इथेनॉल- भारत जल्द करेगा पड़ोसी देशों को इथेनॉल निर्यात, नेपाल के साथ बातचीत शुरू 

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भारत अपनी ऊर्जा शक्ति का विस्तार अब दक्षिण एशियाई देशों (सार्क) तक करने की तैयारी में है। ग्रेंस इथेनॉल मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन (जेईएमए) के अध्यक्ष सीके जैन ने बताया कि भारत, नेपाल को इथेनॉल निर्यात करने के लिए चर्चा कर रहा है। हाल में एक प्रतिनिधिमंडल ने नेपाल का दौरा किया, जहां 10% इथेनॉल मिश्रण शुरू करने का सुझाव दिया गया है।

जैन ने बताया कि वर्तमान में 1जी इथेनॉल के निर्यात पर रोक है, लेकिन पड़ोसी देशों की मांग को देखते हुए सरकार इस पर विचार कर सकती है। इससे न केवल ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत होगी, बल्कि किसानों की आय में भी वृद्धि होगी। उनके अनुसार वर्तमान ई20 लक्ष्य से 40,000 करोड़ रुपये की बचत हो रही है, जिसे ई85 और ई100 जैसे उच्च मिश्रण स्तरों पर ले जाने से 1 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचाया जा सकता है।

फ्लेक्स-फ्यूल इंजनों पर उन्होंने कहा कि सरकार और एसआईएएम के बीच बातचीत जारी है। अगले 2-3 वर्षों में ये वाहन सड़कों पर दिख सकते हैं। हालांकि, उन्होंने माना कि उपभोक्ताओं में माइलेज को लेकर भ्रम है, जबकि पर्यावरण और विदेशी मुद्रा के लाभ कहीं अधिक बड़े हैं।

नेपाल के साथ संबंधों को सशक्त बनाने के लिए भारत प्रतिबद्ध : मिसरी
भारत के विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने शुक्रवार को नेपाल के निवर्तमान राजदूत शंकर प्रसाद शर्मा से विदाई मुलाकात की। राजधानी दिल्ली में हुई इस मुलाकात में दोनों देशों के बीच लंबे समय से चली आ रही रणनीतिक और बहुआयामी साझेदारी की समीक्षा की गई। विदेश मंत्रालय ने सोशल मीडिया पर इस मुलाकात की जानकारी साझा की।

मंत्रालय के अनुसार विदेश सचिव मिसरी ने नेपाल के साथ भारत के समय की कसौटी पर खरे उतरे संबंधों को और अधिक सशक्त बनाने की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने 2022 से 2024 तक राजदूत के रूप में डॉ. शर्मा के योगदान की सराहना की। विदेश सचिव ने कहा, भारत नेपाल के साथ अपने विविध संबंधों को निरंतर बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है।

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उन्होंने डॉ. शर्मा को भारत-नेपाल मैत्री को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के प्रयासों के लिए धन्यवाद दिया। बता दें, डॉ. शंकर शर्मा अनुभवी अर्थशास्त्री रहे हैं। उन्होंने पूर्व में अमेरिका में भी राजदूत की भूमिका निभाई है।


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