मानसून-: भटके हुए बादलों ने मुंबई में की आफत की बारिश, कई इलाकों में हुआ जलभराव, IMD का ऑरेंज अलर्ट

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क्षिण-पश्चिम मानसून आखिरकार मंगलवार को मुंबई पहुंच गया। यह सामान्य तारीख से 13 दिन की देरी से आया है। मानसून की दस्तक के साथ ही  मुंबई में मंगलवार रात हुई भारी बारिश ने शहर के कई हिस्सों में मुश्किलें खड़ी कर दीं। हालांकि इससे लोगों को भीषण गर्मी से राहत भी मिली। मूसलाधार बारिश की वजह से निचले इलाकों में भारी जलभराव हो गया, जिससे लोगों को भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ा रहा है। बीएमसी के अधिकारियों ने जानकारी दी कि अंधेरी सबवे में पानी इतना ज्यादा भर गया कि उसे गाड़ियों की आवाजाही के लिए अस्थायी रूप से बंद करना पड़ा।

 

बीएमसी ने बारिश के आंकड़े भी जारी किए हैं। 23 जून को सुबह 8 बजे से रात 11 बजे तक शहर में औसत 56 मिमी बारिश हुई। इस दौरान पूर्वी उपनगरों में 23 मिमी और पश्चिमी उपनगरों में 33 मिमी बारिश दर्ज की गई। रात 10 बजे से 11 बजे के बीच का एक घंटा बहुत भारी रहा। इस एक घंटे में पश्चिमी उपनगरों के कई इलाकों में तेज बारिश हुई। कांदिवली के चारकोप सेक्टर 1 म्युनिसिपल स्कूल में 32 मिमी बारिश हुई। मालाड के एमएचबी म्युनिसिपल स्कूल में 28 मिमी और गजधरबंध स्टॉर्म वाटर पंपिंग स्टेशन पर 26 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। जुहू डिस्पेंसरी में 22 मिमी और सांताक्रूज के नारियलवाड़ी स्कूल में 21 मिमी बारिश हुई।

 

प्रशासन ने बताया कि अंधेरी सबवे को छोड़कर बाकी सभी सबवे में यातायात चालू रहा। मुंबई की लाइफलाइन कही जाने वाली रेलवे सेवा पर बारिश का ज्यादा असर नहीं पड़ा और ट्रेनें सामान्य रूप से चलती रहीं। हालांकि, इस दौरान सड़कों पर हालात काफी खराब थे। एवरार्ड नगर के एक सबवे में जलभराव की खबर मिलने के बाद उसे भी जनता के लिए बंद कर दिया गया। ईस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे पर भी बुरा हाल था। वहां सड़कों पर पानी जमा होने और कम दृश्यता के कारण वाहन चालक बहुत संभलकर चल रहे थे।

 

बीएमसी अधिकारी ऋतिक ने स्थिति पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि अंधेरी सबवे में गंभीर जलभराव का अभी तक कोई अस्थायी समाधान नहीं मिल सका है। बीएमसी के कर्मचारी वहां लगातार खड़े हैं ताकि कोई भी वाहन पानी के अंदर न जाए। उन्होंने एक घटना का जिक्र करते हुए बताया कि कुछ रिक्शा चालक मना करने के बाद भी सबवे पार करने की कोशिश करते हैं। एक रिक्शा सबवे के बिल्कुल बीच में फंस गया था। रिक्शा चालक की जान पर बन आई थी, लेकिन बीएमसी के दो अधिकारियों ने सूझबूझ दिखाते हुए उसे सुरक्षित बाहर निकाल लिया।

 

एक अन्य अधिकारी रॉबर्ट ने बताया कि उनकी टीमें पूरी कोशिश कर रही हैं कि कोई भी वाहन डूबे हुए सबवे में प्रवेश न करे। वे लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए दिन-रात काम कर रहे हैं। बारिश के बीच सायन से कुछ ऐसी तस्वीरें भी आईं जहां लड़के जलभराव वाली सड़कों पर मस्ती करते दिखे। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे खराब मौसम में अपनी सुरक्षा का पूरा ध्यान रखें।

इस बीच, मौसम विभाग ने सुबह चार बजे मुंबई और पालघर के लिए ‘रेड अलर्ट’ जारी किया था। इसमें बिजली कड़कने और 40-60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलने की चेतावनी दी गई थी। हालांकि सुबह 7 बजे इसे घटाकर ‘ऑरेंज अलर्ट’ कर दिया गया।

मौसम विभाग का अलर्ट मुंबई, ठाणे, रायगढ़, पालघर और सिंधुदुर्ग जिलों के लिए है। मुंबई में मानसून आखिरकार मंगलवार को पहुंच गया। यह अपनी सामान्य तारीख 10 जून से 13 दिन की देरी से आया है। इससे लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली है। आंकड़ों के अनुसार, 2023 में मानसून 25 जून को आया था। सबसे ज्यादा देरी 1974 और 1958 में हुई थी, जब मानसून 28 जून को पहुंचा था। भारी बारिश के बावजूद शहर की रफ्तार नहीं थमी। शहर के सभी मुख्य सबवे खुले रहे। लोकल ट्रेनें अपने समय पर चलीं और बेस्ट (BEST) बसों का संचालन भी बिना किसी रुकावट के जारी रहा।

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