ईरान में जारी बमबारी, खाड़ी देश ट्रंप से नाराज, ईरानी विदेश मंत्री ने एस जयशंकर से की बातचीत

Spread the love

श्चिम एशिया में तनाव अभी भी बरकरार है। ईरान ने इस्राइल, अमेरिकी सैन्य ठिकानों और क्षेत्र के कई देशों पर मिसाइल और ड्रोन हमलों की नई लहर शुरू कर दी। युद्ध शुरू होने के बाद अब तक ईरान में1332 लोगों की मौत, लेबनान में 100 से ज्यादा और इस्राइल में करीब एक दर्जन लोगों की जान जा चुकी है।

 

ईरान के विदेश मंत्री ने भारत और श्रीलंका के विदेश मंत्रियों से की फोन पर बातचीत

ईरान के विदेश मंत्रालय ने बताया कि ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने भारत और श्रीलंका के विदेश मंत्रियों से अलग-अलग फोन पर बातचीत की। इस दौरान उन्होंने भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर और श्रीलंका के विदेश मंत्री विजिता हेराथके साथ क्षेत्र में हाल ही में हुए घटनाक्रम और दोनों देशों के बीच संबंधों पर चर्चा की।  बातचीत के दौरान ईरान के विदेश मंत्री ने हाल के दिनों में अमेरिका और इस्राइल की कार्रवाइयों को ईरान के खिलाफ सैन्य आक्रामकता बताया। उन्होंने कहा कि दुनिया के देशों को अमेरिका के इन घटनाओं की कड़ी निंदा करनी चाहिए।

 

कतर ने बहरीन में अपने नौसैनिकों के घरों पर ईरानी हमले की निंदा की

कतर ने कहा है कि बहरीन में उन इमारतों पर ईरान ने हमला किया, जहां कतर अमीरी नौसेना बलों के कर्मचारी मौजूद थे। कतर के विदेश मंत्रालय ने शुक्रवार को जारी एक बयान में बताया कि बहरीन में जिन इमारतों को निशाना बनाया गया, वे गल्फ कोऑपरेशन काउंसिल (GCC) की संयुक्त सैन्य कमान के तहत आती हैं।

दोहा ने इस घटना को खुला आक्रामक हमला बताया और कहा कि यह बहरीन की संप्रभुता का उल्लंघन है। क़तर के अनुसार इस तरह की कार्रवाई क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए भी खतरा पैदा कर सकती है। विदेश मंत्रालय ने यह भी कहा कि हमले के समय इमारतों में मौजूद क़तरी सैन्य कर्मी सुरक्षित हैं और किसी के घायल होने की खबर नहीं है।

और पढ़े  सुखोई हादसा- दोनों पायलट बलिदान, जोरहाट एयरबेस से उड़ान भरने के बाद लड़ाकू विमान हुआ था लापता

ईरान हमलों पर चेतावनी न मिलने से कुछ खाड़ी देश ट्रंप से नाराज

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का प्रशासन खाड़ी देशों के सहयोगियों की बढ़ती नाराजगी का सामना कर रहा है। उन्होंने शिकायत की है कि अमेरिका और इस्राइल के हमलों के जवाब में उन्हें अपने देशों पर हुए ईरानी ड्रोन और मिसाइलों हमलों के लिए तैयारी के लिए पूरा वक्त नहीं दिया गया।

दो खाड़ी देशों के अधिकारियों ने कहा कि उनके देशों को हमलों का जवाब देने के लिए वक्त नहीं मिला, क्योंकि ट्रंप ने उन्हें संयुक्त अमेरिका-इस्राइली ऑपरेशन की पहले से सूचना नहीं दी। खाड़ी देशों ने पहले ही चेतावनी दी थी कि ईरान पर हमला पूरे क्षेत्र के लिए गंभीर नतीजे ला सकता है, लेकिन उनकी चेतावनियों को नजरअंदाज किया गया। एक अधिकारी ने कहा कि क्षेत्र में यह धारणा बन रही है कि अमेरिकी सेना ने मुख्य रूप से इस्राइल और अपने सैनिकों की रक्षा पर ध्यान दिया, जबकि खाड़ी देशों को खुद बचाव करना पड़ा। उनके मुताबिक, इंटरसेप्टर मिसाइलों का भंडार तेजी से कम हो रहा है। सीएनएन ने पूर्व सऊदी खुफिया प्रमुख प्रिंस तुर्की अल-फैसल के हवाले से कहा कि यह मूलतः बेंजामिन नेतन्याहू का युद्ध है, जिन्होंने ट्रंप को इसका समर्थन करने के लिए राजी किया। हालांकि, इस मसले पर सऊदी अरब, कुवैत और बहरीन की सरकारों ने बोलने इन्कार किया। वहीं व्हाइट हाउस प्रवक्ता एना केली ने कहा कि ऑपरेशन एपिक फ्यूरी के कारण ईरान के मिसाइल हमले 90 फीसदी तक कम हो गए हैं। वहीं, अमेरिकी रक्षा अधिकारियों ने भी माना कि ईरान के शाहेद ड्रोन की लहरों को रोकना मुश्किल हो रहा है। युद्ध शुरू होने के बाद से ईरान ने खाड़ी देशों पर लगभग 380 मिसाइलें और 1,480 ड्रोन दागे हैं, जिनसे कम से कम 13 लोगों की मौत हुई।

और पढ़े  नई नियुक्तियां- बिहार समेत 9 राज्यों में बदलाव, राष्ट्रपति ने इन्हें नियुक्त किया राज्यपाल-उपराज्यपाल

Spread the love
  • Related Posts

    असम- 2 साल तक हिरासत में रहने वाली विदेशी महिला को मिली भारत की नागरिकता, कौन हैं दीपाली दास?

    Spread the love

    Spread the love  नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) के लागू होने के बाद असम के कछार जिले में दो साल तक नजरबंदी में रहने के बाद एक महिला को भारतीय नागरिकता…


    Spread the love

    सुंदर पिचाई- गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई की सैलरी में छप्परफाड़ इजाफा, मिलेंगे ₹6361 करोड़

    Spread the love

    Spread the loveटेक जगत से एक बड़ी खबर सामने आई है और इस खबर ने तकनीक की दुनिया में हलचल मचा दी है। गूगल की मूल कंपनी अल्फाबेट ने अपने सीईओ…


    Spread the love