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श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की 22 जुलाई को प्रस्तावित बैठक से पहले विश्व हिंदू परिषद की केंद्रीय प्रबंध समिति की बैठक 19 और 20 जुलाई को दिल्ली में आयोजित होगी। इस बैठक में राम मंदिर के चढ़ावा चोरी प्रकरण के बाद ट्रस्ट की प्रशासनिक व्यवस्था, संगठनात्मक बदलाव और नए महासचिव के चयन सहित कई महत्वपूर्ण विषयों पर विचार-विमर्श किया जाएगा।
विश्व हिंदू परिषद की केंद्रीय प्रबंध समिति की यह बैठक पहले 25 से 29 जून के बीच अयोध्या में प्रस्तावित थी, लेकिन बाद में इसे दिल्ली स्थानांतरित कर 19-20 जुलाई को आयोजित करने का निर्णय लिया गया। इस बार प्रतिनिधियों की संख्या भी सीमित कर दी गई है। पहले प्रत्येक प्रांत से चार-चार प्रतिनिधियों को बुलाने की योजना थी, जबकि अब दो-दो प्रतिनिधियों को ही आमंत्रित किया गया है। इसके चलते बैठक में करीब 150 प्रतिनिधि ही शामिल होंगे।
महासचिव पद से चंपत राय के हटने के बाद फिलहाल कृष्ण मोहन को अंतरिम रूप से यह जिम्मेदारी सौंपी गई है। अब स्थायी महासचिव के चयन को लेकर भी चर्चा होने की संभावना है। सूत्रों के मुताबिक, विश्व हिंदू परिषद के अंतरराष्ट्रीय महासचिव बजरंग लाल बांगड़ा का नाम संभावित दावेदारों में प्रमुखता से लिया जा रहा है। हालांकि अंतिम निर्णय संबंधित बैठक और ट्रस्ट की प्रक्रिया के बाद ही होगा।
कैमरों से बचते हुए चुपचाप निकल गए
श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरि बुधवार को पूर्व महासचिव चंपत राय से मिलने उनके आवास पहुंचे। दोनों के बीच करीब दो घंटे तक बंद कमरे में बातचीत हुई। मुलाकात के बाद गोविंद देव गिरि मीडिया से बिना बातचीत किए कैमरों से बचते हुए चुपचाप निकल गए।
यह मुलाकात ऐसे समय हुई है, जब मंगलवार को चंपत राय ने एक पत्र सार्वजनिक किया था जिसमें उन्होंने अपने पक्ष को विस्तार से रखा और इस्तीफा स्वीकार किए जाने की प्रक्रिया पर सवाल उठाए थे। इसके बाद हुई यह मुलाकात रामनगरी में चर्चा का विषय बन गई है।
मतभेद कम करने और संवाद स्थापित करने की कोशिश
राजनीतिक और धार्मिक हलकों में इस मुलाकात के कई मायने निकाले जा रहे हैं। माना जा रहा है कि ट्रस्ट में हाल के घटनाक्रम, चंपत राय के पत्र में उठाए गए मुद्दों और आगे की रणनीति पर दोनों के बीच विस्तार से चर्चा हुई होगी।
कुछ लोग इसे मतभेद कम करने और संवाद स्थापित करने की कोशिश के रूप में देख रहे हैं, जबकि कुछ इसे ट्रस्ट में बने हालात को सामान्य करने की पहल मान रहे हैं। हालांकि, मुलाकात के संबंध में न तो गोविंद देव गिरि और न ही चंपत राय की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी किया गया है। ऐसे में बैठक में क्या चर्चा हुई, इस पर अभी केवल अटकलें ही लगाई जा रही हैं।