आज दुनियाभर में जल दिवस के रूप में मनाया जा रहा है और इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जनता को शुभकामनाएं दी। उन्होंने जोर देकर कहा कि पानी केवल जीवन का आधार नहीं, बल्कि पृथ्वी के भविष्य को आकार भी देता है। पीएम मोदी ने सभी लोगों से अपील की कि हर बूंद की कीमत समझना हमारी जिम्मेदारी है और इसे बचाना हर नागरिक का कर्तव्य है। उन्होंने कहा कि आज का दिन उन लोगों को भी सलाम करने का अवसर है, जो सतत प्रथाओं, जागरूकता और संरक्षण के लिए दिन-रात मेहनत कर रहे हैं।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर किए पोस्ट में पीएम मोदी ने लिखा कि विश्व जल दिवस पर आइए हम हर एक बूंद पानी को बचाने और जिम्मेदारी से इस्तेमाल करने का संकल्प दोहराएं। उन्होंने जनता से अपील की कि जल का सुरक्षित, जिम्मेदारी और सतत तरीके से इस्तेमाल करें। पीएम मोदी ने अपने पोस्ट में इस बात पर भी जोर दिया कि आज का दिन उन लोगों को सम्मानित करने का भी अवसर है, जो सतत् प्रथाओं को अपनाते हैं, जागरूकता फैलाते हैं और संरक्षण की संस्कृति को बढ़ावा देते हैं।
विश्व जल दिवस क्यों मनाया जाता है?
संयुक्त राष्ट्र के अनुसार, विश्व जल दिवस का मुख्य उद्देश्य सतत विकास लक्ष्य 6 को पूरा करना है, जिसका मकसद 2030 तक सभी के लिए सुरक्षित जल और स्वच्छता सुनिश्चित करना है। इस साल के विश्व जल दिवस अभियान में महिलाओं को पानी से जुड़े फैसलों में समान अधिकार, नेतृत्व और अवसर देने की जोरदार मांग की गई है। अभियान का उद्देश्य समाज में जल संरक्षण और समान भागीदारी की संस्कृति को बढ़ावा देना है।
22 मार्च को मनाया जाता है विश्व जल दिवस
बता दें कि विश्व जल दिवस हर साल 22 मार्च को मनाया जाता है। इसका मुख्य उद्देश्य लोगों में पानी के महत्व के प्रति जागरूकता फैलाना और जल संरक्षण की आदतें बढ़ाना है। दुनिया में बहुत सारे लोग अभी भी साफ पानी और स्वच्छता के अभाव में जूझ रहे हैं, और जल संसाधन लगातार घट रहे हैं।
संयुक्त राष्ट्र ने 1993 में यह दिन घोषित किया था ताकि-
- पानी का सही इस्तेमाल और संरक्षण को बढ़ावा दिया जा सके।
- लोग सतत जल प्रबंधन और स्वच्छता के महत्व को समझें।
- जल संकट और पानी से जुड़े पर्यावरणीय मुद्दों पर वैश्विक ध्यान खींचा जा सके।
- सरकारें और समाज मिलकर सभी के लिए सुरक्षित जल सुनिश्चित करने के उपाय करें।









