हरियाणा में एसआईआर (विशेष गहन पुनरीक्षण) का पहला चरण पूरा होने के बाद ड्राफ्ट मतदाता सूची जारी कर दी गई है। ड्राफ्ट मतदाता सूची में दो करोड़ छह लाख मतदाता में से एक करोड़ 72 लाख 27 हजार 135 मतदाताओं का नाम प्रकाशित किया गया है। 33.84 लाख मतदाता का नाम हटा दिया गया है। इनमें सबसे ज्यादा मतदाता शहरी क्षेत्रों के हैं, जिनमें गुरुग्राम, फरीदाबाद व पंचकूला जैसे क्षेत्र शामिल हैं।
ड्राफ्ट मतदाता सूची में अपना व परिजनों का नाम देखना काफी आसान है। ऊपर दिए गए ड्राफ्ट मतदाता सूची का लिंक खोलने पर एक इलेक्ट्रोल रोल का डैश बोर्ड खुल जाएगा। इसमें सबसे पहले अपना जिला चुनना होगा। उसके बाद विधानसभा क्षेत्र। फिर दिया गया कैप्चा भरकर बूथ वाइज सूची खुल जाएगी। अपने बूथ को चुनकर पीडीएफ को डाउनलोड करते स्क्रीन पर बूथ के सभी मतदाताओं के नाम सामने आ जाएंगे। उसके ध्यान से देखे और अपने नाम की स्पेलिंग, पति या पिता का नाम, मकान नंबर, आयु व फोटो को चेक करें। इसके अलावा मतदाता अपने संबंधित बूथ स्तरीय अधिकारी बीएलओ से संपर्क कर सकते हैं। सभी बीएलओ को एक विशेष एप्लीकेशन के माध्यम से बूथवार मतदाता सूची उपलब्ध करवाई गई है। इसके अलावा राजनीतिक दलों की ओर से नियुक्त बूथ स्तरीय सहायक से भी संपर्क किया जा सकता है।
कैसे जुड़वाएं नाम और ठीक करवाएं
हरियाणा मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय ने बताया कि मतदाता सूची में नाम जोड़ने, हटाने, सुधार, पता बदलने और डुप्लीकेट वोटर कार्ड के लिए अलग-अलग फॉर्म निर्धारित हैं। आवेदन ईआरओ, एईआरओ या बीएलओ के पास आफलाइन व ऑनलाइन दोनों माध्यम से किए जा सकते हैं।
कौन सा फॉर्म किस काम के लिए
फॉर्म-6: नया नाम जोड़ने के लिए।
फॉर्म-6A: एनआरआई मतदाता का नाम जोड़ने के लिए।
फॉर्म-7: किसी प्रस्तावित नाम पर आपत्ति दर्ज कराने या मौजूदा नाम को मतदाता सूची से हटाने के लिए।
फॉर्म-8: निर्वाचन क्षेत्र के भीतर या बाहर निवास परिवर्तन, मतदाता विवरण में संशोधन, बिना किसी संशोधन के डुप्लीकेट वोटर कार्ड प्राप्त करने व दिव्यांग मतदाता के रूप में अंकन कराने के लिए।
ईआरओ के फैसले के खिलाफ दो स्तर पर अपील का अधिकार
मुख्य निर्वाचन अधिकारी के मुताबिक दावा व आपत्ति दाखिल करने की अवधि 31 जुलाई से 30 अगस्त और दावे व आपत्तियों का निपटान 31 जुलाई से 28 सितंबर तक चलेगा। इस दौरान नोटिस और दावा-आपत्ति निस्तारण चरण में निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी (ईआरओ) सभी मामलों की जांच करेंगे। जिन आवेदकों के दस्तावेजों में विसंगति मिलेगी, उन्हें नोटिस जारी कर सुनवाई का अवसर दिया जाएगा और आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने का मौका मिलेगा। नोटिस प्राप्त करने वाले लोगों की सूची संबंधित पंचायत, नगर निकाय और खंड विकास कार्यालयों के सूचना पट पर भी प्रदर्शित की जाएगी।
निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट किया है कि किसी भी मतदाता का नाम हटाने से पहले चुनाव अधिकारी नोटिस जारी करेगा, जांच करेगा और संबंधित व्यक्ति को अपना पक्ष रखने का पूरा अवसर देगा। प्रत्येक मामले में कारणयुक्तआदेश पारित किया जाएगा। यदि कोई व्यक्ति ईआरओ के निर्णय से असंतुष्ट है तो वह आदेश की तिथि से 15 दिन के भीतर जिला मजिस्ट्रेट (डीएम) के समक्ष अपील कर सकता है। वहीं, डीएम के फैसले से भी असंतुष्ट होने पर 30 दिन के भीतर मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) के समक्ष दूसरी अपील का प्रावधान है। आयोग ने दोहराया है कि विशेष पुनरीक्षण पूरी पारदर्शिता और जनभागीदारी के साथ किया जाएगा, ताकि कोई भी पात्र मतदाता सूची से वंचित न रहे।
इन मतदाताओं को भेजा जाएगा नोटिस
मसौदा मतदाता सूची में 18.57 लाख मतदाता ऐसे पाए गए हैं, जिनका मिलान वर्ष 2002 में हुए अंतिम विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान तैयार मतदाता सूची से नहीं हो पाया है। जिन मतदाताओं का मिलान नहीं हुआ है, उन्हें नोटिस जारी किए जाएंगे। मसौदा सूची में 28.62 लाख जनसांख्यिकीय समान प्रविष्टियां भी सामने आई हैं। इनमें मतदाता का नाम, संबंधी का नाम, संबंध का प्रकार, उम्र, लिंग और पता आदि समान हैं या इनमें एक-दो जानकारियों में अंतर है।
इसके अलावा 26.29 लाख मतदाताओं के मामलों में भी विसंगतियां पाई गई हैं। इनमें ऐसे मामले शामिल हैं, जहां मतदाता और उसके पिता की उम्र में अंतर 15 वर्ष या उससे कम है, मतदाता और उसके दादा-दादी/नाना-नानी की उम्र का अंतर 40 वर्ष या उससे कम है, या एक ही व्यक्ति को छह से अधिक मतदाताओं ने अपने माता-पिता के रूप में दर्ज कराया है। बीएलओ इनकी जांच करेगा। यदि बीएलओ संतुष्ट नहीं हुआ तो बीएलओ इन्हें नोटिस भी भेजेगा।
इन जिलों में सबसे ज्यादा वोट कटे
गुरुग्राम 29.27 फीसदी
फरीदाबाद 27.43 फीसदी
पंचकूला 23.29 फीसदी
सोनीपत 19.38 फीसदी
पानीपत 18.86 फीसदी
रोहतक 18.76 फीसदी
झज्जर 18.04 फीसदी
इन विधानसभा में सबसे ज्यादा वोट कटे
विधानसभा विधायक प्रतिशत
गुरुग्राम भाजपा 38.93%
फरीदाबाद भाजपा 35.15%
बल्लभगढ़ भाजपा 35.01%
करनाल भाजपा 33.08%
पंचकूला कांग्रेस 30.35%
सोनीपत भाजपा 29.38%
फरीदाबाद एनआईटी भाजपा 27.08%
पानीपत सिटी भाजपा 26.86%
रोहतक कांग्रेस 25.28%
तिगांव भाजपा 24.71%
अंबाला कैंट भाजपा 24.69%
बहादुरगढ़ भाजपा 24.47%
पानीपत ग्रामीण भाजपा 23.98%
थानेसर कांग्रेस 23.57%
सिरसा कांग्रेस 23.53%





