पाकिस्तान ने 7 भारतीय बंदियों को वापस भेजा, ढाई साल बाद अटारी-वाघा सीमा पर बीएसएफ को सौंपा

Spread the love

रीब ढाई साल पहले बाढ़ के दौरान पाकिस्तान जा पहुंचे सात भारतीयों को पाकिस्तान ने वापस लौटा दिया है। वापसी की यह कार्यवाही कल अटारी -वाघा सीमा पर हुई। अटारी सीमा पर प्रोटोकॉल अधिकारी अरुण महल ने बताया कि पाकिस्तान की ओर से सात कैदियों की रिहाई का आदेश आज भारत और पाकिस्तान दोनों को मिल गया था। पाकिस्तानी रेंजर्स ने सातों कैदियों को बीएसएफ को सौंप दिया।

 

वहां से उन्हें औपचारिकताओं को पूरा करने के लिए सीमा शुल्क और आव्रजन कार्यालय लाया गया। इन सात नागरिकों में से चार फिरोजपुर जिले के, एक जालंधर का, एक लुधियाना का और एक उत्तर प्रदेश का है। ये सभी 2023 की बाढ़ के दौरान अपने जानवरों को बचाने की कोशिश में बहकर पाकिस्तान चले गए थे।

पाकिस्तान से रिहा हुए एक भारतीय नागरिक ने कहा कि मेरे गांव में पुल गिरने के बाद तेज पानी के बहाव के कारण मैं पाकिस्तान चला गया। पाकिस्तानी अधिकारियों ने मेरे खिलाफ जानबूझकर सीमा पार करने का आरोप लगाते हुए मामला दर्ज किया। मैं तीन महीने तक पाकिस्तानी जेल में रहा… उन्होंने हमें पीटा। पाकिस्तान में अन्य भारतीय कैदी भी हैं। उनकी शारीरिक हालत बहुत अच्छी नहीं है। कुछ के पैर खराब हैं, जबकि कुछ अंधे हैं। मैं सरकार से उन्हें भी वापस लाने का आग्रह करता हूं।

 

पाकिस्तान से रिहा हुए एक भारतीय नागरिक ने कहा कि मैं तीन महीने तक पाकिस्तानी जेल में रहा। पाकिस्तानी जेलों में और भी भारतीय हैं। उन्हें वापस लाया जाना चाहिए। वहां एक मानसिक अस्पताल में 18 भारतीय भर्ती हैं। उन्होंने हमें पीटा। मैं 28 दिन रिमांड पर रहा।

और पढ़े  राजनीति में हलचल: जगतार हवारा को पैरोल की सिफारिश कर आप ने चलाया चुनावी बाण, क्या होगा असर?

Spread the love
  • Related Posts

    ऑनलाइन गेमिंग में नुकसान के बाद तीन दोस्तों ने पी लिया जहर, दो की मौत, तीसरे की हालत खतरे से बाहर

    Spread the love

    Spread the loveपंजाब के नवांशहर के गढ़ पधाना गांव में ऑनलाइन गेमिंग में नुकसान के बाद तीन दोस्तों के जहरीला पदार्थ निगलने का मामला सामने आया है। घटना में दो…


    Spread the love

    निजी स्कूलों में स्क्रीन टाइम तय, अब बोर्ड पर ही पढ़ाएंगे गुरु जी, जिला प्रशासन तैयार कर रहा गाइडलाइन

    Spread the love

    Spread the loveनोएडा और ग्रेटर नोएडा के निजी स्कूल बच्चों को अधिक देर तक स्क्रीन के माध्यम से नहीं पढ़ा सकेंगे। उन्हें बोर्ड का प्रयोग करना होगा। इस संबंध में जिला…


    Spread the love