महाराष्ट्र के शिक्षा मंत्री दादा भुसे ने सोमवार को घोषणा की कि राज्य के सभी स्कूलों में कक्षा 1 से 10 तक मराठी भाषा अनिवार्य होगी। उन्होंने निर्देश का उल्लंघन करने वाले संस्थानों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी और कहा कि सरकार मराठी भाषा और छत्रपति शिवाजी महाराज की विरासत को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है।
CBSE की नई भाषा नीति के बीच महाराष्ट्र ने मराठी शिक्षा पर सख्ती बढ़ाई
भुसे ने कहा कि सभी स्कूलों को नए नियमों का सख्ती से पालन करना होगा। यदि कोई स्कूल मराठी भाषा को अनिवार्य रूप से नहीं पढ़ाता है या नियमों की अनदेखी करता है, तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
महाराष्ट्र सरकार का यह फैसला ऐसे समय में आया है, जब CBSE ने देशभर के स्कूलों में चरणबद्ध तरीके से तीन-भाषा फॉर्मूला लागू करने की योजना की घोषणा की है। हालांकि, CBSE ने स्पष्ट किया है कि वर्तमान 10वीं कक्षा के छात्रों पर नई भाषा नीति लागू नहीं होगी। वहीं, अभी 7वीं, 8वीं और 9वीं कक्षा में पढ़ रहे छात्रों को 10वीं बोर्ड परीक्षा में तीसरी भाषा का पेपर नहीं देना होगा।
CBSE के अनुसार, जिन छात्रों ने पहले से दो विदेशी भाषाएं चुनी हैं, उन्हें अब इनके साथ एक अतिरिक्त भारतीय भाषा भी पढ़नी होगी। बोर्ड ने यह भी आश्वासन दिया है कि नई व्यवस्था के लिए जरूरी अध्ययन सामग्री समय पर उपलब्ध कराई जाएगी।








