दिल्ली विधानसभा: सुरक्षा में सेंध- संसद में कार लेकर घुसना चाहता था सरबजीत, पूछताछ में कई खुलासे,जांच में जुटी पुलिस

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दिल्ली विधानसभा में वीवीआईपी गेट तोड़कर कार लेकर घुसे सरबजीत सिंह (37) ने पुलिस की पूछताछ में कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। पुलिस की जांच में आरोपी ने बताया है कि वह पुलिस, सरकार और बड़े नेताओं का ध्यान अपनी ओर खींचने के लिए संसद भवन में भी घुसना चाहता था। पीएम से प्रशासन की शिकायत करना भी चाहता था।  इधर पुलिस ने अपनी रिपोर्ट गृहमंत्रालय को सौंप दी है। आरोपी का दावा है कि उसकी किसी को नुकसान पहुंचाने की मंशा नहीं थी। पुलिस को आरोपी या उसकी कार से कुछ भी संदिग्ध सामान बरामद नहीं हुआ है।

 

मंगलवार को दिल्ली पुलिस आयुक्त समेत कई वरिष्ठ पुलिस अधिकारी विधानसभा पहुंचे। इस दौरान सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया गया। पुलिस सूत्रों का कहना है कि सोमवार को वारदात के समय विधानसभा में दिल्ली पुलिस व अर्द्धसैनिक बलों के 44 जवान मौजूद थे। सुरक्षा में चूक के मामले में अब इनके खिलाफ सख्त एक्शन लेने की बात भी की जा रही है। जांच के दौरान आरोपी ने बताया है कि उसका 20 वर्षीय भांजा हरमनदीप सिंह एक अप्रैल से हरि नगर से गायब है और उसका कुछ पता नहीं चल पा रहा है।

 

लगातार पुलिस से गुहार लगाने के बाद जब बात नहीं बनी तो उसने पंजाब और बाद में दिल्ली जाने का मन बनाया। पुलिस सूत्रों का दावा है कि आरोपी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी मिलकर अपनी बात बताना चाहता था। स्पेशल सेल के अलावा दिल्ली पुलिस की कई टीमें उससे लगातार पूछताछ कर रही है। इस बात का भी पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि सरबजीत जिन बातों का खुलासा कर रहा है, उसमें कितनी सच्चाई है। एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि हरमन का पता नहीं चलने पर सरबजीत कार लेकर दिल्ली निकल गया। रास्ते में पानीपत से उसने फूलों का गुलदस्ता और मालाएं खरीदीं। सरबजीत चाहता था कि गुलदस्ता और माला के साथ वह किसी बड़े नेता या पुलिस अधिकारी से मिले। इस इरादे से वह पूछता हुआ दिल्ली विधानसभा पहुंच गया। यहां गेट नंबर-2 बंद था तो वह दरवाजा तोड़कर अंदर दाखिल हुआ और गुलदस्ता व मालाएं रखकर भाग खड़ा हुआ।

भारत नगर के टैक्सी स्टैंड से दो टैक्सी चालकों को साथ लिया
सरबजीत का दावा है कि विधानसभा से निकलने के बाद वह बुरी तरह घबरा गया था। कार लेकर वह भारत नगर के एक टैक्सी स्टैंड पर पहुंचा। यहां पहुंचकर वह कार से उतरा। उसकी कार क्षतिग्रस्त थी। उसने टैक्सी स्टैंड पर बैठे लोगों से पानी मांगा और तबीयत खराब होने की बात की। इसके बाद उसने भांजे के गायब होने की कहानी सुनाई। वहां मौजूद टैक्सी चालकों से उसने दिल्ली के रास्ते पता नहीं होने और साथ चलने की बात कही। आरोपी ने हरीश और नरेश नामक दो टैक्सी चालकों को दो-दो हजार रुपये देने का लालच देकर साथ चलने के लिए राजी किया। आरोपी संसद भवन जाने की भी बात कर रहा था। दोनों सरबजीत के साथ कार में बैठ गए। इस बीच जैसे ही इनकी गाड़ी रूप नगर पहुंची तो पुलिस ने तीनों को दबोच लिया। पुलिस सरबजीत के अलावा हरीश व नरेश से भी पूछताछ कर रही है। हरीश व नरेश दोनों भारत नगर में रहते हैं।

खालिस्तानी एंगल से भी हो रही जांच
विधानसभा के सुरक्षा घेरे को तोड़कर अंदर दाखिल होने के मामले में भले ही सरबजीत के मानसिक बीमार होने की बात की जा रही हो, लेकिन जिस तरह से उसने वारदात को अंजाम दिया, उसको देखकर तमाम सुरक्षा एजेंसियों को दाल में कुछ काला नजर आ रहा है। एजेंसियां जांच में खालिस्तानी एंगल को भी ध्यान में रख रही हैं। उसके मोबाइल की सीडीआर व सोशल मीडिया अकाउंट की पड़ताल की जा रही है।

