साधु संतों के अंदर वैष्णो देवी में भगदड़ से भी श्रद्धालुओं की मौत को लेकर श्राइन बोर्ड के खिलाफ नाराजगी देखने को मिली है।रामलला के मुख्य पुजारी आचार्य सत्येंद्र दास ने जिला प्रशासन से मांग किया है कि वैष्णो देवी की घटना की जांच की जानी चाहिए। उनका कहना है कि ऐसे धार्मिक स्थान में इस तरीके की घटना की कोई चांस नहीं होती है। लेकिन यह घटना कैसे घटी सरकार इसकी जांच करें। जिससे ऐसी घटना दोबारा नहीं हो सके। पुजारी आचार्य सतेंद्र दास ने मांग किया कि देश में बहुत से ऐसे धार्मिक स्थान है।जहां इस तरीके की भीड़ होती हैं वहां पर पर्याप्त सुरक्षा के इंतजाम होने चाहिए।वही हनुमानगढ़ी के पुजारी महंत राजू दास ने श्राइन बोर्ड प्रशासन पर सवाल खड़े किए हैं। उनका कहना है कि 31 दिसंबर को भीड़ जुटनी शुरू हुई तो उसके लिए पर्याप्त व्यवस्था क्यों नहीं किया गया। यह घटना क्यों हुई उसकी जांच की वह मांग करते हैं। जो लोग इसमें दोषी हैं उनके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। संत समाज का कहना है जिस तरीके से माता वैष्णो देवी के दरबार में भगदड़ से मौत हुई है दोबारा ऐसी घटना ना हो इसके लिए सरकार इंतजाम करें।








