मानसूनी बारिश का कहर: जम्मू में भूस्खलन से कई रास्ते बंद, असम में 20+ मौतें

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देश भर में मूसलाधार मानसूनी बारिश, बाढ़ और पहाड़ों पर भूस्खलन से तबाही मची है। असम में जल प्रलय जैसी स्थिति पैदा हो गई है, जिसमें बीते 24 घंटे के भीतर और 21 लोगों की मौत हो गई है। हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश के बीच एक ट्रक के फिसलकर नाले में गिर जाने से पिता-पुत्र की जान चली गई है। वहीं, जम्मू-कश्मीर के रामबन में पहाड़ से गिरे बोल्डर की चपेट में एक गाड़ी के आने से एक दंपित्त की मौत हो गई और चार लोग घायल हो गए हैं। भूस्खलन से राष्ट्रीय राजमार्ग समेत कई रास्ते बंद हैं। वैष्णो देवी और केदारनाथ यात्रा भी रास्ते बंद होने से रुक गई है।

पूर्वोतर भारत में कैसे हैं हालात?
असम में बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है। ब्रह्मपुत्र और उसकी सहायक नदियां उफान पर हैं। प्रदेश में प्रलंयकारी बाढ़ में अब तक 31 लोगों की मौत हो चुकी है। इनमें से 24 घंटे के भीतर ही शिवसागर में 13, चराईदेव में पांच, गोलाघाट में दो और जोरहाट में एक मौत शामिल हैं। राज्य के 16 जिलों में 5.64 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। 872 गांवों जलमग्न हुए हैं और 24 हजार हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र में फंसलें भी डूब गई हैं। राहत और बचाव कार्यों में एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और पुलिस के साथ ही सेना को भी लगाया गया है।

मौसम अपडेट: किन अहम बिंदुओं को जानना जरूरी? 

  • मौसम विभाग ने बुधवार को ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया था। लोगों को आपदा के मद्देनजर सतर्क रहने के निर्देश।
  • असम में अगले चार दिनों के लिए IMD का ‘येलो अलर्ट’ जारी। कुछ स्थानों पर गरज, बिजली और भारी बारिश की अनुमान।
    • असम में बुधवार को बाढ़ से एक दिन में 10 लोगों की मौत, 11 जिलों में 6.53 लाख से अधिक लोग प्रभावित।
    • चराइदेव, शिवसागर, जोरहाट और गोलाघाट जिले असम में सर्वाधिक प्रभावित। राज्य सरकार ने दिए मदद के निर्देश।
    • बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में मरम्मत और पुनर्स्थापन कार्यों में तेजी के साथ राहत सामग्री पहुंचाने पर भी जोर।
    • राज्य में इस साल की बाढ़ में मरने वालों की संख्या बढ़कर 31 पहुंची, 70 लोग लापता हैं। 

      असम में 60 वर्षों में पहली बार ऐसी बाढ़ 
      राज्य के संसदीय कार्यमंत्री पीयूष हजारिका ने बुधवार को विधानसभा में बताया कि राज्य में ऐसी बाढ़ हमने पिछले 60 वर्षों में नहीं देखी है। बाढ़ ने राज्य में भारी तबाही मचाई है। लाखों लोग प्रभावित हो रहे हैं। असम के अलावा राजस्थान में भी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

      मौसम विभाग का अनुमान क्या?
      मौसम विभाग के मुताबिक दक्षिण-पश्चिमी मानसून के सक्रिय होने से प्रदेश में बारिश तेज हुई। अजमेर, डूंगरपुर जैसे कई जिलों में मध्यम से भारी वर्षा दर्ज की गई। जयपुर मौसम केंद्र ने अगले चार-पांच दिनों तक मानसून सक्रिय रहने की संभावना जताई है। दक्षिणी और दक्षिण-पूर्वी क्षेत्रों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी है।

 

सिक्किम में सुरंग से अब तक 15 शव निकाले…
सिक्किम में निर्माणाधीन तीस्ता चरण-छह जलविद्युत परियोजना की सुरंग में हुए हादसे के बाद बुधवार शाम छह बजे तक 15 शव बाहर निकाले जा चुके हैं। सुरंग के भीतर पांच और शवों के होने की जानकारी के बाद बचाव दल उन्हें बाहर निकालने के प्रयास में जुटे हैं।

किस राज्य में कैसे हालात?
जम्मू-कश्मीर में मूसलाधार बारिश से चिनाब नदी ऊफान पर है और रियासी में सलाल बांध के सभी फाटकों को खोलना पड़ा है। भारी बारिश के बीच रामबन जिले में जम्मू-श्रीनगर हाईवे पर एक वाहन पर पहाड़ी से बड़ा पत्थर गिरने से उसमें सवार एक पति-पत्नी की मौत हो गई और चार लोग घायल हो गए। उप मुख्यमंत्री सुरिंदर चौधरी और नेशनल कॉन्फ्रेंस के सांसद मिया अल्ताफ भूस्खलन की दो अलग-अलग घटनाओं में बाल-बाल बच गए। कटड़ा में श्री माता वैष्णो देवी यात्रा लगातार चौथे दिन भी स्थगित रही। राजस्थान के पूर्वी हिस्सों के कई स्थानों पर बहुत भारी बारिश हुई। राज्य में सबसे अधिक 14 सेंटीमीटर बारिश बारां जिले के छीपा बड़ौद में दर्ज की गई। दक्षिण गुजरात के वलसाड में मूसलाधार बारिश के कारण सामान्य जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ। बुधवार को शहर में महज 10 घंटे के भीतर 243 मिमी बारिश दर्ज की गई।

हिमाचल में 281 सड़कें बंद 164 पेयजल योजनाएं ठप
हिमाचल में बुधवार लाहौल स्पीति में मनाली-लेह सामरिक मार्ग पर एक ट्रक अनियंत्रित होकर गहरे नाले में गिर गया। इसमें ट्रक में सवार दो लोगों की मौत हो गई। प्रदेश में आनी-कुल्लू नेशनल हाईवे समेत 281 सड़कें, 164 पेयजल योजनाएं ठप रही।

रात में फिर बंद किया मसूरी-देहरादून मार्ग 
उत्तराखंड में भारी बारिश के कारण क्षतिग्रस्त मसूरी-देहरादून मुख्य मार्ग को दिन में शुरू करने के बाद रात 8 बजे से सुबह 6 बजे तक केवल अति आवश्यक वाहनों को ही मार्ग से गुजरने की अनुमति दी गई है। रुद्रप्रयाग जिले में गौरीकुंड के पास भूस्खलन होने से केदारनाथ यात्रा फिलहाल रुक गई है।


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