टिहरी- हर आंख नम, हर दिल गर्वित: राजौरी में बलिदानी रोहित पंचतत्व में विलीन, अंतिम विदाई में उमड़ा जनसैलाब

जम्मू-कश्मीर के नौशेरा में एलओसी पर गश्त के दौरान सर्विस राइफल की गोली लगने के कारण बलिदान हुए रोहित सिंह का बिनपुला भिलंगना घाट  पर सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। स्थानीय लोगों ने पार्थिव शरीर पर पुष्प अर्पित कर वीर जवान को श्रद्धांजलि अर्पित की।

बलिदानी की अंतिम यात्रा में पहुंचे लाेगों ने कहा कि 21 साल की उम्र रोहित ने देश के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया। उनका यह बलिदान हमेशा याद रखा जाएगा। रोहित की असमय मौत पर मेंडू सिंधवाल गांव में मातम पसरा रहा। बेटे का पार्थिव शरीर गांव पहुंचते ही परिजन लिपट कर रोते-बिलखते रहे। जिससे हर किसी की आंखें नम हो गई।

 

Uttarakhand Martyred Agniveer soldier Rohit Singh Funeral in tehri family and People Crying

भिलंगना ब्लॉक के मेंडू सिंधवाल गांव निवास रोहित सिंह रावत (21) पुत्र सुरेंद्र सिंह एक साल पहले ही अग्निवीर के तहत सेना में भर्ती हुए थे। जनवरी 2026 में ट्रेनिंग पूरी कर उन्हें जम्मू में तैनाती मिली। बताया गया कि 10 जून को सुबह गश्त के दौरान अचानक ही रोहित को अपनी सर्विस राइफल से गोली लग गई। जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। उसके कुछ देर बाद ही वीर जवान ने दम तोड़ दिया।

हालांकि, गोली किन परिस्थितियों में लगी यह अभी पूरी तरह स्पष्ट नहीं हो पाया है। सेना के अधिकारियों की ओर से मामले की गहन जांच की जा रही है। 11 जून को देर रात रोहित का शव गांव पहुंचा था। जवान का पार्थिक शरीर गांव पहुंचते ही परिवार में कोहराम मच गया। वहां मौजूद लोगों की आखें भी नम हो गई। शुक्रवार को देश के लिए अपना बलिदान देने वाले वीर सैनिक का उनके पैतृक घाट बिनपुला में पूरे सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया।

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इस दौरान देशभक्ति नारे और अमर बलिदानी रोहित रावत अमर रहें के जयघोष से पूरा क्षेत्र गूंज उठा। घनसाली विधायक शक्ति लाल शाह, पूर्व विधायक भीमलाल आर्य, नगर पंचायत अध्यक्ष आनंद बिष्ट, जिला पंचायत सदस्य विजय लाल, धनपाल बिष्ट, शौकिन भंडारी, हयात कंडारी, विजय गुनसोला, चंद्रमोहन नौटियाल, अनिल चौहान, भरत गुसाईं, केदार बर्थवाल, यशवंत गुसाईं,एसडीएम मंजू राजपूत और तहसीलदार महेशा शाह सहित बड़ी संख्या में पहुंचे लोगों ने दिवंगत रोहित को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित कर अंतिम विदाई दी।

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बेटे की असमय मौत पर पिता सुरेंद्र सिंह,मां भीमा देवी, छोटे भाई मोहित और दादी का रो-रो कर बुराहाल है। गांव की हर आंखें नम थी। आस-पास क्षेत्र के लोगों का बलिदानी युवक के परिजनों को सांत्वना देने का सिलसिला दिनभर चलता रहा। विधायक ने कहा कि बलिदानी रोहित की याद में शीघ्र ही स्मृति द्वार बनाया जाएगा।

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