बदमाश ललन सिंह का एनकाउंटर: 700 किमी से आकर किया इनामी को ढेर, स्थानीय पुलिस अंजान, कुख्यात का आपराधिक इतिहास

Spread the love

हारनपुर के सरसावा थाना क्षेत्र में 1.25 लाख रुपये के इनामी बदमाश ललन सिंह के एनकाउंटर ने एक बार फिर स्थानीय पुलिस की भूमिका पर सवाल खड़े कर दिए हैं। करीब 700 किलोमीटर दूर लखनऊ से पहुंची एसटीएफ ने रात के समय पूरी कार्रवाई अपने स्तर पर अंजाम दी। वहीं सरसावा पुलिस सोती रही। पुलिस को न तो पहले भनक लगी और मौके पर पहुंचने के बाद एसटीएफ ने वापस भेज दिया।

सोमवार तड़के एसटीएफ ने सरसावा क्षेत्र में 1.25 लाख रुपये के इनामी बदमाश ललन सिंह को मुठभेड़ में मार गिराया। पूरी कार्रवाई बेहद गोपनीय रखी गई। स्थानीय पुलिस को इसकी जानकारी तब हुई, जब मुठभेड़ लगभग समाप्त हो चुकी थी। यह पहला मौका नहीं है, जब स्थानीय पुलिस अपने ही क्षेत्र में हुई बड़ी कार्रवाई से अनजान रही हो।

इससे पहले 20 दिसंबर की रात भी लखनऊ एसटीएफ ने गंगोह क्षेत्र में सुल्तानपुर जिले के एक लाख के इनामी सिराज को मुठभेड़ में ढेर किया था। उस समय भी स्थानीय पुलिस को कार्रवाई की भनक नहीं लगी थी और एसटीएफ ने अकेले ऑपरेशन पूरा किया था। इस पूरी मुठभेड़ में न केवल स्थानीय पुलिस के मुखबिर तंत्र पर सवाल खड़े हो रहे हैं, बल्कि पूरी कार्रवाई के दौरान कई सवाल अब भी ऐसे हैं, जिनके जवाब स्पष्ट नहीं है।

कई जघन्य वारदातों में था शामिल
एसटीएफ रिकॉर्ड के मुताबिक, बदमाश ललन सिंह अपने भाइयों और गिरोह के अन्य सदस्यों के साथ मिलकर कई संगीन अपराधों में शामिल रहा है। उसके खिलाफ सात लोगों की हत्या, बैंक डकैती, कैश वैन लूट और सरकारी हथियारों की लूट जैसे गंभीर मामले दर्ज थे। मारे गए लोगों में दो उप निरीक्षक, एक बैंक कैशियर और एक सुरक्षा गार्ड भी शामिल थे।
यह उठ रहे सवाल
पहला सवाल यह है कि बिहार के समस्तीपुर जिले का रहने वाला ललन सिंह आखिर यहां क्यों आया था, जिसकी भनक लखनऊ एसटीएफ को लग गई और स्थानीय पुलिस सोती रह गई। अभी तक जांच में ऐसा कुछ आया नहीं है कि ललन सिंह यहां रह रहा था या कहीं पर छिपा हुआ था। दूसरा सवाल यह है कि मौके से भागा ललन का साथी कौन है। वह कोई स्थानीय है या फिर बिहार का रहने वाला है ये भी जांच का विषय है। तीसरा अहम सवाल यह है कि जिस तरीके से छह माह पहले सुल्तानपुर जिले के सिराज और अब ललन यहां पर ढेर हुए तो क्या यहां पूर्वांचल और बिहार के गैंग सक्रिय हो रहे हैं।
और पढ़े  अयोध्या- भगवान राम के मंदिर भी चोरो से सुरक्षति नहीं- सत्यभान सिंह जनवादी 

दो भाइयों का भी हुआ था एनकाउंटर
एसटीएफ के अनुसार, ललन सिंह अपने भाइयों के साथ मिलकर गैंग चलाता था। सितंबर 2022 में वह पटना में न्यायिक अभिरक्षा से फरार हो गया था। उसके भाई मनीश सिंह और रजनीश सिंह उसके साथ फरार हो गए थे। बाद में मनीश सिंह और रजनीश मुठभेड़ में मारे गए थे। मुठभेड़ में ललन सिंह की मौत के बाद उसके परिजनों को सूचना दे दी गई। हालांकि देर रात तक वह सहारनपुर नहीं पहुंचे थे और शव को पोस्टमार्टम हाउस में रखवा दिया गया था।

