पर दबाव बढ़ गया था।
रामझूला पुल को मरम्मत के लिए पूर्ण रूप से बंद कर लिया गया है। दिसंबर माह तक मरम्मत कार्य पूर्ण कर इसे दोबारा खोल दिया जाएगा।
– प्रवीण कर्णवाल, अधिशासी अभियंता, लोनिवि नरेंद्र नगर।
पुल बंद होने से बाजारों में पसरा सन्नाटा
सावन माह की शुरुआत से ठीक पहले रामझूला पुल को सभी प्रकार के आवागमन के लिए बंद किए जाने से तीर्थनगरी में आने वाले शिवभक्तों, श्रद्धालुओं और पर्यटकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
25 जुलाई 2026 से लोक निर्माण विभाग (लोनिवि) ने सुरक्षा कारणों से पुल पर पैदल सहित सभी प्रकार की आवाजाही पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है। 28 जुलाई से शुरू हो रही कांवड़ यात्रा और सावन के दौरान इसका सीधा असर स्थानीय व्यापार पर भी दिखाई देने लगा है। रामझूला पहुंचने वाले कई श्रद्धालु पुल बंद देखकर वापस लौट रहे हैं, जिससे आसपास के बाजारों में सन्नाटा पसरा हुआ है।
सावन के समय सबसे अधिक भीड़ रहती है, लेकिन पुल बंद होने से श्रद्धालु बाजार तक नहीं पहुंच पा रहे हैं। इससे दुकानों की बिक्री आधी रह गई है।
– अनिल बिष्ट,व्यापारी
बाहरी राज्यों से आने वाले यात्री रामझूला बंद देखकर वापस लौट रहे हैं। इसका सीधा असर छोटे व्यापारियों और रेहड़ी-पटरी वालों पर पड़ रहा है।
– अशोक, व्यापारी
मरम्मत जरूरी है, लेकिन सावन से पहले वैकल्पिक व्यवस्था और बेहतर सूचना व्यवस्था होनी चाहिए थी, ताकि श्रद्धालुओं और व्यापारियों को परेशानी न हो।
– अभिषेक, व्यापारी
पिछले कुछ दिनों से बाजार में सन्नाटा है। होटल, रेस्टोरेंट और दुकानों में ग्राहकों की संख्या काफी कम हो गई है। प्रशासन को व्यापारियों के हितों को भी ध्यान में रखते हुए आवश्यक कदम उठाने चाहिए।
– भगवान सिंह गुसाई,व्यापारी






