US-Iran-  ट्रंप ने ठुकराया ईरान का जवाब, युद्धविराम वार्ता पर फिर बढ़ा तनाव, होर्मुज पर मंडराया खतरा

Spread the love

मेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव एक बार फिर बढ़ता दिखाई दे रहा है। ईरान ने युद्धविराम को लेकर अमेरिका के नए प्रस्ताव का जवाब पाकिस्तान के माध्यम से भेज दिया है, लेकिन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इसे तुरंत खारिज करते हुए ‘पूरी तरह अस्वीकार्य’ बताया। हालांकि ट्रंप ने यह साफ नहीं किया कि प्रस्ताव में ऐसी कौन-सी बातें थीं जिन्हें अमेरिका मानने को तैयार नहीं है।

 

तेहरान की मांगें और अमेरिकी प्रस्ताव
ईरान ने कहा है कि वह सिर्फ अस्थायी नहीं बल्कि स्थायी रूप से युद्ध खत्म करना चाहता है। तेहरान की मांग है कि संघर्ष सिर्फ ईरान तक सीमित न रहे, बल्कि लेबनान समेत पूरे क्षेत्र में शांति स्थापित हो। ईरान चाहता है कि समुद्री व्यापार और तेल आपूर्ति के रास्तों की सुरक्षा भी सुनिश्चित की जाए। अमेरिका के प्रस्ताव में युद्ध समाप्त करने, रणनीतिक जलमार्ग होर्मुज जलडमरूमध्य को दोबारा खोलने और ईरान के परमाणु कार्यक्रम को सीमित करने की शर्तें शामिल थीं। होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया में तेल और गैस सप्लाई का सबसे महत्वपूर्ण रास्ता माना जाता है।

ट्रंप की धमकी और मोजतबा के निर्देश
इस बीच ट्रंप ने सोशल मीडिया पर ईरान पर निशाना साधते हुए कहा कि तेहरान पिछले 47 साल से अमेरिका के साथ ‘खेल खेल रहा है’ लेकिन अब ऐसा नहीं चलेगा। वहीं संयुक्त राष्ट्र में अमेरिकी राजदूत माइक वाल्ट्ज ने कहा कि अमेरिका युद्ध दोबारा शुरू करने से पहले कूटनीति को पूरा मौका देना चाहता है। उधर ईरान के नए सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई ने युद्ध के बीच सेना के शीर्ष अधिकारियों के साथ बैठक की। सरकारी मीडिया के अनुसार उन्होंने दुश्मनों के खिलाफ ‘कड़े और निर्णायक कदम’ जारी रखने के निर्देश दिए हैं।

खाड़ी क्षेत्र में ड्रोन हमलों से बढ़ने लगा तनाव
इसी दौरान खाड़ी क्षेत्र में ड्रोन हमलों ने तनाव और बढ़ा दिया। कतर के पास एक जहाज में ड्रोन से आग लग गई, जबकि संयुक्त अरब अमीरात और कुवैत ने अपने हवाई क्षेत्र में संदिग्ध ड्रोन देखे। यूएई ने दावा किया कि उसने दो ड्रोन मार गिराए और इसके लिए ईरान को जिम्मेदार ठहराया। हालांकि किसी भी हमले में कोई हताहत नहीं हुआ। कतर ने जहाज पर हमले को बेहद खतरनाक बताया और कहा कि इससे समुद्री व्यापार और जरूरी आपूर्ति को खतरा पैदा हो गया है। वहीं कुवैत की सेना ने भी ड्रोन गतिविधियों की पुष्टि की, लेकिन यह नहीं बताया कि वे कहां से आए थे। युद्ध के दौरान ईरान और उसके सहयोगी संगठन हिजबुल्ला लगातार ड्रोन हमले करते रहे हैं। यह संघर्ष फरवरी में अमेरिका और इस्राइल के संयुक्त हमलों के बाद शुरू हुआ था।

और पढ़े  आपातकाल के 51 साल- आज ही के दिन 51 साल पहले देश को झेलना पड़ा था आपातकाल, जानें इसके पीछे की कहानी...

