रिजिजू का विपक्ष पर आरोप- ‘कांग्रेस के 20-25 सांसद ओम बिरला के कक्ष में गए और उन्हें गालियां दीं’

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लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के खिलाफ विपक्ष की तरफ से लाए गए अविश्वास प्रस्ताव के बीच केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कांग्रेस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के कई सांसद स्पीकर के कक्ष में गए और उनके साथ गाली गलौज की। रिजिजू के अनुसार, इस घटना से स्पीकर ओम बिरला बहुत आहत हैं। पत्रकारों से बात करते हुए रिजिजू ने कहा कि उन्होंने खुद इस विषय पर लोकसभा अध्यक्ष से बातचीत की है।

 

उन्होंने बताया कि करीब 20-25 कांग्रेस सांसद स्पीकर के कक्ष में पहुंचे और उनके साथ गाली गलौज की। रिजिजू ने यह भी दावा किया कि जब यह हो रहा था कि उस समय कांग्रेस के वरिष्ठ नेता प्रियंका गांधी और केसी वेणुगोपाल भी वहां मौजूद थे और इसका विरोध करने के जगह अपने सांसदों को और उकसा रहे थे।

सदन में बोलने को लेकर विवाद पर क्या बोले रिजिजू
रिजिजू ने सदन में बोलने को लेकर हुए विवाद का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि स्पीकर ने एक फैसला दिया था, लेकिन उसका पालन नहीं किया गया। उनके मुताबिक, राहुल गांधी ने कहा कि उन्हें बोलने के लिए किसी की अनुमति की जरूरत नहीं है और वे अपनी इच्छा से बोलेंगे। इस पर रिजिजू ने कहा कि संसद में नियम बहुत साफ हैं, बिना अध्यक्ष की अनुमति कोई भी सदस्य नहीं बोल सकता।

उन्होंने यह भी कहा कि यहां तक कि प्रधानमंत्री भी तभी बोलते हैं जब अध्यक्ष अनुमति देते हैं। हर सदस्य को नियमों का पालन करना होता है। उन्होंने कहा कि स्पीकर का स्वभाव बहुत शांत है, वरना इस तरह की घटना पर सख्त कार्रवाई हो सकती थी।

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लोकसभा अध्यक्ष को हटाने पर कांग्रेस का प्रस्ताव
बता दें कि यह पूरा विवाद उस समय सामने आया है जब कांग्रेस ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को हटाने के लिए अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस दिया है। लोकसभा सचिवालय के सूत्रों के अनुसार, इस प्रस्ताव पर चर्चा बजट सत्र के दूसरे चरण के पहले दिन यानी 9 मार्च को हो सकती है।

सूत्रों ने यह भी बताया कि विपक्ष द्वारा दिए गए अविश्वास प्रस्ताव के नोटिस में कुछ कमियां पाई गई हैं। बताया जा रहा है कि नोटिस में फरवरी 2025 की घटनाओं का चार बार उल्लेख किया गया है, जो नियमों के अनुसार तकनीकी आपत्ति का कारण बन सकता था। हालांकि, स्पीकर ने लोकसभा सचिवालय को निर्देश दिया है कि नोटिस में जो भी कमियां हैं, उन्हें ठीक कराया जाए और आगे की प्रक्रिया पूरी की जाए।


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