पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच इस्लामाबाद में शांति वार्ता को लेकर नई हलचल देखने को मिल रही है। क्षेत्रीय स्थिरता बहाल करने के प्रयासों के तहत विभिन्न पक्षों के बीच बातचीत की संभावना जताई जा रही है, जबकि जमीनी हालात अभी भी बेहद संवेदनशील बने हुए हैं। हालांकि लेबनान को लेकर स्थिति अभी भी तनावपूर्ण है।
ईरानी प्रतिनिधिमंडल ने पाक सेना प्रमुख से की मुलाकात
अमेरिका और ईरान के बीच होने वाली अहम शांति वार्ता से पहले कूटनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। तस्नीम मीडिया की रिपोर्ट्स के अनुसार, ईरान के प्रतिनिधिमंडल ने शनिवार से पहले रात में पाकिस्तान के सेना प्रमुख आसिम मुनीर से मुलाकात की और क्षेत्रीय हालात पर चर्चा की। ईरानी प्रतिनिधिमंडल की पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के साथ भी मुलाकात तय है। यह बैठक आज दोपहर करीब 1 बजे होने की संभावना है, जिसमें आगामी अमेरिका-ईरान वार्ता और क्षेत्रीय शांति पर चर्चा की जाएगी।
ईरान वार्ता को लेकर अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल इस्लामाबाद पहुंचा
समाचार एजेंसी रॉयटर्स के अनुसार, ईरान वार्ता से जुड़े एक अमेरिकी विमान के इस्लामाबाद में उतरने की भी जानकारी सामने आई है। अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस, पश्चिम एशिया मामलों के दूत स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद पहुंच गए हैं। एयरपोर्ट पर उप प्रधानमंत्री इशाक डार और आर्मी चीफ आसिम मुनीर ने नूर खान एयर बेस पर वेंस का स्वागत किया।
इस्राइल के कई शहरों में बजाए गए सायरन
इस्राइली सेना ने बताया है कि लेबनान की ओर से एक ड्रोन घुसपैठ का पता चला है, जिसके बाद अरब अल-अरामशे और पश्चिमी गलील के कई शहरों में सायरन बजाए गए।पिछले कुछ दिनों से इस्राइल और लेबनान के बीच सीमा पर लगातार संघर्ष और जवाबी हमले हो रहे हैं, जबकि दोनों पक्षों से संघर्षविराम की अपीलें भी की जा रही हैं।
दक्षिणी लेबनान और उत्तरी इस्राइल में बढ़ा तनाव
हिजबुल्ला ने दावा किया है कि उसने दक्षिणी लेबनान में इस्राइली सैनिकों को निशाना बनाया। समूह के अनुसार, शनिवार तड़के करीब 1:40 बजे (स्थानीय समय) उसने टायर क्षेत्र के शामा कस्बे में एक घर में मौजूद इस्राइली सैनिकों पर हमला किया। इसके अलावा, हिजबुल्ला ने यह भी कहा कि उसने मध्यरात्रि के तुरंत बाद इस्राइल के किर्यात शमोना, मेटुला और मिसगाव आम जैसे इलाकों पर रॉकेटों की बौछार की।
संयुक्त राष्ट्र ने शांति वार्ता का किया स्वागत
इस बीच संयुक्त राष्ट्र ने इस पहल का स्वागत किया है। महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने दोनों पक्षों से अपील की है कि वे इस अवसर का उपयोग करते हुए स्थायी और शांतिपूर्ण समाधान की दिशा में आगे बढ़ें। संयुक्त राष्ट्र ने जोर देकर कहा कि अंतरराष्ट्रीय विवादों का समाधान केवल कूटनीति और अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत ही संभव है।