कब-कब मुठभेड़ में ढेर हुए बदमाश

  • 21 दिसंबर 2025 को गंगोह में गंगोह-शेरपुर मार्ग पर गांव सलारपुरा के पास लखनऊ एसटीएफ ने मुठभेड़ में एक लाख रुपये का इनामी सिराज अहमद 38 को ढेर किया था। वह 30 से अधिक मामलों में वांछित था। मुन्ना बजरंगी का साथी रहा था। सुल्तानपुर जिले में शहर कोतवाली क्षेत्र का रहने वाला था।
  • पांच अक्तूबर 2025 को सरसावा थाना क्षेत्र में गांव अगवानहेड़ी के पास मुठभेड़ में एक लाख के इनामी बदमाश इमरान को मार गिराया था। इमरान डकैती, लूट की घटनाओं में वांछित था।
  • 18 मार्च 2026 को मिर्जापुर व फतेहपुर पुलिस की गोकश शहजाद निवासी गंदेवड़ा से गांव शेरपुर पेलो के पास मुठभेड़ हुई थी। एक लाख का इनामी घोषित था। गोकशी, गैंगस्टर व हत्या के प्रयास सहित 44 प्राथमिकी दर्ज थी। इसमें सिपाही साेमेंद्र व कुलदीप घायल हुए थे। इनके बाजू में गोली लगी थी।
  • 29 मई को सरसावा में पुलिस की एक लाख के इनामी अहसान से मुठभेड़ हुई थी। इसमें पुलिस की गोली लगने से बदमाश अहसान ढेर हुआ था, जबकि उसका साथी भागने में कामयाब रहा था। जवाबी फायरिंग के दौरान एसएसपी अभिनंदन सिंह और चिलकाना थाना प्रभारी विनोद कुमार की बुलेटप्रुफ जैकेट में गोली लगी, जबकि सरसावा थाना प्रभारी प्रवेश शर्मा की बाजू व कांस्टेबल के हाथ में गोली लगी थी।
  • 22 जून को लखनऊ एसटीएफ ने सरसावा-नकुड़ मार्ग पर 1.25 लाख के इनामी कुख्यात बदमाश ललन सिंह को मुठभेड़ में ढेर किया है। वह बिहार में समस्तीपुर जिले का रहने वाला था। इस पर हत्या, बैंक डकैती, कैश वैन लूट और सरकारी हथियारों की लूट जैसे गंभीर मामले दर्ज हैं।
और पढ़े  अयोध्या- CM के दौरे को लेकर जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी और एसएसपी डॉ. गौरव ग्रोवर ने अधिकारियों के साथ जैन मंदिर पर कार्यक्रम स्थलों का किया गया निरीक्षण

कुख्यात बदमाश ललन सिंह का आपराधिक इतिहास

  • 16 मार्च 2016 को बिहार के नालंदा में एएसआई भुवनेश्वर सिंह को गोली मारकर घायल किया। सरकारी रिवाल्वर लूटी।
  • 18 अप्रैल 2016 को पटना में एएसआई सुरेश ठाकुर की हत्या कर सरकारी पिस्टल लूटी।
  • 24 सितंबर 2016 को पटना में एएसआई आरआर चौधरी की हत्या कर सरकारी पिस्टल लूटी।
  • 27 फरवरी 2017 को नालंदा में कैश वैन लूट के दौरान दो लोगों की हत्या कर लगभग 20 लाख लूटे।
  • छह मार्च 2017 को पटना में बैंक कैश ले जा रहे कर्मियों पर हमला किया। तीन की हत्या कर लगभग 60 लाख लूटे।
  • 29 मार्च 2017 को पटना में हत्या के प्रयास और अवैध हथियार से जुड़ा मामला दर्ज हुआ।
  • आठ सितंबर 2022 को पटना में अभिरक्षा से फरार होने और कराने से जुड़ा मामला दर्ज हुआ।
  • 30 अक्तूबर 2022 को वाराणसी के लंका में चोरी का मामला दर्ज हुआ।
  • एक नवंबर 2022 को चंदौली जिले के थाना सकलडीहा में लालब्रत चौहान को गोली मारकर बाइक लूटी।
  • आठ नवंबर 2022 को वाराणसी के रोहनिया थाने में दरोगा अजय यादव को गोली मारी। सरकारी पिस्टल और अन्य सामान लूटा।
  • 21 नवंबर 2022 को वाराणसी के डाभां थाने में पुलिस मुठभेड़ में पुलिस टीम पर फायरिंग। लूटी गई पिस्टल बरामद की गई।
  • अप्रैल-मई 2023 को वाराणसी के थाना रोहनिया और डाभां में उद्घोषणा का पालन नहीं करने का मामला दर्ज किया गया।

