छोड़िए एफडी, सरकारी बॉन्ड्स अपनाइए, कम जोखिम में बेहतर रिटर्न और सुरक्षित भविष्य का नया रास्ता, जानिए कैसे?

पानसिंह चाचा अपने मोहल्ले के सबसे सुलझे हुए जेसीबी चालक माने जाते हैं। उन्हें काम से जो पैसा मिला, उसे बैंक एफडी में डाल दिया। पिछले 2 महीने पहले  वे थोड़े परेशान थे उन्हें 1 नयी जेसीबी लेनी थी। जब निवेश किया था तब ब्याज 7.5% था, अब बैंक वाले कह रहे हैं नए निवेश पर केवल 6% ब्याज मिलेगा। पानसिंह चाचा की यह उलझन आज हर उस भारतीय की है, जो जोखिम से डरता है। आइए समझते हैं, कैसे सरकारी प्रतिभूतियां (जी-सेक), राज्य विकास ऋण (एसडीएल) और गिल्ट फंड आपके निवेश की दुनिया बदल सकते हैं।

 

 

ये सरकारी प्रतिभूतियां क्या हैं?
जब सरकार को देश चलाने, सड़कें बनाने या जनकल्याण के काम के लिए पैसे की जरूरत होती है, तो वह जनता से उधार लेती है। इसके बदले में सरकार एक कागज देती है, जिसे सरकारी प्रतिभूतियां (G-Sec) कहते हैं।

    • अगर आपने केंद्र सरकार को पैसा दिया है, तो इसकी सुरक्षा की गारंटी खुद भारत सरकार की है। इसे ‘संप्रभु सुरक्षा’ कहते हैं। इसका मतलब यह है कि जब तक देश है, आपका पैसा सुरक्षित है।
    • जैसे केंद्र सरकार उधार लेती है, वैसे ही उत्तर प्रदेश, राजस्थान या महाराष्ट्र जैसी राज्य सरकारें भी जरूरतों के लिए कर्ज लेती हैं। इसे राज्य विकास ऋण (एसडीएल) कहते हैं। यहां भी सुरक्षा वैसी ही है, लेकिन अक्सर केंद्र के मुकाबले आधा या पौने फीसदी ब्याज ज्यादा मिल जाता है।
  • आप सोचेंगे कि हर महीने छोटे-छोटे निवेश में ये सरकारी कागज कैसे खरीदें? यहीं काम आते हैं गिल्ट फंड। ये एक तरह के म्यूचुअल फंड हैं, जो आपका पैसा केवल सरकारी कागजों में ही लगाते हैं।
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FD में कहां है असली पेच?
कई लोग सोचते हैं कि एफडी सबसे अच्छी है, लेकिन इसके तीन बड़े दुश्मन हैं जिनसे आपको बचना चाहिए:

  1. आपने आज 3 साल के लिए पैसा जमा किया। 3 साल बाद जब वह वापस मिलेगा और उस समय ब्याज दरें गिर चुकी होंगी, तो आपको पैसा कम ब्याज पर जमा करना पड़ेगा। आपकी आय अचानक गिर जाएगी।
  2. सावधि जमा से मिलने वाला ब्याज आपकी कुल आय में जुड़ता है। अगर आप ऊंचे टैक्स दायरे में आते हैं, तो 7.5% का ब्याज असल में आपके हाथ में सिर्फ 5.25% ही बचता है। यह तो महंगाई से लड़ने लायक भी नहीं रहता।
  3. एफडी में आपको उतना ही रिटर्न मिलेगा जितना कागज पर लिखा है। पर सरकारी बॉन्ड्स में एक जादुई फायदा होता है जिसे पूंजीगत लाभ कहते हैं।

सवाल है कि आप कैसे निवेश करें?
छोटे निवेशक अब RBI Retail Direct पोर्टल या अपने स्टॉक ब्रोकर (जैसे Zerodha, Groww) के जरिये सीधे सरकारी बॉन्ड्स खरीद सकते हैं।

