राहुल गांधी ने श्रमिकों का समर्थन किया,बोले- यही है विकसित भारत का सच, जानें और क्या..

Spread the love

त्तरप्रदेश के गौतमबुद्धनगर जिले में वेतन बढ़ाने की मांग को लेकर कर्मचारियों के हिंसक प्रदर्शन पर कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने प्रतिक्रिया दी है। राहुल गांधी ने इसे श्रमिकों पर अत्याचार बताया। उन्होंने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, ”कल नोएडा की सड़कों पर जो हुआ, वो इस देश के श्रमिकों की आखिरी चीख थी – जिसकी हर आवाज को अनसुना किया गया, जो मांगते-मांगते थक गया।”

 

कांग्रेस सांसद ने कहा, ”नोएडा में काम करने वाले एक मजदूर की ₹12,000 महीने की तनख्वाह,₹4,000-7,000 किराया। जब तक ₹300 की सालाना बढ़ोतरी मिलती है, मकान मालिक ₹500 सालाना किराया बढ़ा देता है। तनख्वाह बढ़ने तक ये बेलगाम महंगाई जिंदगी का गला घोंट देती है, कर्ज की गहराई में डुबा देती है – यही है विकसित भारत का सच।”

पश्चिम एशिया संघर्ष से उपजे ऊर्जा संकट का किया जिक्र
लोकसभा में विपक्ष के नेता गांधी ने प्रदर्शन कर रही एक महिला कर्मचारी के बयान का भी जिक्र किया। उन्होंने लिखा, ”एक महिला मजदूर ने कहा – गैस के दाम बढ़ते हैं, पर हमारी तनख्वाह नहीं। इन लोगों ने शायद इस गैस संकट के दौरान अपने घर का चूल्हा जलाने के लिए ₹5000 का भी सिलेंडर खरीदा होगा।”

उन्होंने आगे कहा, ”यह सिर्फ़ नोएडा की बात नहीं है। और यह सिर्फ भारत की भी बात नहीं है। दुनियाभर में ईंधन की कीमतें आसमान छू रही हैं – पश्चिम एशिया में युद्ध की वजह से सप्लाई चेन टूट गई है। मगर, अमेरिका के टैरिफ वॉर, वैश्विक महंगाई, टूटती सप्लाई चेन – इसका बोझ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मित्र उद्योगपतियों पर नहीं पड़ा। इसकी सबसे बड़ी मार पड़ी है उस मजदूर पर जो दिहाड़ी कमाता है, तभी रोज खाता है।”

मजदूर हक मांगे तो मिलता है दबाव और अत्याचार : राहुल गांधी
राहुल गांधी ने कहा, ”वो मजदूर, जो किसी युद्ध का हिस्सा नहीं, जिसने कोई नीति नहीं बनाई – जिसने बस काम किया। चुपचाप। बिना शिकायत। और उसके बदले अपना हक मांगने पर उन्हें मिलता क्या है? दबाव और अत्याचार।”

और पढ़े  मथुरा- नाव हादसा: हुई ये जरा सी चूक और 10 जिंदगी खत्म, सामने आया हादसे का कारण

उन्होंने मोदी सरकार की ओर से लाए गए श्रम कानूनों पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा, ”एक और जरूरी मुद्दा – मोदी सरकार ने चार श्रम कानून जल्दबाजी में बिना संवाद नवंबर, 2025 से लागू कर, काम का समय 12 घंटे तक बढ़ा दिया। जो मजदूर हर रोज 12-12 घंटे खड़े होकर काम करता है फिर भी बच्चों की स्कूल फीस कर्ज लेकर भरता है – क्या उसकी मांग गैरवाजिब है? और जो उसका हक हर रोज मार रहा है – वो विकास कर रहा है?”

कांग्रेस सांसद ने कहा, ”नोएडा का मजदूर ₹20,000 मांग रहा है। यह कोई लालच नहीं – यह उसका अधिकार, उसकी जिंदगी का एकमात्र आधार है। मैं हर उस मजदूर के साथ हूं – जो इस देश की रीढ़ है और जिसे इस सरकार ने बोझ समझ लिया है।”


Spread the love
  • Related Posts

    नोएडा में आक्रोशित कर्मचारियों ने किया पथराव,सेक्टर 80 में पत्थरबाजी; पुलिस ने लाठीचार्ज कर खदेड़ा

    Spread the love

    Spread the loveउत्तर प्रदेश के गौतमबुद्धनगर जिले में वेतन बढ़ाने की मांग को लेकर कल हुए हिंसक प्रदर्शन के बाद नोएडा के फेज 2 में प्रदर्शनकारी आज फिर से जमा…


    Spread the love

    आंबेडकर जयंती पर मायावती का शक्ति प्रदर्शन, बाबा साहेब को दी श्रद्धांजलि, जारी किया संदेश

    Spread the love

    Spread the loveउत्तरप्रदेश में आज डॉ भीमराव आंबेडकर की जयंती मनाई जा रही है। प्रदेश में इस वर्ष आंबेडकर जयंती केवल स्मृति दिवस के रूप में नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय,…


    Spread the love