परमाणु ठिकानों की सुरक्षा के लिए ईरानी सेना तैयार
ईरान ने यह भी कहा है कि उसके परमाणु ठिकानों की सुरक्षा के लिए सेना पूरी तरह तैयार है। ईरानी सेना के अधिकारियों ने दावा किया कि उन्हें आशंका है कि विदेशी ताकतें घुसपैठ या हेलीकॉप्टर ऑपरेशन के जरिए संवर्धित यूरेनियम चुराने की कोशिश कर सकती हैं। संयुक्त राष्ट्र की परमाणु एजेंसी के अनुसार ईरान के पास 60 प्रतिशत तक संवर्धित 440 किलोग्राम से ज्यादा यूरेनियम मौजूद है, जो हथियार बनाने की क्षमता के काफी करीब माना जाता है।

नेतन्याहू का सख्त रुख, पुतिन बोले- रूस अब भी ईरान के साथ
इस्राइल के प्रधानमंत्री बेंजमिन नेतन्याहू ने कहा कि जब तक ईरान से संवर्धित यूरेनियम बाहर नहीं निकाला जाता, तब तक युद्ध पूरी तरह खत्म नहीं माना जा सकता। उन्होंने दावा किया कि ट्रंप भी इस दिशा में कार्रवाई के पक्ष में हैं। इस बीच व्लादिमीर पुतिन ने कहा है कि रूस अब भी ईरान का संवर्धित यूरेनियम अपने यहां रखने के प्रस्ताव पर कायम है, ताकि समझौते का रास्ता निकाला जा सके।

होर्मुज पर फ्रांस-ब्रिटेन की योजना पर भड़का ईरान
एक और बड़ा विवाद फ्रांस और ब्रिटेन की उस योजना को लेकर सामने आया है जिसमें युद्ध खत्म होने के बाद होर्मुज जलडमरूमध्य में अंतरराष्ट्रीय समुद्री सुरक्षा मिशन चलाने की बात कही गई है। ईरान ने चेतावनी दी है कि अगर किसी विदेशी देश के जहाज अमेरिकी कार्रवाई में सहयोग करते हैं तो उसका तुरंत और कड़ा जवाब दिया जाएगा। फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने कहा कि यह कोई सैन्य तैनाती नहीं होगी, बल्कि समुद्री व्यापार को सुरक्षित रखने के लिए अंतरराष्ट्रीय मिशन होगा। पिछले एक सप्ताह में फारस की खाड़ी में कई जहाजों पर हमले हो चुके हैं। दक्षिण कोरिया ने भी खुलासा किया कि उसका एक मालवाहक जहाज होर्मुज में विस्फोट और आग की चपेट में आया था। हालांकि अभी तक यह साफ नहीं हो पाया है कि इन हमलों के पीछे कौन है।

और पढ़े  स्नैपचैट पर मुकदमा- बच्ची से दुष्कर्म के मामले में परिवार ने कंपनी को ठहराया जिम्मेदार, कोर्ट पहुंचा मामला

Spread the love
  • Related Posts

    पूर्वोत्तर में बारिश बनी आफत: असम में पुल बहा, अरुणाचल में भूस्खलन से हालात बिगड़े, कई इलाकों का संपर्क टूटा

    Spread the love

    Spread the loveपूर्वोत्तर भारत में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। असम में बाढ़ के तेज बहाव में 300 मीटर लंबा लोहे…


    Spread the love

    सऊदी के रास तनुरा में भीषण हादसा-: अरामको का हेलिकॉप्टर क्रैश, सभी 14 यात्रियों की दर्दनाक मौत

    Spread the love

    Spread the loveसऊदी अरब के प्रमुख औद्योगिक और तेल केंद्र रास तनुरा से बड़ी खबर सामने आई है। दिग्गज तेल कंपनी सऊदी अरामको का एक हेलिकॉप्टर रविवार सुबह करीब छह…


    Spread the love