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सरबजीत को 8 दिन की पुलिस हिरासत में भेजा
तीस हजारी कोर्ट ने मंगलवार को दिल्ली विधानसभा परिसर में एसयूवी घुसाने के मामले में आरोपी सरबजीत सिंह को 8 दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया। आरोपी को न्यायिक मजिस्ट्रेट कार्तिक तपाड़िया के समक्ष पेश किया गया। पुलिस ने शुरू में 10 दिन की हिरासत मांगी थी, जिसे अदालत ने 8 दिन की अनुमति दे दी। पुलिस अधिकारी ने बताया कि आरोपी ने खतरनाक तरीके से वाहन चलाया और सुरक्षा कर्मियों को कुचलने का इरादा जताया।

पुलिस के आला अधिकारी कर रहे जांच
दिल्ली विधानसभा में वीवीआईपी गेट को तोड़ते हुए कैसे आरोपी सरबजीत परिसर में दाखिल हुआ इसको लेकर पुलिस के आला अधिकारी जांच कर रहे हैं। सुरक्षा में कहां चूक हुई और कौन-कौन इसके लिए जिम्मेदार है, इसकी भी पड़ताल जारी है। वहीं दिल्ली पुलिस अधिकारियों ने बताया कि विधानसभा की सुरक्षा में तैनात एसआई और एक एएसआई को निलंबित कर दिया गया है। बाकी पुलिस कर्मियों की भूमिका की जांच की जा रही है। छानबीन के बाद तथ्यों के आधार पर जो भी दोषी पाया जाएगा उसके खिलाफ एक्शन लिया जाएगा। मामले में दिल्ली पुलिस के अलावा गेट नंबर-2 पर तैनात सीआरपीएफ के जवानों की भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है।

परिजनों का दावा, एक हफ्ते से दवा नहीं खा रहा सरबजीत 
विधानसभा के वीवीआईपी गेट को तोड़कर अंदर घुसने वाले सरबजीत का पिछले करीब नौ साल से शाहजहांपुर के सरकारी अस्पताल में इलाज चल रहा है। परिजनों के अनुसार वह डिप्रेशन का मरीज है और पिछले एक सप्ताह से दवा नहीं ले रहा था, जिससे वह अक्सर हिंसक हो जाता है। मंगलवार को परिजनों ने उसके इलाज से जुड़े दस्तावेज दिल्ली पुलिस को सौंपे। भाई अवतार सिंह ने बताया कि हर साल फरवरी, मार्च और अप्रैल में उसकी हालत ज्यादा बिगड़ती है। परिजनों के मुताबिक, लखीमपुर खीरी निवासी सरबजीत को अपने भांजे हरमनदीप सिंह के लापता होने की जानकारी मिली तो वह तनाव में आ गया।

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हरमनदीप, जो दिल्ली के हरिनगर में रहकर बीटेक सेकंड ईयर की पढ़ाई कर रहा है, एक अप्रैल को अचानक गायब हो गया था। दो अप्रैल को उसने मां को फोन कर बताया कि वह दिल्ली में नहीं है, जिसके बाद उसका फोन बंद हो गया। परिवार ने हरिनगर थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई और उसकी आखिरी लोकेशन पंजाब के आनंदपुर साहिब में मिली। तीन अप्रैल को सरबजीत भांजे की तलाश में निकला और पांच अप्रैल को आनंदपुर साहिब पहुंचकर भांजे हरमनदीप के पिता से झगड़ा किया। परिजनों ने जब सरबजीत की पत्नी से झगड़े का जिक्र किया तो उन्होंने उसे डिप्रेशन की दवा खिलाने की सलाह दी लेकिन उसने दवा नहीं खाई। उसी रात सरबजीत अपनी कार से दिल्ली निकल गया और छह अप्रैल की दोपहर कार लेकर विधानसभा परिसर में घुस गया।

विस सुरक्षा के लिए अध्यक्ष ने दिए मल्टीलेयर सिक्योरिटी के निर्देश
विधानसभा की सुरक्षा में चूक के बाद अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने सख्त रुख अपनाते हुए उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। उन्होंने कहा कि विधानसभा की सुरक्षा में रत्ती भर चूक स्वीकार्य नहीं है। इसे और मजबूत बनाने के लिए तत्काल ठोस कदम उठाए जाएं।

बैठक में गृह मंत्रालय, दिल्ली पुलिस, खुफिया ब्यूरो (आईबी), पीडब्ल्यूडी और अन्य एजेंसियों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे। विजेंद्र गुप्ता ने घटना की समीक्षा करते हुए सभी प्रवेश द्वारों पर हाइड्रोलिक रोड ब्लॉकर्स लगाने, प्रवेश नियंत्रण व्यवस्था सुदृढ़ करने और बहुस्तरीय सुरक्षा ग्रिड विकसित करने के निर्देश दिए। साथ ही सभी एजेंसियों को रियल-टाइम सूचना साझा करने के निर्देश दिए।  प्रवेश द्वारों को और मजबूत करने के लिए कोलेप्सिबल गेट लगाने की बात कही गई।

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