सड़क पर नाबालिक द्वारा चलाए जाने वाले वाहनों की संख्या दिनों दिन बढ़ती जा रही है। यातायात विभाग की अनदेखी से पालक भी बच्चों को बाइक की चाबी देने में जरा सी भी संजीदगी नहीं दिखा रहे। वहीं दुपहिया वाहन में तीन तीन, चार चार लोग भी धड़ल्ले से बैठकर यातायात नियमों को ठेंगा दिखा रहे हैं।
क्षेत्र में हादसों के बढ़ने का एक कारण है शहर की विभिन्न सड़कोंं पर नाबालिग द्वारा वाहन चलाया जाना भी है। नियम कायदों की जानकारी नहीं होने से ये अपनी जान खतरे में डालते रहे ही हैं, और सामने वाले के लिए भी परेशानी का सबब बनते जा रहे हैं। इनके पास वाहन चलाने का लाइसेंस नहीं है,इसमें माता-पिता की भी विशेष भूमिका होती है कि वो अपने बच्चों को तय उम्र से पहले वाहन की चाबियां ना पकड़ाए और नाबालिग चालक अपनी और दूसरों की जान से खिलवाड़ ना करे बच्चे उत्सुकता में वाहन लेकर शहर की सड़कों पर दौड़ने लगते है और खतरों को आमंत्रित करते है।
लेकिन क्षेत्र की सड़कों में जिस प्रकार नाबालिग वाहन चलाकर फर्राटा भरते हैं उसे रोकने कोई ठोस पहल नही की जा रही। यही वजह है कि बिना लायसेंस के भी ऐसे नाबालिगों को भी सड़क पर वाहन चलाते देखा जा सकता है। वहीं कुछ वाहन चालक वाहन चलाते समय मोबाईल कान में लगाकर एक हाथ से ही गाड़ी चलाते हैं जो कभी भी बड़ी दुर्घटना का सबब बन सकता है।इसके अलावा अभिभावकों को भी चाहिये कि वे अपने नाबालिग बच्चों को वाहन चलाने के लिये कतई न दें जिससे सड़कों पर बढ़ रही दुर्घटनाओं पर रोक लगाई जा सके।