मुठभेड़ में 1.25 लाख का इनामी बदमाश ललन सिंह ढेर
सहारनपुर में सरसावा-नकुड़ रोड पर सोमवार तड़के लखनऊ से आई एसटीएफ और बदमाशों के बीच हुई मुठभेड़ में 1.25 लाख रुपये का इनामी कुख्यात बदमाश ललन सिंह मारा गया। बिहार के समस्तीपुर जिले के रहने वाले बदमाश ललन सिंह पर वाराणसी पुलिस आयुक्त की ओर से एक लाख रुपये और चंदौली पुलिस अधीक्षक ने 25 हजार रुपये का इनाम घोषित था। मुठभेड़ के दौरान अपर पुलिस अधीक्षक और निरीक्षक की बुलेट प्रूफ जैकेट में एक-एक गोली लगी।
और पढ़े  हम 15 साल की किशोरी का भी गर्भपात करा देते हैं, बच्चा हुआ तो अच्छे पैसे मिलते' खुलासा...

यूपी एसटीएफ को सूचना मिली थी कि बिहार के पटना में आठ सितंबर 2022 में अपने दो भाइयों के साथ न्यायिक अभिरक्षा से भागे, वाराणसी कमिश्नरेट और चंदौली जिले से वांछित कुख्यात बदमाश ललन सिंह अपने साथी के साथ मिलकर सहारनपुर में बड़ी वारदात को अंजाम देने वाला है। सोमवार तड़के करीब तीन बजे अपर पुलिस अधीक्षक लाल प्रताप सिंह के नेतृत्व में निरीक्षक अंजनी कुमार पांडेय, आदित्य कुमार सिंह, उप निरीक्षक मनोज कुमार ने टीम के साथ सरसावा-नकुड़ रोड पर वाहनों को दोनों तरफ लगाकर चेकिंग करने लगे।

इसी दौरान एक बाइक पर सवार दो बदमाशों को टीम ने रुकने का इशारा किया तो बदमाशों ने फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में 1.25 लाख रुपये का इनामी बदमाश ललन सिंह निवासी गांव आनंदगोलवा जिला समस्तीपुर बिहार गोली लगने से घायल हो गया, जबकि उसका साथी भागने में कामयाब रहा। घायल बदमाश को गंभीर हालत में जिला अस्पताल लाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। फायरिंग के दौरान अपर पुलिस अधीक्षक लाल प्रताप सिंह व निरीक्षक आदित्य कुमार सिंह की बुलेट प्रूफ जैकेट में गोली लगी।

दरोगा की हत्या कर लूटी थी सर्विस पिस्टल
ललन सिंह का नाम आठ नवंबर 2022 को वाराणसी में एक उपनिरीक्षक की गोली मारकर हत्या करने और उसकी सर्विस पिस्टल लूटने की घटना में प्रमुख रूप से सामने आया था। इसके अलावा एक नवंबर 2022 को चंदौली जिले में हुई गोलीबारी और डकैती की वारदात में भी वह वांछित था। लंबे समय से विभिन्न राज्यों की पुलिस उसकी तलाश कर रही थी।
यूपी एसटीएफ की टीम के साथ मुठभेड़ में सवा लाख का इनामी ललन सिंह मारा गया है। उसके साथी की तलाश की जा रही है।– अभिषेक सिंह, डीआईजी सहारनपुर रेंज

Spread the love
  • Related Posts

    लखनऊ कोचिंग अग्निकांड- CM योगी का ताबड़तोड़ एक्शन, चार अफसरों को किया सस्पेंड, 4 गिरफ्तार, एसआईटी करेगी जांच

    Spread the love

    Spread the loveराजधानी लखनऊ के अलीगंज अग्निकांड में कार्रवाई करते हुए चार अफसरों को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया है। साथ ही मामले में चार लोगों को गिरफ्तार…


    Spread the love

    लखनऊ कोचिंग अग्निकांड- लखनऊ अग्निकांड में अब तक 4 की गिरफ्तारी, पंजाब सीएम जताई संवेदनाएं

    Spread the love

    Spread the loveराजधानी लखनऊ में सोमवार को अलीगंज क्षेत्र के पुरनिया में एक एनिमेशन सेंटर में भीषण आग लग गई। आग लगने के बाद बिल्डिंग में धुआं भर गया। इससे अंदर…


    Spread the love