दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस-वे का आज से करीब तीन महीने पहले 14 अप्रैल को जब उद्घाटन हुआ था, तब इस क्षेत्र में रहने वाले लोगों के बीच खुशी की एक लहर दौड़ गई थी। दरअसल, इस एक्सप्रेस-वे के जरिए दिल्ली से देहरादून की साढ़े छह घंटे की दूरी महज ढाई घंटे तक सिमट जानी थी। आधुनिक तकनीक और तेज रफ्तार के लिए बनाए गए इस एक्सप्रेस-वे के लिए शुरुआत में सबकुछ ठीक भी रहा। हालांकि, जैसे ही मानसून की पहली बारिश हुई, इसके एक बड़े हिस्से में खतरा पैदा हो गया। एक्सप्रेस-वे पर कहीं सड़क पर गड्ढे ही गड्ढे दिखाई दिए तो कहीं सड़क किनारों पर मिट्टी धंसने की घटना तक देखी गई।
पहले जानें- दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस-वे क्यों चर्चाओं में?
हाल ही में 31,000 करोड़ रुपये की भारी लागत से बने दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस-वे पर मानसून की पहली बारिश के बाद कई गंभीर संरचना से जुड़ी कमियां सामने आई हैं। 14 अप्रैल 2026 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसका उद्घाटन किया गया था, लेकिन महज 79 दिनों के भीतर ही इसकी हालत काफी खराब हो गई। इसे लेकर सोशल मीडिया पर जवाबदेही की मांग की गई और एक्सप्रेस-वे के खराब हालात के कई वीडियो वायरल हुए।
- मानसून के आगमन के साथ ही उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश में बारिश का दौर जारी है। इस बीच सीजन की पहली बारिश के बाद एक्सप्रेस-वे में कुछ जगहों पर गड्ढे हुए।
- शामली जिले के गोगवान जलालपुर, हाथी करौदा गांव और ख्यावड़ी कट के पास सड़क धंसने और बड़े-बड़े गड्ढे होने की घटनाएं सामने आई हैं।
- सहारनपुर में गागलहेड़ी के पास नन्हेड़ा गाजी गांव में मिट्टी धंसने से एक रेलवे पुल और एक्सप्रेस-वे दोनों के लिए खतरा पैदा हो गया है।
- इसके अलावा, बुटराड़ा से भाज्जू के बीच भी कई स्थानों पर सर्विस रोड और किनारों की मिट्टी धंस गई है, जिससे सड़क के तल के गिरने का खतरा है।
वाहनों को हुआ नुकसान
सड़क पर अचानक बने इन गड्ढों के कारण कई गाड़ियां दुर्घटनाग्रस्त हुईं और उनके अलॉय व्हील टूट गए, जिसके वीडियो भी सोशल मीडिया पर काफी वायरल हुए।
अब जानें- क्यों हुई एक्सप्रेस-वे पर ऐसी स्थिति?
दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस-वे पर गड्ढे होने की बड़ी वजह भारी बारिश और जलभराव के साथ-साथ जल निकासी प्रणाली से जुड़ी बाधाएं हैं। सोशल मीडिया पर वाहन चालकों ने दावा किया है कि गड्ढों के कारण 4-5 गाड़ियां उनके सामने ही अनियंत्रित हो गईं और कई कारों के पहिए बुरी तरह से मुड़ या टूट गए। इन वीडियोज के सामने आने के बाद एनएचएआई ने न सिर्फ बयान जारी किए, बल्कि अपने अधिकारियों पर कार्रवाई भी की है।
जल निकासी सिस्टम चालू ही नहीं
एनएचएआई और सड़क परिवहन मंत्रालय के मुताबिक, मानसून की भारी बारिश के बाद पानी जमा होने की वजह से सड़क धंस गई। जहां-जहां गड्ढे हुए है, वहां जल निकासी के लिए एक पुलिया बनाई गई थी, लेकिन स्थानीय लोगों के विरोध के कारण इसे जल निकासी प्रणाली से जोड़ा नहीं जा सका।
एनएचएआई ने सड़क पर हुए गड्ढों और इसकी खराब हालत का ठीकरा स्थानीय निवासियों पर फोड़ा। प्राधिकरण ने बताया कि स्थानीय निवासियों ने जल निकासी वाली पुलिया के मुहाने का इस्तेमाल वाहनों की आवाजाही के लिए करना शुरू कर दिया था। नतीजतन पानी की निकासी रुक गई और कैरिजवे (सड़क) के किनारे बारिश का पानी जमा हो गया, जिससे सड़क धंस गई और गड्ढे बन गए।
भूमि विवाद की वजह से काम भी लंबित रहा
बताया गया है कि एक्सप्रेस-वे पर चल रहे एक भूमि विवाद की वजह से एक्सप्रेस-वे के ढलान की सुरक्षा और पानी निकासी के लिए पक्की नाली बनाने का काम भी लंबित था। इससे स्थिति और बिगड़ गई।
निर्माण गुणवत्ता में खामियां
जलभराव के अलावा, एनएचएआई की तरफ से की गई एक प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि निर्माण की गुणवत्ता में कमी थी और सड़क के किनारों की सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं किए गए थे।
संक्षेप में कहा जाए तो जल निकासी के काम में स्थानीय स्तर पर आई रुकावटों, भूमि विवाद के कारण अधूरे पड़े सुरक्षा कार्यों और निर्माण में बरती गई कुछ खामियों के चलते पहली ही बारिश का पानी एक्सप्रेस-वे सड़क पर जमा हो गया और मिट्टी धंसने से वहां बड़े गड्ढे बन गए।
एसआईटी कैसे कर रही एक्सप्रेस-वे की जांच?
दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस-वे के निर्माण की गुणवत्ता परखने के लिए एसआईटी बहुत ही सघन और तकनीकी तरीके से जांच कर रहा है।
- इस विशेष टीम में एक स्वतंत्र तकनीकी ऑडिट एजेंसी, एनएचएआई के अभियंता, एक सेवानिवृत्त मुख्य अभियंता और एक प्राधिकरण अभियंता को शामिल किया गया है।
- टीम ने दिल्ली से देहरादून के बीच 23 अलग-अलग जगहों को चिह्नित किया है। इन सभी स्थानों पर कोर कटिंग (सड़क को उखाड़कर) के जरिए दो से तीन सैंपल लिए जा रहे हैं, ताकि निर्माण में इस्तेमाल सामग्री की गुणवत्ता परखी जा सके।
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2. आप ने क्या कहा?
आम आदमी पार्टी ने भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक्सप्रेस-वे के गड्ढों का वीडियो साझा करते हुए मोदी सरकार के विकास के दावों पर कड़ा तंज कसा। आप ने लिखा कि दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस-वे को बनाने में 12,000 करोड़ रुपये खर्च किए गए थे, लेकिन कुछ ही समय में मोदी सरकार के ‘विकास’ की सच्चाई सामने आ गई।