आम आदमी के लिए सबसे आसान रास्ता है गिल्ट फंड: अगर आपको सीधे खरीदने में उलझन लगती है, तो गिल्ट फंड आपके लिए बेहतरीन हैं।

  • यहां एक विशेषज्ञ मैनेजर बैठा है जो देखता है कि कब कौन-सा सरकारी कागज खरीदना है और कब बेचना है ताकि आपको ज्यादा फायदा मिले।
  • एफडी को तोड़ने पर जुर्माना लगता है, लेकिन यहां आप जब चाहें अपना पैसा निकाल सकते हैं।
  • आप मात्र पांच सौ रुपये से भी शुरुआत कर सकते हैं।

बैंक एफडी व सरकारी प्रतिभूतियों के बीच खास अंतर

खूबी बैंक एफडी 10-वर्षीय सरकारी प्रतिभूति
सुरक्षा 5 लाख रुपये तक का बीमा (DICGC) सॉवरेन गारंटी-असीमित सुरक्षा
तरलता समय से पहले निकालने पर जुर्माना सेकेंडरी मार्केट में कभी भी बेच सकते हैं
रिटर्न फिक्स्ड, पर रिन्यूअल पर रेट गिरने का डर 10 साल के लिए यील्ड ‘लॉक’
टैक्स स्लैब रेट के हिसाब से ब्याज स्लैब रेट पर,लेकिन कैपिटल गेन पर इंडेक्सेशन का लाभ (लिस्टेड होने पर)
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सरकारी बॉन्ड्स का जादुई फायदा
सरकारी कागजों की कीमत और बाजार की ब्याज दरें एक तराजू की तरह हैं। जब बाजार में ब्याज दरें नीचे आती हैं, तो पुराने सरकारी कागजों की कीमत बढ़ जाती है।

एक उदाहरण से समझिए: मान लीजिए आपके पास एक सरकारी बॉन्ड है, जो 10 साल तक आपको 7% ब्याज देगा। दो साल बाद बाजार में नए बॉन्ड पर ब्याज गिरकर 6% रह गया। अब हर कोई आपका 7% वाला बॉन्ड खरीदना चाहेगा। ऐसे में आप अपने बॉन्ड को बाजार में ऊंचे दाम पर बेच सकते हैं। बैंक एफडी में यह मुमकिन नहीं है।

ऊंचे रिटर्न के साथ लंबी अवधि की सुरक्षा
लंबी अवधि के बॉन्ड्स 6.8% से 7.2% के बीच यील्ड दे रहे हैं, जबकि SDLs 7.3% से 7.7% की पेशकश कर रहे हैं। ये यील्ड अधिकांश बैंक एफडी के बराबर या उससे बेहतर हैं। अतिरिक्त लाभ यह है कि ये पूरी अवधि के लिए लॉक हो जाते हैं। इमरजेंसी फंड और अल्पकालिक जरूरतों के लिए एफडी का हमेशा एक स्थान रहेगा। हालांकि, हालिया भू-राजनीतिक तनाव जारी रहने पर ब्याज दरें बढ़ने की चिंता हो सकती है, जिसका बॉन्ड पर विपरीत प्रभाव पड़ेगा। इसलिए निवेश का कोई भी फैसला लेने से पहले हमेशा किसी वित्तीय सलाहकार से सलाह लें।

आपको कब और क्यों यहां आना चाहिए?
सेवानिवृत्त लोगों के लिए: 
अगर आप चाहते हैं कि अगले 10-20 साल तक आपकी मासिक आय कम न हो, तो आज की ऊंची दरों पर सरकारी कागजों को ‘लॉक’ कर देना सबसे बुद्धिमानी है।
बड़े निवेशकों के लिए: अगर बैंक में आपका पैसा पांच लाख की बीमा सीमा से बहुत ज्यादा है, तो सुरक्षा के लिहाज से सरकारी कागज बैंक से कहीं बेहतर हैं।
भविष्य के लक्ष्यों के लिए: बच्चों की पढ़ाई या शादी के लिए जो पैसा 5-10 साल बाद चाहिए, उसे सरकारी बॉन्ड में रखना सुरक्षित और फायदेमंद है।

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