Noida- फेज 2 में स्थिति सामान्य, नोएडा में भारी पुलिस बल तैनात, कंपनियों को किया गया बंद

नोएडा में कर्मचारियों ने वेतन बढ़ाने की मांग को लेकर सोमवार को प्रदर्शन किया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने कई गाड़ियों को आग के हवाले कर दिया और कई कंपनियों में तोड़फोड़ की। फेज 2 में कर्मचारियों ने जमकर बवाल किया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर राज्य सरकार ने एक उच्च स्तरीय समिति का गठन किया है। इस कमेटी का मुख्य उद्देश्य मजदूरों के हितों की सुरक्षा के साथ-साथ औद्योगिक क्षेत्रों में शांति और संतुलन बनाए रखना है। सोमवार को हुए उपद्रव को देखते हुए मंगलवार को तमाम कंपनियों को बंद रखने का निर्णय लिया गया है। काफी कंपनियों ने बैठक के दौरान लिए गए निर्णयों के तहत उद्योग बंद रखे हैं। हालांकि, कुछ शांतिपूर्वक संचालित किए जा रहे हैं। आज फेज 2 में स्थिति सामान्य है। भारी पुलिस बल तैनात है। यातायात भी बहाल किया गया।

सोमवार को सड़क पर उतरे कामगारों ने सेक्टर-58, 59,62,63 और सेक्टर-84 की कंपनियों में तोड़फोड़ कर दी। इस बीच पुलिस ने कई स्थानों पर लाठीचार्ज किया। हालात पर काबू पाने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े। इसके बावजूद प्रदर्शन जारी रहा। दोपहर 2 बजे तक पुलिस के हटते ही श्रमिक टोलियों में सामने आकर प्रदर्शन करते रहे। कई जगह आगजनी जारी रही। इस बीच कंपनियों में पत्थरबाजी हुई। सीसीटीवी कैमरे और कांच तोड़ दिए गए।

 

दो बजे के बाद मामला धीरे-धीरे शांत होना शुरू हुआ। तब तक पुलिस सख्त कदम उठाने लगी थी। कंपनियों के बाहर बड़ी तादाद में पुलिसकर्मी तैनात कर दिए गए थे। अलग-अलग सेक्टरों में अराजक तत्वों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। इस बीच कंपनियों में तोड़फोड़ और पुलिस-कर्मियों के बीच तीखी नोकझोंक जारी रही। हालांकि तीन बजे फिर कई स्थानों पर आगजनी और प्रदर्शन हुए।शाम करीब 4:30 बजे के बाद हालात सामान्य हुए। इसके बाद रात तक कहीं हिंसा या आगजनी नहीं हुई। हालांकि शहर के औद्योगिक इलाकों में पुलिस बल तैनात है। संवेदनशील इलाकों में लगातार गश्त की जा रही थी।

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पुलिस के मुताबिक, सोमवार सुबह करीब 9 बजे फेज-2 इलाके में श्रमिक वेतन बढ़ाने की मांग प्रदर्शन कर रहे थे। श्रमिकों पर लाठी चार्ज की खबर फैलते ही प्रदर्शन उग्र हो गया। प्रदर्शनकारियों ने सरकारी-निजी वाहनों में आगजनी शुरू कर दी। कंपनी में तोड़फोड़ और पत्थरबाजी होने लगी। स्थिति को काबू करने के लिए पुलिस बल मौके पर पहुंचा। तब तक उग्र भीड़ ने मदरसन कंपनी के पास चार वाहनों को आग के हवाले कर दिया। इसके बाद प्रदर्शन और हिंसक हो गया। कामगारों ने हाथों में लाठी-डंडों और पत्थर उठाकर पुलिस और कंपनियों पर हमला कर दिया।

पुलिसकर्मियों और श्रमिकों के बीच हुई झड़पों में दोनों तरफ से करीब 30 लोग चोटिल हो गए। गुस्साए कर्मचारियों ने फेज-2 की प्रमुख सड़कों पर जाम लगा दिया। देखते ही देखते फेज-2 के अलग-अलग ब्लॉक में प्रदर्शन होने लगे। जिससे हालात बेकाबू हो गए। आक्रोशित भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े। सोशल मीडिया में श्रमिकों के उग्र होने की खबर तेजी से फैल गई।

सुबह 11 बजे तक सेक्टर-57,58, 59 समेत आसपास के सेक्टरों में प्रदर्शन शुरू हो गया। वहीं दोपहर 12 बजते ही सेक्टर-63, 65, 67 समेत आस पास के औद्योगिक सेक्टरों में भी कर्मियों का प्रदर्शन उग्र हो गया। कंपनियों में तोड़फोड़ और पत्थरबाजी जारी रही। दोपहर दो बजे के बाद पुलिस की तैनाती बढ़ा दी गई। आला अधिकारियों ने ऐसे घटनास्थलों का निरीक्षण किया। शाम 4: 30 बजे के बाद हालात समान्य हो गए। कंपनियों के बंद कराने से कामगार लौट गए।

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फेस-2 में सबसे ज्यादा रहा तनाव
विरोध प्रदर्शन का केंद्र फेज-2 इलाका रहा। यहां सबसे ज्यादा तनाव रहा। यहीं चार दिनों से लगातार प्रदर्शन किया जा रहा था। पुलिस बल की तैनाती से पूरा इलाका छावनी में तब्दील हो गया।
आवश्यक सेवाएं हुईं बाधित, परेशान हुए लोग
अचानक शुरू हुए प्रदर्शन से फेज-2 समेत तमाम इलाकों में आवश्यक सेवाएं बुरी तरह से प्रभावित हुईं। नोएडा की नवीन फल एवं सब्जी मंडी के कार्यों से लेकर डाकघर में भी कार्य प्रभावित रहे। इसके अलावा लोगों में डर का माहौल बना रहा। जिसके चलते लोग अपने कंपनियों से बाहर नहीं निकले।
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