अमेरिका में बढ़ा भारत का मान: न्यूयॉर्क में छाया स्वदेशी पालपोत आईएनएस सुदर्शिनी, अब बोस्टन में दिखेगा जलवा?

Spread the love

भारतीय नौसेना का स्वदेशी पालपोत आईएनएस सुदर्शिनी अमेरिका के न्यूयॉर्क दौरे को सफलतापूर्वक पूरा कर अब अपने अगले पड़ाव बोस्टन के लिए रवाना हो गया है। यह यात्रा भारतीय नौसेना के 10 महीने लंबे ‘लोकायन 2026’ महासागरीय अभियान का हिस्सा है। इस अभियान का उद्देश्य दुनिया के अलग-अलग देशों में भारत की समुद्री विरासत, स्वदेशी क्षमता और नौसैनिक सहयोग को बढ़ावा देना है।

क्यों खास रहा आईएनएस सुदर्शिनी का न्यूयॉर्क दौरा?
आईएनएस सुदर्शिनी ने आठ जुलाई 2026 को न्यूयॉर्क बंदरगाह पर अपना कार्यक्रम पूरा किया। इस दौरान जहाज ने अमेरिका की आजादी के 250वें वर्ष के अवसर पर आयोजित ‘इंटरनेशनल नेवल रिव्यू 250’ और ‘सेल250’ जैसे अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रमों में भारत का प्रतिनिधित्व किया। इन आयोजनों में कई देशों के नौसैनिक जहाज शामिल हुए। भारत की ओर से आईएनएस सुदर्शिनी की मौजूदगी ने दुनिया के सामने देश की समृद्ध समुद्री परंपरा और बढ़ती नौसैनिक क्षमता को प्रदर्शित किया।

क्या है आईएनएस सुदर्शिनी की खासियत?
आईएनएस सुदर्शिनी भारतीय नौसेना का तीन मस्तूल वाला पारंपरिक पालपोत है। इसका निर्माण भारत में किया गया है और इसे मुख्य रूप से प्रशिक्षण, समुद्री कूटनीति और सांस्कृतिक संपर्क बढ़ाने के लिए इस्तेमाल किया जाता है। यह जहाज कई अंतरराष्ट्रीय यात्राएं कर चुका है और अलग-अलग देशों में भारत की संस्कृति, समुद्री इतिहास और नौसैनिक परंपराओं का परिचय कराता है।
अब बोस्टन होगा अगला पड़ाव
न्यूयॉर्क में सभी कार्यक्रम पूरे करने के बाद आईएनएस सुदर्शिनी अब बोस्टन के लिए रवाना हो चुका है। वहां यह ‘सेल बोस्टन 2026’ समारोह में हिस्सा लेगा। इस कार्यक्रम में दुनिया के कई देशों के पारंपरिक और आधुनिक जहाज शामिल होंगे। भारतीय नौसेना के लिए यह दौरा केवल एक औपचारिक यात्रा नहीं है, बल्कि अमेरिका के साथ समुद्री सहयोग और दोस्ती को मजबूत करने का भी महत्वपूर्ण अवसर माना जा रहा है।क्या है लोकायन 2026 अभियान?
‘लोकायन 2026’ भारतीय नौसेना का करीब 10 महीने का ट्रांसओशनिक (महासागरीय) अभियान है। इसके तहत आईएनएस सुदर्शिनी कई देशों के बंदरगाहों का दौरा कर रहा है। इस अभियान का उद्देश्य है:-

  • भारत की समुद्री विरासत को दुनिया के सामने प्रस्तुत करना।
  • मित्र देशों के साथ नौसैनिक और सांस्कृतिक संबंध मजबूत करना।
  • समुद्री सुरक्षा और सहयोग का संदेश देना।
  • युवाओं और अंतरराष्ट्रीय समुदाय के बीच भारतीय नौसेना की पहचान बढ़ाना।
और पढ़े  Wedding- एक-दूसरे के हुए आमिर खान और गौरी स्प्रैट, 61 की उम्र में तीसरी बार दूल्हा बने आमिर

Spread the love
  • Related Posts

    PM Modi In Australia- ऑस्ट्रेलिया में विपक्षी नेता से मिले PM मोदी, द्विपक्षीय संबंधों की मजबूती पर जोर

    Spread the love

    Spread the loveप्रधानमंत्री मोदी का आज ऑस्ट्रेलिया दौरे का तीसरा दिन है। आज पीएम मोदी ऐतिहासिक मेलबर्न क्रिकेट स्टेडियम पहुंचे। इसके बाद प्रधानमंत्री ने ऑस्ट्रेलिया में विपक्ष के नेता एंगस…


    Spread the love

    खास संदेश: भारत में पहली बार होगी बिग बैश लीग,2036 ओलंपिक की दावेदारी दोहराई, चेपॉक में BBL मैच पर जताई खुशी

    Spread the love

    Spread the loveऑस्ट्रेलिया की प्रतिष्ठित टी20 क्रिकेट लीग बिग बैश लीग (BBL) पहली बार भारत में कदम रखने जा रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज ने…


    Spread the love