दक्षिण-पश्चिम मानसून अगले दो से तीन दिनों में केरल और तमिलनाडु के कुछ हिस्सों में प्रवेश कर जाएगा। अमूमन मानसून के केरल पहुंचने की सामान्य तारीख एक जून होती है, लेकिन इस बार अल नीनो के प्रभाव से इसमें देरी हुई है। हालांकि, महाराष्ट्र और दक्षिण भारत के तटीय क्षेत्रों में मानसून पूर्व बारिश की शुरुआत हो चुकी है।
दो-तीन दिन से बेअसर नौतपा
पश्चिमी विक्षोभ के असर से उत्तर भारत में नौतपा दो-तीन दिन से बेअसर हो गया है। फिलहाल लू की संभावना भी नहीं है। मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने बताया कि अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से आने वाली मानसूनी हवाओं के लिए हालात पूरी तरह अनुकूल हैं। ये हवाएं तेजी से आगे बढ़ रही हैं, जिससे दक्षिण भारत के राज्यों केरलम, तमिलनाडु और तटीय आंध्र प्रदेश में भारी बारिश और गरज के साथ बौछारें शुरू होने की उम्मीद है।
उत्तर-पश्चिमी उत्तर प्रदेश में पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय है। बुधवार से नए पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने की संभावना है। इसके प्रभाव से 6 जून को जम्मू-कश्मीर में छिटपुट से उत्तराखंड तक गरज व चमक के साथ बारिश होने और 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, पश्चिमी व पूर्वी यूपी में 5 जून तक छिटपुट बारिश, ओलावृष्टि व 70 किमी प्रति घंटे की गति से हवाएं चलेंगी। दिल्ली में सामान्य से 3.7 डिग्री नीचे तापमान बना है। अधिकतम पारा सोमवार को 36.3 डिग्री रहा।अहमदाबाद में अचानक बदला मौसम
इस बीच, गुजरात के अहमदाबाद में मौसम ने अचानक करवट बदल ली है, जिससे शहर के कई हिस्सों में तेज हवाओं और कड़कती बिजली के साथ हल्की बारिश हुई। इस अचानक आए बदलाव और आंधी-पानी से शहर का तापमान गिर गया है, जिससे स्थानीय लोगों को भीषण गर्मी और उमस से बड़ी राहत मिली है।







