आदिबदरी मंदिर परिसर में दरारें आ रही हैं। समिति के पदाधिकारियों के अनुसार दरारों का बढ़ना मंदिर परिसर के लिए खतरा बन सकता है। यह दरारें हाईवे के समानांतर परिसर में हैं। कई जगह परिसर के पत्थर के भी धंस रहे हैं। आठवीं-नौवीं शताब्दी के मध्य निर्मित यह मंदिर समूह गढ़वाल के सबसे बड़े मंदिर समूहों में से एक है।
आदिबदरी धाम मंदिर प्रबंध समिति के अध्यक्ष जगदीश बहुगुणा ने मंदिर की सुरक्षा पर चिंता जताते हुए पुरातत्व विभाग से इस मामले को गंभीरता से लेने का आग्रह किया है। पुरातत्व विभाग के सीए (कंजर्वेशन असिस्टेंट) प्रमोद सेमवाल ने बताया कि महानिदेशक पुरातत्व विभाग ने हाल ही में निरीक्षण के बाद सुरक्षा के लिए एक प्रस्ताव तैयार किया है। इसमें मंदिर के धंसे आंगन को ठीक करने और राजमार्ग को अन्यत्र स्थानांतरित करने का उल्लेख है।







