राजधानी लखनऊ में सोमवार को अलीगंज क्षेत्र के पुरनिया में एक एनिमेशन सेंटर में भीषण आग लग गई। आग लगने के बाद बिल्डिंग में धुआं भर गया। इससे अंदर मौजूद छात्रों में भगदड़ मच गई। कई छात्रों ने जान बचाने के लिए ऊंचाई से छलांग लगा दी। इससे वह घायल हो गए। केजीएमयू की ओर से 15 मौतों की पुष्टि की गई है। मौके पर डीजीपी राजीव कृष्ण और प्रमुख सचिव संजय प्रसाद भी पहुंच गए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हादसे पर दुख जताया है। पढ़ें…
अपने को खो चुका भुवन कुछ भी नहीं कह सका
अलीगंज अग्निकांड में घायल भुवन श्रीवास्तव को अपने दर्द से ज्यादा ममेरे भाई की मौत का सदमा लगा है। डालीगंज में रहने वाले भुवन और सीतापुर के बिसवां के कैथी टोला निवासी आदित्य पुत्र आलोक घटना के समय कोचिंग सेंटर में ही थे। हादसे में आदित्य की मौत हो गई, भुवन गंभीर घायल हो गए थे। मंगलवार को भुवन अपने भाई के साथ बिसवां पहुंचे। जहां उनके मुंह से शब्द नहीं सिर्फ आंसू ही निकल रहे थे। लोगों ने उनसे घटना के बारे पूछने का काफी प्रयास किया, लेकिन भुवन ने सिर हिलाकर कुछ भी बोलने से मना कर दिया। उधर, आदित्य के परिवार में मातम छाया है।
आरोपियों से पूछताछ की जा रही है, जेल जाएंगे

लखनऊ अग्निकांड के बाद आज अलीगंज में दुकानें बंद
लखनऊ अग्निकांड की घटना के बाद मंगलवार को अलीगंज इलाके में दुकान बंद है और इन दुकानों के ऊपर लोग भी रहते हैं। यह तस्वीर है बेलीगारद चौराहे से सेक्टर क्यू चौराहे की तरफ जाने वाले मार्ग की।








