पेट्रोल और डीजल की कीमतों में हुई ताजा बढ़ोतरी का असर आम लोगों की जेब पर पड़ना तय है। देवभूमि ट्रांसपोर्ट महासंघ ने ईंधन की बढ़तीं कीमतों के चलते पर्वतीय क्षेत्रों में मालभाड़ा बढ़ाने के संकेत दिए हैं। महासंघ जल्द वृद्धि पर अंतिम फैसला लेगा। इससे दैनिक उपयोग की वस्तुओं के दाम बढ़ने की आशंका गहरा गई है।
महासंघ के प्रदेश प्रवक्ता हरजीत सिंह चड्ढा और प्रदेश प्रभारी पंडित दया किशन शर्मा ने बताया कि पेट्रोल-डीजल के निरंतर बढ़ते मूल्यों और लुब्रिकेंट्स की महंगाई ने परिवहन व्यवसायियों की कमर तोड़ दी है। वर्तमान परिस्थितियों में वाहन संचालन घाटे का सौदा बनता जा रहा है।
महासंघ के अध्यक्ष राकेश जोशी और देवभूमि उद्योग व्यापार मंडल ट्रांसपोर्ट नगर अध्यक्ष जसपाल सिंह कोहली का कहना है कि वाहन निर्माण सामग्री से लेकर एंगल, लोहा, पत्ती, चादर, बैटरी, स्पेयर पार्ट्स, ग्रीस, लुब्रिकेंट्स तथा डीजल एग्जॉस्ट फ्लूड के दाम आसमान छू रहे हैं। इसके अतिरिक्त टोल शुल्क, वाहन बीमा प्रीमियम, आरटीओ कर एवं चालक-परिचालक के वेतन का वहन करना वाहन स्वामियों के लिए अत्यंत चुनौतीपूर्ण हो गया है। ऐसी स्थिति में महासंघ जल्द ही पर्वतीय मार्गों पर मालभाड़े में आठ से दस फीसदी तक की वृद्धि कर सकता है।








