अमेरिका में बजा भारत का डंका: हडसन नदी पर INS सुदर्शिनी ने फहराया तिरंगा, नेवल रिव्यू में दिखा नौसेना का शौर्य

Spread the love

भारतीय नौसेना के जहाज आईएनएस सुदर्शिनी ने अमेरिका में देश का मान बढ़ाया है। अमेरिका अपने 250वें स्वतंत्रता दिवस का जश्न मना रहा है। इस मौके पर न्यूयॉर्क में ‘यूनाइटेड स्टेट्स इंटरनेशनल नेवल रिव्यू 250’ और ‘सेल250’ का आयोजन हुआ। हडसन नदी पर आयोजित भव्य ‘परेड ऑफ सेल’ में भारतीय नौसेना के इस जहाज ने भी हिस्सा लिया। तीन मस्तूलों वाले इस शानदार जहाज पर शान से तिरंगा लहरा रहा था। यह नजारा भारत की समृद्ध समुद्री विरासत का जीवंत प्रतीक बनकर उभरा।

हडसन नदी पर ऐतिहासिक परेड
अमेरिका में भारतीय दूतावास ने इस गौरवपूर्ण क्षण को सोशल मीडिया पर साझा किया। दूतावास ने बताया कि आईएनएस सुदर्शिनी ने चार जुलाई को न्यूयॉर्क और न्यू जर्सी के पोर्ट पर प्रवेश किया। इस विशाल जहाज ने परेड ऑफ सेल में खास ध्यान खींचा। पूरी दुनिया के नौसैनिक जहाजों के बीच भारतीय जहाज की चमक अलग ही थी। यह भागीदारी भारत और अमेरिका के मजबूत होते नौसैनिक रिश्तों को बयां करती है। यह जहाज अंतरराष्ट्रीय मंच पर आपसी सहयोग और दोस्ती का संदेश दे रहा है।

10 महीने लंबा लोकायन अभियान की खास बातें क्या? 
आईएनएस सुदर्शिनी की यह यात्रा बेहद खास और ऐतिहासिक है। यह जहाज इस समय ‘लोकायन 2026’ अभियान पर निकला हुआ है। यह महासागरों को पार करने वाला एक लंबा ट्रांस-ओशनिक अभियान है।
13,000 मील का सफर: यह अभियान कोच्चि से शुरू हुआ था। पिछले पांच महीनों में यह जहाज 13,000 नॉटिकल मील से अधिक की दूरी नाप चुका है।

वसुधैव कुटुंबकम की भावना: इस अभियान का मकसद दुनिया भर की नौसेनाओं के बीच आपसी विश्वास बढ़ाना है। भारत हमेशा से ‘वसुधैव कुटुंबकम’ यानी पूरी दुनिया एक परिवार है के सिद्धांत पर चलता है। यह यात्रा इसी भावना को समर्पित है।

पिछले अहम पड़ाव: न्यूयॉर्क आने से पहले यह जहाज मैरीलैंड के बाल्टीमोर पोर्ट पर पहुंचा था। वहां इसका शानदार स्वागत हुआ। बाल्टीमोर आने के लिए जहाज ऐतिहासिक चेसापीक एंड डेलावेयर नहर से गुजरा था। इस दौरान उसने मिड-अटलांटिक के कई बड़े पुलों को पार किया था।

वैश्विक कूटनीति का अहम हिस्सा
बाल्टीमोर से पहले इस जहाज ने वर्जीनिया के नॉरफॉक में हिस्सा लिया था। वहां 19 से 23 जून तक ‘सेल250 वर्जीनिया’ समारोह आयोजित हुआ था। उस समय भी सुदर्शिनी ने दुनिया भर के जहाजों के साथ परेड ऑफ सेल और सिटी क्रू परेड में दम दिखाया था। आईएनएस सुदर्शिनी मूल रूप से भारतीय नौसेना का एक सेल ट्रेनिंग शिप यानी नौकायन प्रशिक्षण पोत है। इसका मुख्य काम नौसैनिकों को पारंपरिक नौकायन की बारीकियां सिखाना है। इसके साथ ही यह जहाज समुद्री कूटनीति का एक बड़ा माध्यम बन चुका है। अमेरिका के इस देशव्यापी जश्न में अब यह जहाज आगे बोस्टन और न्यू ऑरलियन्स जैसे बंदरगाहों का रुख करेगा।

Spread the love
और पढ़े  अमेरिकी उपराष्ट्रपति JD वेंस के घर गूंजी किलकारी: पत्नी उषा ने दिया बेटे को जन्म
  • Related Posts

    शराबी ने थाने से उड़ाई पुलिस की बोलेरो, 8 लोगों को रौंदा; अब टीआई ने मामले में तोड़ी चुप्पी

    Spread the love

    Spread the loveपन्ना जिले के रैपुरा थाने में बुधवार 22 जुलाई को हुई घटना को लेकर आखिरकार थाना प्रभारी स्मिता सिंह बघेल ने अपनी चुप्पी तोड़ते हुए पूरा घटनाक्रम स्पष्ट किया।…


    Spread the love

    West Asia- ईरान ने खाड़ी क्षेत्र में अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाया, सऊदी ने यमन में बरसाए बम

    Spread the love

    Spread the loveईरान पर अमेरिकी सेना के हमलों का दायरा बढ़ गया है। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच राष्ट्रपति ट्रंप ने संकेत दिए हैं कि फिलहाल युद्ध रोकने…


    Spread the love