कुवैत में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर ईरान का ड्रोन हमला, भारी नुकसान का दावा
ईरान के इस्लामिक रिवॉल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने कुवैत के अली अल सालेम एयरबेस पर मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने का दावा किया है। IRGC के अनुसार, इस ड्रोन हमले में अमेरिका का अर्ली-वार्निंग रडार सिस्टम तबाह हो गया। साथ ही विमानन उपकरण गोदाम और अमेरिकी MQ-9 ड्रोन के हैंगर पर भी सटीक हमले कर कई विमानों में आग लगा दी गई।
कुवैत का कहना है कि वह ईरानी ड्रोन हमलों का जवाब दे रहा है
कुवैती सेना ने बयान जारी कर कहा है कि वह देश पर हुए ईरानी ड्रोन हमलों का जवाब दे रही है। सेना के मुताबिक, पूरे देश में सुनाई दे रही तेज आवाजें दरअसल सुरक्षा बलों द्वारा ईरानी ड्रोनों को हवा में ही मार गिराने (इंटरसेप्शन) के कारण हो रही हैं।
इस्राइली सेना बोली- हम ईरान के खिलाफ जंग फिर से शुरू करने को तैयार
इस्राइल की सेना ने कहा कि जॉर्डन के बंदरगाह शहर अकाबा की ओर दागी गई ईरानी मिसाइलें सीमा पार कर सकती हैं। इस्राइली लोगों को सुरक्षा के लिहाज से बीते कई हफ्तों में पहली बार हवाई हमले के सायरन बजने के संबंध में सतर्क किया गया। यह पहलू भी अहम है कि ईरान ने इस्राइल के बजाय अमेरिका के सहयोगी अरब देशों पर हमले तेज कर दिए हैं। इस्राइली सेना प्रमुख, लेफ्टिनेंट जनरल आयल जमीर ने कहा, हम तुरंत युद्ध फिर से शुरू करने के लिए तैयार हैं।
जॉर्डन ने मिसाइल हमले पर क्या कहा, ईरान को इस्राइल की चेतावनी में क्या
जॉर्डन की सेना ने कहा कि उसने कई ईरानी मिसाइलों को मार गिराया। यह इस इलाके में अमेरिका के प्रमुख सहयोगी देशों में एक है। सेना के अनुसार, मिसाइलों से कोई हताहत या नुकसान नहीं हुआ। इस्राइल ने चेतावनी दी है कि पड़ोसी देश जॉर्डन की ओर दागी गई मिसाइलें इस्राइली क्षेत्र में भी जंग की आग फैला सकती हैं।







