आगामी चुनाव में भारतीय जनता पार्टी की विधानसभावार गठित कोर कमेटियां अहम किरदार अदा करेंगी। पहली बार संगठन ने हर विधानसभा की अलग कोर कमेटी का गठन किया है। यह कमेटी ही तय करेगी कि वर्तमान विधायक चुनाव जिता पाएंगे या उस विधानसभा में कौन दावेदार जिताऊ है, उसकी रिपोर्ट के आधार पर राष्ट्रीय नेतृत्व प्रत्याशियों का चयन करेगा।
भाजपा ने राज्य की सियासत में लगातार तीसरी जीत के लिए कमर कस ली है। हर विधानसभा में बूथ स्तर तक प्रशिक्षण से लेकर प्रकोष्ठों का गठन भी कर दिया गया है। जगह-जगह प्रबुद्ध सम्मेलन कराए जा रहे हैं। इस बीच पहली बार भाजपा ने राज्य कोर कमेटी के अलावा हर विधानसभा की अलग-अलग कोर कमेटियां गठित कर दी हैं। इन कमेटियां में उस विधानसभा क्षेत्र के सांसद, वहां निवास करने वाले कोई भी प्रदेश पदाधिकारी, मोर्चा के प्रदेश पदाधिकारी, जिलाध्यक्ष, पूर्व जिलाध्यक्ष से लेकर वर्तमान मेयर, पालिकाध्यक्ष, जिला पंचायत अध्यक्ष व मंडल अध्यक्ष तक शामिल किए गए हैं।
यह कोर कमेटी आगामी चुनाव तक उस विधानसभा में वर्तमान विधायक की परफॉर्मेंस को करीब से देखेगी और जनता के बीच उनकी छवि को भी भांपेगी। इसके साथ ही वर्तमान विधायक के सामने जो भी दावेदार हैं, उनका दम भी देखेगी। साफ है कि जब चुनाव आएगा तो यह कोर कमेटी ही चुनाव के दावेदारों की सूची राज्य से होते हुए राष्ट्रीय नेतृत्व तक पहुंचाएगी। यानी कोर कमेटी प्रत्याशियों के चयन में अहम किरदार अदा करेगी।
विधायकों को लक्ष्य, चुनाव जीतने के लिए वादे पूरे करें
भाजपा ने अपने सभी विधायकों को स्पष्ट लक्ष्य दे दिया है कि उन्होंने पिछले चुनाव के समय जनता से जो वादे किए थे, उन्हें धरातल पर पूरा करें। जनता के बीच अगर किसी बात को लेकर रोष है तो उस पर भी ध्यान दें। किसी सूरत में ऐसे प्रत्याशी पर भाजपा दांव नहीं लगाएगी, जिसकी लोकप्रियता जनता के बीच में कम हो गई है। लिहाजा ये भी माना जा रहा है कि कई सीटों पर संगठन वर्तमान विधायकों के टिकट काटेगा। इनकी जगह ज्यादा जिताऊ प्रत्याशी पर दांव खेला जाएगा।
हर विधानसभा सीट की अलग कोर कमेटी स्थानीय मुद्दों, बूथ प्रबंधन और केंद्र व राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने का रोडमैप तैयार कर रही है। पहली बार हमने यह बदलाव किया है, जो कि निश्चित तौर पर संगठन की तीसरी जीत को और मजबूत बनाएगी।
-महेंद्र भट्ट, प्रदेश अध्यक्ष, भाजपा







