तमिलनाडु में विधानसभा चुनाव के दौरान एक बहुत बड़ा और गंभीर मामला सामने आया है। यहां फर्जी मतदान के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। हवाई अड्डे पर एक और विदेशी नागरिक को पकड़ा गया है। यह नागरिक अवैध तरीके से वोट डालकर देश से बाहर भागने की फिराक में था।
शुक्रवार की रात चेन्नई एयरपोर्ट पर अधिकारियों ने एक 64 साल के अमेरिकी नागरिक को हिरासत में लिया है। इस व्यक्ति का नाम किशोर है और यह चेन्नई के केके नगर इलाके में रह रहा था। इसके पास अमेरिका का पासपोर्ट है। किशोर एमिरेट्स की फ्लाइट से दुबई होते हुए अमेरिका जाने वाला था। इसी दौरान इमिग्रेशन जांच में अधिकारियों ने उसके बाएं हाथ की उंगली पर मतदान वाली स्याही का निशान देख लिया।
आरोपी ने पूछताछ में क्या बड़ा खुलासा किया?
पूछताछ के दौरान पकड़े गए अमेरिकी नागरिक किशोर ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है। उसने जांच अधिकारियों को बताया कि उसने चेन्नई के विरुगमबक्कम विधानसभा क्षेत्र में जाकर अपना वोट डाला था। विदेशी नागरिक होने के बावजूद भारत में वोट डालना एक बहुत बड़ा अपराध है। भारत के कानून के अनुसार यहां दोहरी नागरिकता की कोई अनुमति नहीं है।
चुनाव आयोग ने इस मामले में क्या कदम उठाया है?
इस अवैध मतदान के मामले को चुनाव आयोग ने बहुत ही गंभीरता से लिया है। चुनाव आयोग को पहले से ही ऐसी गुप्त सूचना मिली थी कि विदेशी नागरिकता हासिल कर चुके कई एनआरआई मतदान के लिए भारत लौटे हैं। इसी सूचना के आधार पर आयोग ने चेन्नई और मदुरै एयरपोर्ट पर जांच के सख्त आदेश दिए थे।
अब तक कितने विदेशी नागरिक पकड़े जा चुके हैं?
चेन्नई और मदुरै एयरपोर्ट पर चल रही इस सख्त चेकिंग का बड़ा असर देखने को मिला है। उंगली पर लगी स्याही के निशान के कारण अब तक कुल 18 विदेशी नागरिकों को पकड़ा जा चुका है। किशोर इस मामले में गिरफ्तार होने वाला 18वां विदेशी नागरिक बन गया है। चुनाव आयोग ने इस पूरे फर्जी मतदान वाले रैकेट की गहराई से जांच करने के आदेश दिए हैं।
इस घटना ने चुनाव की पूरी व्यवस्था पर कई बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रशासन अब यह पता लगाने में जुट गया है कि आखिर विदेशी पासपोर्ट होने के बावजूद इन लोगों का नाम भारत की मतदाता सूची में कैसे शामिल रहा। अधिकारियों का मानना है कि इसके पीछे एक पूरा रैकेट काम कर रहा हो सकता है। यह रैकेट जानबूझकर ऐसे लोगों को वोट डालने के लिए बुलाता है जो अब भारत के नागरिक नहीं हैं और किसी अन्य देश की नागरिकता ले चुके हैं।
पुलिस और जांच एजेंसियां अब पकड़े गए सभी 18 लोगों से कड़ी पूछताछ कर रही हैं। यह पता लगाया जा रहा है कि उन्हें अवैध तरीके से वोट डालने के लिए किसने कहा था और यह पूरी साजिश कैसे रची गई। इस पूरे मामले के सामने आने के बाद से एयरपोर्ट पर निगरानी और ज्यादा बढ़ा दी गई है। हर जाने वाले यात्री की उंगलियों की खास तौर पर जांच की जा रही है ताकि कोई भी और ऐसा अपराधी भाग न सके।







