राजस्थान में मानसून लगातार सक्रिय बना हुआ है। शनिवार को सीकर, सवाई माधोपुर, झालावाड़, उदयपुर, प्रतापगढ़ और झुंझुनूं समेत कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई। कुछ स्थानों पर एक इंच तक पानी बरसा, जबकि पश्चिमी राजस्थान के कई जिलों में तेज गर्मी और उमस का असर बना रहा।
रविवार के लिए मौसम विभाग ने झालावाड़, चित्तौड़गढ़, प्रतापगढ़, बांसवाड़ा, डूंगरपुर और उदयपुर में अतिभारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। वहीं जैसलमेर और बीकानेर को छोड़कर लगभग पूरे राजस्थान में यलो अलर्ट घोषित किया गया है।
इन इलाकों में सबसे ज्यादा बारिश
पिछले 24 घंटे में चौथ का बरवाड़ा में 28 मिमी, पलसाना (सीकर) में 33 मिमी, झालरापाटन में 28 मिमी, सलूंबर में 18 मिमी, दलोत (प्रतापगढ़) में 16 मिमी, नवलगढ़ में 12 मिमी और उदयपुर शहर में 11 मिमी बारिश दर्ज की गई।
पश्चिमी राजस्थान में गर्मी कायम
बारिश के बावजूद पश्चिमी राजस्थान में गर्मी का असर कम नहीं हुआ। शनिवार को सबसे अधिक **42.9 डिग्री सेल्सियस तापमान जैसलमेर** में दर्ज किया गया। बीकानेर में 42.4, श्रीगंगानगर और बाड़मेर में 41.6 तथा फलोदी में 41.2 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया।
राजधानी जयपुर में शनिवार को बारिश नहीं हुई, लेकिन हवा में नमी 80 प्रतिशत तक पहुंचने से लोगों को दिनभर उमस का सामना करना पड़ा। दूसरी ओर उदयपुर में दिनभर रुक-रुककर बारिश होने से मौसम सुहावना रहा और कई सड़कों पर पानी भर गया। कोटा शहर में बारिश का इंतजार जारी रहा, जबकि ग्रामीण इलाकों में अच्छी बरसात दर्ज की गई।
आंधी-बारिश से जनजीवन प्रभावित
जैसलमेर के फतेहगढ़ क्षेत्र में तेज अंधड़ के साथ बारिश से कई मकानों की टीन की छतें उड़ गईं। अलवर में रूपारेल नदी का जलस्तर बढ़ने से कई ग्रामीण पुलियाओं के ऊपर पानी बहने लगा, जिससे यातायात प्रभावित हुआ। वहीं जोधपुर में शुक्रवार की आंधी के बाद शनिवार को भी मौसम ठंडा बना रहा।






